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पुलवामा के करिमाबाद क्षेत्र के एक शिक्षित युवक ने सरकार की होलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम (HADP) के तहत हाई-टेक फूलों की नर्सरी स्थापित कर उद्यमिता का एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। इस पहल को क्षेत्र में आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आधुनिक तकनीक से सुसज्जित पॉलीहाउस
युवा उद्यमी मुर्तज़ा ने अत्याधुनिक तकनीक से लैस पॉलीहाउस स्थापित किए हैं, जिनमें विभिन्न प्रकार के सजावटी और व्यावसायिक फूलों की खेती की जा रही है। इन पॉलीहाउस में नियंत्रित वातावरण के जरिए बेहतर उत्पादन और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है।
वैज्ञानिक और सतत खेती को बढ़ावा
यह पहल न केवल आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा दे रही है, बल्कि क्षेत्र में सतत और वैज्ञानिक खेती के प्रति किसानों का रुझान भी बढ़ा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रयास भविष्य में कृषि क्षेत्र को नई दिशा दे सकते हैं।
रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता
मुर्तज़ा के इस उद्यम से उन्हें स्वयं का रोज़गार तो मिला ही है, साथ ही कई स्थानीय युवाओं के लिए भी रोज़गार के अवसर पैदा हुए हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और युवाओं में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा बढ़ रही है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बना मॉडल
अपने अनुभव साझा करते हुए मुर्तज़ा ने कहा कि HADP जैसी सरकारी योजनाएं शिक्षित युवाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनने का सुनहरा अवसर देती हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सीमित सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय आधुनिक कृषि और उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाएं।
स्थानीय स्तर पर मिली सराहना
स्थानीय निवासियों और कृषि विशेषज्ञों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे दक्षिण कश्मीर के बेरोजगार युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बताया है। उनका कहना है कि पॉलीहाउस खेती और फ्लोरीकल्चर में आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं।
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