11 एकड़ में आम की 15 प्रजातियां, किसानों ने कमाया लाखों का मुनाफ़ा

किसान प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि आम के बाग के बीच खाली जमीन का उपयोग कर हल्दी, अदरक और जिमीकंद जैसी फसलों की खेती भी की जा रही है।

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के भरतपुर क्षेत्र में किसानों ने वैज्ञानिक और आधुनिक खेती अपनाकर एक नई मिसाल पेश की है। आम की उन्नत किस्मों और मल्टी क्रॉपिंग तकनीक के जरिए यहां के किसान न सिर्फ अपनी आय बढ़ा रहे हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

वैज्ञानिक खेती से बदली तस्वीर

भाटापारा विकासखंड के भरतपुर क्षेत्र के किसान प्रदीप अग्रवाल और प्रत्योत अग्रवाल ने पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक बागवानी को अपनाया। उन्होंने 11 एकड़ भूमि में आम की 15 से अधिक उन्नत प्रजातियों के करीब 1500 पौधे लगाए हैं। बेहतर देखभाल और वैज्ञानिक तकनीकों के चलते उनके बाग में उच्च गुणवत्ता के आम का उत्पादन हो रहा है, जिसकी मांग राज्य के बाहर भी बढ़ रही है।

11 एकड़ में आम की 15 प्रजातियां, किसानों ने कमाया लाखों का मुनाफ़ा
Pic credit: SHABD

मल्टी क्रॉपिंग से बढ़ी अतिरिक्त आय

किसान प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि आम के बाग के बीच खाली जमीन का उपयोग कर हल्दी, अदरक और जिमीकंद जैसी फसलों की खेती भी की जा रही है। इस बहु-फसली पद्धति से उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है और खेती का जोखिम भी कम हो गया है।

सरकारी योजनाओं और मार्गदर्शन का मिला लाभ

किसान प्रत्योत अग्रवाल के अनुसार, वे कृषि विज्ञान केंद्र भाटापारा और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में वैज्ञानिक खेती कर रहे हैं। शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने अपनी खेती को आधुनिक बनाया है। उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें राज्य स्तर पर सम्मान भी मिल चुका है।

11 एकड़ में आम की 15 प्रजातियां, किसानों ने कमाया लाखों का मुनाफ़ा
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विशेषज्ञों ने सराहा प्रयास

कृषि विज्ञान केंद्र भाटापारा के प्रमुख एवं वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. अंगद राजपूत का कहना है कि फलदार बागवानी किसानों के लिए आय का बेहतर विकल्प बन सकती है। उन्होंने बताया कि नियमित देखभाल, संतुलित उर्वरक और समय पर दवा छिड़काव से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है।

अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा स्रोत

भरतपुर के इन किसानों की सफ़लता अब आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चा का विषय बन गई है। अन्य किसान भी उनसे प्रेरित होकर आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। भरतपुर के किसानों ने यह साबित कर दिया है कि सही जानकारी, वैज्ञानिक सोच और मेहनत के बल पर खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है। यह मॉडल आज के किसानों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है।

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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