आंध्र प्रदेश की ताकत बनेगा 5.11 लाख करोड़ का ‘Large Credit Plan, NABARD ने किसानों और कारोबारियों को दी नई ताकत

NABARD ने साल 2026-27 के लिए 5.11 लाख करोड़ रुपये का Large Credit Plan बनाकर राज्य के विकास का नक्शा ही बदल दिया है। पिछले साल ये रकम 4.24 लाख करोड़ थी, यानी करीब 20 फीसदी का उछाल।

आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में खेती, बागवानी और छोटे कारोबार (Agriculture, Horticulture, and Small Businesses) को ऐसा बल मिलने जा रहा है कि सीधे गांवों में पैसा उतरेगा। NABARD ने साल 2026-27 के लिए 5.11 लाख करोड़ रुपये का Large Credit Plan बनाकर राज्य के विकास का नक्शा ही बदल दिया है। पिछले साल ये रकम 4.24 लाख करोड़ थी, यानी करीब 20 फीसदी का उछाल। ये प्लान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती में जारी किया और साफ कहा-अब पैसे को गांवों तक पहुंचना होगा।

खेती के लिए करीब 2.55 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान

इस प्लान में खेती व उससे जुड़े क्षेत्रों के लिए करीब 2.55 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है। यानी, हर दूसरा रुपया सीधे खेतों की मजबूती पर खर्च होगा।

आइए समझते हैं पूरा गणित:

  • फसल लोन (Crop Loan): किसानों को तुरंत पूंजी देने के लिए 1.66 लाख करोड़ रुपये।  
  • पशुपालन (Animal Husbandry): गाय-भैंस, डेयरी, पोल्ट्री के लिए 34,972 करोड़। 
  • मशीनीकरण (Farm Mechanization): ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और ड्रोन के लिए 8,265 करोड़। 

बागवानी और मछली पालन 

आंध्र प्रदेश मछली पालन में देश में अग्रणी है। यहां मत्स्य पालन के लिए 21,098 करोड़ अलग से हैं। साथ ही, बागवानी (फल-सब्जी, फूल) के लिए 11,961 करोड़।

ख़ास बात: इस में से 5,313 करोड़ रुपये सिर्फ रायलसीमा और प्रकाशम ज़िले के लिए हैं। सरकार का मानना है कि बागवानी से किसानों की कमाई दोगुनी की जा सकती है।

छोटे कारोबारियों के लिए सोने पे सुहागा

अगर आप MSME (Micro, Small, and Medium Enterprises) से जुड़े हैं, तो ये आपके लिए सुनहरा मौका है। प्लान में 1.64 लाख करोड़ रुपये सिर्फ MSME सेक्टर के लिए हैं। इससे ग्रामीण उद्योग, स्टार्टअप और दुकानदारों को सस्ता कर्ज मिलेगा।

बुनियादी ढांचें पर मेहनत 

अकेले कर्ज से काम नहीं चलता, बल्कि कोल्ड स्टोरेज, गोदाम, सिंचाई जैसे ढांचे भी जरूरी हैं। इसके लिए 9,957 करोड़ Agricultural Infrastructure पर खर्च होंगे। और दूसरे कृषि कामों के लिए 12,687 करोड़ अलग से रखे गए हैं।

क्या बोले मुख्यमंत्री?

चंद्रबाबू नायडू ने कहा, “बैंक और NABARD मिलकर बागवानी और मत्स्य पालन को बढ़ावा दें। भविष्य में किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए फल और सब्जियां हथियार बनेंगी।” उन्होंने बैंक अधिकारियों से हर गांव तक क्रेडिट पहुंचाने की अपील की।

 

इसे भी पढ़िए: Amazon ने भारतीय किसानों से 3 करोड़ डॉलर में ख़रीदा कार्बन क्रेडिट: क्या अब धान के खेत बनेंगे किसानों की आय का नया ज़रिया?

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top