एमआईडीएच (मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर) परियोजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण, पौधे और तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है।
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गोमती जिले में आम की खेती को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही एमआईडीएच परियोजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। हाबिल मिया और सिराजुल इस्लाम जैसे किसानों की सफलता ने आय बढ़ाने की नई राह दिखाई है।
आम की खेती से बदल रही किसानों की तस्वीर
गोमती जिले में कृषि विभाग द्वारा आम की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई पहल अब जमीन पर असर दिखाने लगी है। आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं के सहारे किसान न केवल उत्पादन बढ़ा रहे हैं, बल्कि उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। “आम की खेती का क्षेत्रफल विस्तार” परियोजना के तहत जिले में बागवानी को नई दिशा दी जा रही है।
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एमआईडीएच परियोजना से मिल रहा मजबूत सहारा
एमआईडीएच (मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर) परियोजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण, पौधे और तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर बागवानी आधारित खेती की ओर प्रेरित करना है, जिससे उनकी आय में स्थायी वृद्धि हो सके।
हाबिल मिया की सफ़लता बनी प्रेरणा
कंकरबन ब्लॉक के दुधपुष्करिणी ग्राम पंचायत के निवासी हाबिल मिया इस बदलाव का जीता-जागता उदाहरण हैं। उन्होंने सरकारी सहायता और प्रशिक्षण के माध्यम से 1 हेक्टेयर भूमि पर आम की खेती शुरू की। उनकी बगिया में लगभग 650 आम के पेड़ लगाए गए हैं, जो अब अच्छी पैदावार देने लगे हैं।
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बहु-फसली खेती से बढ़ा मुनाफ़ा
हाबिल मिया केवल आम की खेती तक सीमित नहीं हैं। वे अपनी भूमि पर अनानास, केला और कटहल जैसी फसलें भी उगा रहे हैं। इस बहु-फसली मॉडल ने उनकी आय के स्रोत को विविध बनाया है, जिससे उन्हें साल भर आमदनी सुनिश्चित हो रही है।
सौर ऊर्जा से सिंचाई, लागत में कमी
हाबिल मिया को पीएम कुसुम योजना के तहत सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई संयंत्र भी मिला है। इससे न केवल बिजली पर होने वाला खर्च कम हुआ है, बल्कि सिंचाई की सुविधा भी सुगम और सस्ती हो गई है। यह पहल खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बना रही है।
अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत
हाबिल मिया और सिराजुल इस्लाम जैसे किसानों की सफलता ने गोमती जिले के अन्य किसानों को भी आम की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया है। कृषि विभाग की योजनाओं और तकनीकी मार्गदर्शन से जिले में बागवानी का दायरा तेजी से बढ़ रहा है।
आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बढ़ते कदम
गोमती जिले में आम की खेती को बढ़ावा देने की यह पहल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है। यदि इसी तरह योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जारी रहा, तो आने वाले समय में यह क्षेत्र बागवानी उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।