Table of Contents
Ornamental Plants यानी सजावटी पौधों की नर्सरी का बिज़नेस कम निवेश में व्यवसाय का अच्छा विकल्प है। खासौतर पर शहरी क्षेत्र के लिए, क्योंकि घर सजाने के लिए इस तरह के पौधों की मांग बहुत अधिक होती है। सजावटी पौधों की नर्सरी बनाने का काम सिर्फ़ बड़े शहरों ही नहीं छोटे शहरों में भी खूब फल-फूल रहा है। किसान ऑफ़ इंडिया के संवाददता सोमेश सिंह छत्तीसगढ़ के रायपुर के धरमपुरा पहुंचे और वहां उन्होंने नर्सरी केयरटेकर खिलावन साहू से बात की जो सजावटी पौधों की नर्सरी की देखभाल करते हैं। खिलावन साहू ने बताया कि कैसे सिर्फ़ 1.5 से 2 लाख रुपए में कोई नर्सरी बिज़नेस तैयार कर सकता है और कैसे वो अपनी नर्सरी में पौधे तैयार करते हैं।
बाहर से मंगाते हैं पौधे
खिलावन साहू जो एक नर्सरी केयरटेकर है वो बताते हैं कि उनकी नर्सरी में ज़्यादातर सजावटी पौधे बाहर से मंगाए जाते हैं, हालांकि कुछ पौधे वो कलम से भी तैयार करते हैं। कई बार बाहर से लाए पौधों को कलम करके नए पौधे तैयार करने की कोशिश की जाती है, यदि वो सफ़ल हो जाती है तो फिर बाहर से वो पौधे नहीं मंगाते हैं। जो पौधे कलम से तैयार नहीं किए जा सकते वो पौधे हमेशा बाहर से ही मंगाने पड़ते हैं। वो बताते हैं कि Crinum Lily, Bougainvillea, एरिका पाम जैसे पौधों को बाहर से ही लाना पड़ता है।
किन पौधों की मांग ज़्यादा होती है?
सजावटी पौधों में कुछ पौधे ऐसे हैं जिन्हें लोग ज़्यादा पसंद करते हैं और उनकी मांग अधिक होती है। खिलावन साहू बताते हैं कि उनके इलाके में चंपा, एरिका पाम, crinum lily, ficus plant आदि की मांग ज़्यादा है। ये सभी पौधे कलम से तैयार नहीं किए जा सकते हैं। वो बताते हैं कि कुछ सजावटी पौधों को खास देखभाल की ज़रूरत नहीं पड़ती है, जबकि कुछ पौधे ऐसे भी हैं जिन्हें ज़्यादा देखभाल की ज़रूरत पड़ती है जैसे – मदार, ficus, रायडन मिर्ची, एकेशिया आदि।
कुछ बातों का रखें ध्यान
खिलावन साहू कहते हैं कि पौधों के अच्छे विकास के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। सबसे पहले तो गर्मी के मौसम में नियमित रूप से पानी डालना ज़रूरी है। उसके बाद खाद और कीटनाशक भी समय पर दिया जाना चाहिए। हर 15 दिन पर खाद डालना होता है और गुड़ाई करनी होती है। इसमें गोबर खाद, यूरिया और डीएपी डाला जाता है। साथ ही कीटों से बचाव के लिए कीटनाशक भी डालना ज़रूरी है।
होम गार्डन और पार्क बनाते हैं
खिलावन साहू कहते हैं कि उनकी नर्सरी से एक-दो पौधे नहीं बेचे जाते हैं, बल्कि वो लोग किसी के घर पर जाकर गार्डन तैयार करने या पार्क बनाने का कॉन्ट्रैक्ट लेते हैं। क्योंकि इस काम में एक साथ ढेर सारे पौधे बिक जाते हैं और उन्हें अच्छी आमदनी होती है।
2 लाख से कम में शुरू कर सकते हैं नर्सरी
खिलावन साहू कहते हैं कि यदि कोई पौधों की नर्सरी का व्यवसाय शुरू करना चाहता है, तो मात्र 1.5 से 2 लाख की लागत में ये काम शुरू कर सकता है। बाद में मदर प्लांट से ढेर सारे पौधे बनाकर ये कलम से पौधे लगाकर इस लागत को और कम कर सकते हैं। आगे वो सलाह देते हैं कि शुरूआत में बाहर से पौधे मंगाते समय इस बात ध्यान रखना चाहिए को वो अच्छी गुणवत्ता वाले हों और ट्रांसपोर्टेशन में उन्हें किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।
इसे भी पढ़िए: Is The Milk Real Or Fake?: सुबह की चाय से लेकर बच्चों के गिलास तक दूध की शुद्धता पहचानने के 3 आसान घरेलू टेस्ट

