Betel leaf development scheme से किसानों को नई उम्मीद, आय बढ़ाने का बड़ा मौका

योजना के प्रचार-प्रसार के लिए उद्यान विभाग की टीम लगातार गांवों में जाकर किसानों से संवाद कर रही है। इस दौरान किसानों को योजना की विस्तृत जानकारी दी जा रही है

Betel leaf development scheme: बिहार सरकार किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए “पान विकास योजना” को एक बार फिर सक्रिय रूप से लागू कर रही है। उद्यान निदेशालय के सहयोग से चलाई जा रही इस योजना के तहत पान उत्पादक किसानों को 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे उनकी लागत कम होने के साथ-साथ आय में भी बढ़ोतरी की संभावना है।

इस योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल निर्धारित की गई है। विशेष रूप से पान की खेती करने वाले किसानों को इस योजना से जोड़ने के लिए प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

100 वर्ग मीटर पर ₹12,500 की सहायता

सोनपुर प्रखंड के उद्यान पदाधिकारी राजेश कुमार सिंह के अनुसार, योजना के अंतर्गत 100 वर्ग मीटर क्षेत्र में पान की खेती करने के लिए आवेदन करने वाले किसानों को लगभग 12,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि कुल 25,000 रुपये की लागत का 50 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य पारंपरिक पान की खेती को आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़कर किसानों को अधिक लाभ दिलाना है।

जागरूकता अभियान से बढ़ी किसानों की रुचि

योजना के प्रचार-प्रसार के लिए उद्यान विभाग की टीम लगातार गांवों में जाकर किसानों से संवाद कर रही है। इस दौरान किसानों को योजना की विस्तृत जानकारी दी जा रही है, जिससे उनकी भागीदारी बढ़ रही है। किसानों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे आर्थिक रूप से मददगार बताया।

किसानों की प्रतिक्रिया

स्थानीय किसान कृष्ण भगत का कहना है कि इस योजना से उन्हें बेहतर उत्पादन करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। वहीं अन्य किसानों ने भी इस योजना में रुचि दिखाई है, लेकिन साथ ही बढ़ती महंगाई को देखते हुए सहायता राशि में वृद्धि की मांग भी की है।

पारंपरिक खेती को मिल रहा बढ़ावा

गौरतलब है कि बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य में पहले खेती मुख्यतः जीविकोपार्जन तक सीमित थी, लेकिन अब सरकार के प्रयासों से किसानों का रुझान व्यावसायिक खेती की ओर बढ़ रहा है। सारण जिले के सोनपुर, मांझी, छपरा और परसा जैसे क्षेत्रों में पान की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

इसके साथ ही किसान पान के साथ अन्य फसलों की खेती कर आय के स्रोतों को विविध बना रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

“पान विकास योजना” न केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम बन रही है, बल्कि पारंपरिक कृषि को पुनर्जीवित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यदि समय पर आवेदन और सही तरीके से योजना का लाभ लिया जाए, तो यह पहल किसानों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार साबित हो सकती है।

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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