यूपी सरकार का किसानों को तोहफा: सीधे खातों में आएंगे प्राकृतिक आपदाओं से बर्बाद हुई फसलों की क्षतिपूर्ति रकम

 प्रदेश की योगी सरकार ने साल 2017-18 से लेकर वर्ष 2025-26 तक, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को अब तक कुल 5,755.68 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दे दी है। ये राशि 67.86 लाख किसानों के खातों में सीधे भेजी गई है।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (Uttar Pradesh’s Yogi Adityanath Government) ने किसानों के प्रति अपनी संवेदनशीलता एक बार फिर साबित कर दी है। 4 मई 2026 को सरकार 122.28 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि सीधे प्रभावित किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर करेगी। ये राहत उन किसानों को दी जा रही है, जिनकी फसलें खरीफ 2025 और रबी 2025-26 सीज़न (Crops: Kharif 2025 and Rabi 2025-26 Seasons) में प्राकृतिक आपदाओं की वजह से बर्बाद (Compensation for crops destroyed by natural disasters) हो गई थीं।

किसानों के लिए संजीवनी बनी ये राशि

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Prime Minister’s Crop Insurance Scheme) के तहत मिलने वाली ये क्षतिपूर्ति किसानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। निदेशक कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा, सुमिता सिंह के मुताबिक, खरीफ 2025 सीजन की कुल 730.04 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति में से 624.88 करोड़ रुपये पहले ही दे दिए गए हैं। अब बचे हुए 105.16 करोड़ रुपये 4 मई को जारी कर दिये गये हैं। वहीं रबी 2025-26 सीज़न की बकाया 17.11 करोड़ रुपये की राशि भी इसी दिन किसानों के खातों में डाली जाएगी।

2017 से 2026 तक का Analysis: क्या कहते हैं आंकड़े?

खबरों के मुताबिक, प्रदेश की योगी सरकार ने साल 2017-18 से लेकर वर्ष 2025-26 तक, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को अब तक कुल 5,755.68 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दे दी है। ये राशि 67.86 लाख किसानों के खातों में सीधे भेजी गई है। यानी पिछले करीब 9 सालों में प्रति किसान औसतन लगभग 8,500 रुपये की मदद पहुंची है। ये आंकड़ा बताता है कि सरकार ने बिचौलियों को खत्म करके पैसा सीधा हकदार तक पहुंचाया।

पहले भी हो चुका है बड़ा भुगतान

आपको बता दें कि इससे पहले 21 फरवरी, 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद ‘वन-क्लिक’ के जरिए 285 करोड़ रुपये की राशि 2.51 लाख किसानों को वितरित की थी। ये साफ संकेत है कि सरकार फसल बर्बादी के बाद किसानों को बिना देरी के राहत देने के लिए पूरी तरह एक्टिव है।

कितने प्रीमियम पर मिलती है ये सुविधा?

सुमिता सिंह के अनुसार, इस योजना के तहत किसानों को बेहद मामूली प्रीमियम पर बीमा कवर मिलता है:

1.खरीफ फसलों (धान, मक्का, बाजरा, सोयाबीन, मूंगफली आदि) के लिए: बीमा राशि का मात्र 2 फीसदी

2.रबी फसलों (गेहूं, जौ, चना, सरसों, आलू आदि) के लिए: बीमा राशि का 1.5 फीसदी

3.वार्षिक नकदी फसलों के लिए: अधिकतम 5 फीसदी

बाकी का प्रीमियम सेंटर्स और राज्य सरकार मिलकर वहन करती है। यानी किसान बहुत कम पैसा देकर बड़ी सुरक्षा पा सकता है।

कौन-कौन सी फसलें हैं कवर?

ये योजना ग्राम पंचायत स्तर (Gram Panchayat Level) पर चलती है। इसमें खरीफ की प्रमुख फसलें धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, उर्द, मूंग, अरहर, मूंगफली, सोयाबीन और तिल शामिल हैं। वहीं रबी में गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों, अलसी और आलू को बीमा कवर मिलता है। चुनिंदा 60 जनपदों में Restructured Weather-Based Crop Insurance Scheme भी चल रही है।

यूपी सरकार की ये पहल साबित करती है कि किसानों की पीड़ा को समझते हुए समय पर राहत पहुंचाना ही सरकार की प्राथमिकता है। 122 करोड़ रुपये की सीधी डीबीटी से हजारों परिवारों को एक नई उम्मीद मिलेगी। प्रभावित किसानों को सलाह है कि वे अपने खाते चेक करें और अगर कोई समस्या हो तो तुरंत नजदीकी कृषि विभाग से कॉन्टेक्ट करें।

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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