आंध्र प्रदेश का बड़ा ऐलान: अब बनेगा देश का सबसे बड़ा Aqua Hub, छह शहरों को जोड़ेगा स्पेशल कॉरिडोर

सीएम नायडू ने इस मौके पर एक और बड़ी घोषणा की है। ‘आंध्र श्रिम्प, इंडिया सीफूड’ (‘Andhra Shrimp, India Seafood’) ब्रांड को बढ़ावा दिया जाएगा। यानी अब भारतीय समुद्री उत्पादों की ग्लोबल मार्केट में एक अलग पहचान होगी।

समुद्री उत्पादों (Marine products) के क्षेत्र में आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) अब एक नई क्रांति लिखने जा रहा है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए ‘एक्वा कॉरिडोर’ (Aqua Corridor) बनाने की घोषणा की है, जो राज्य के छह प्रमुख शहरों  जिसमें अमरावती, भीमवरम, काकीनाडा, विशाखापट्टनम, कृष्णपट्टनम और नेल्लोर शामिल है, को आपस में जोड़ेगा।

क्यों ख़ास है ये एक्वा कॉरिडोर?

यह सिर्फ एक सड़क या रेल लाइन नहीं होगी, बल्कि एक पूरा इकोसिस्टम (Aqua Hub) तैयार किया जाएगा। यानी यहां पर एक साथ होंगे:

  • रिसर्च संस्थान

  • स्टार्टअप और इनोवेशन सेंटर

  • आधुनिक प्रोसेसिंग यूनिट

  • कोल्ड स्टोरेज और एक्सपोर्ट फैसिलिटी 

सरकार का मानना है कि इससे आंध्र प्रदेश पूरे देश का सबसे बड़ा और आधुनिक एक्वाकल्चर हब बन जाएगा।

क्यों ज़रूरी था ये कदम?

आंध्र प्रदेश पहले से ही मछली और झींगा उत्पादन (Fish and shrimp production) में देश के टॉप स्टेट्स में शामिल है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कड़ां कंपटीशन  है। थाईलैंड, वियतनाम और इक्वाडोर जैसे देश भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में क्वालिटी, प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग में सुधार करना बेहद जरूरी था।

मुख्यमंत्री नायडू ने खुद कहा कि तकनीक और अनुसंधान के बेहतर इस्तेमाल से ही उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ क्वालिटी भी सुधारी जा सकती है।

नया ब्रांड: ‘आंध्र श्रिम्प, इंडिया सीफूड’

सीएम नायडू ने इस मौके पर एक और बड़ी घोषणा की है। ‘आंध्र श्रिम्प, इंडिया सीफूड’ (‘Andhra Shrimp, India Seafood’) ब्रांड को बढ़ावा दिया जाएगा। यानी अब भारतीय समुद्री उत्पादों की ग्लोबल मार्केट में एक अलग पहचान होगी। एक मजबूत ब्रांड से न केवल निर्यात बढ़ेगा, बल्कि किसानों और मछली पालकों को भी उनके उत्पाद का सही दाम मिलेगा।

रोज़गार के लाखों अवसर

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह एक्वा कॉरिडोर पूरी तरह से साकार होता है, तो इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। ख़ासकर तटीय इलाकों के युवाओं के लिए यह सुनहरा अवसर होगा। मछली पालन से लेकर प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स, कोल्ड चेन और निर्यात तक, हर स्तर पर नौकरियां पैदा होंगी।

सरकार की पूरी तैयारी

इस पूरी योजना को सफल बनाने के लिए सरकार ने कोल्ड चेन नेटवर्क को मजबूत करने का भी फैसला किया है। आधुनिक प्रोसेसिंग सुविधाएँ लगाई जाएँगी, ताकि समुद्री उत्पाद अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरे उतर सकें।

ये दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला कॉमर्स मंत्रालय और मत्स्य पालन मंत्रालय के सहयोग से आयोजित की गई है, जिसमें देशभर के विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और निर्यातक शामिल हो रहे हैं।

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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