Table of Contents
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Punjab Chief Minister Bhagwant Singh Mann) ने दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी (Union Minister of Food and Public Distribution, Pralhad Joshi) से मुलाकात कर राज्य के किसानों, आढ़तियों और मंडियों से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। इस मुलाकात में केंद्र सरकार ने पंजाब में पड़े 15.5 मिलियन मीट्रिक टन अनाज को उठाने के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने (Special Trains for Food Grains) की हरी झंडी दे दी। ये फैसला Rabi Season 2026-27 से पहले राज्य में उपजे भीषण भंडारण संकट को देखते हुए काफी अहम है।
गोदामों में पड़े हैं चावल और गेहूं
मुख्यमंत्री मान ने अपनी एक्स पोस्ट में बताया कि पंजाब के गोदामों में फिलहाल 151.20 लाख मीट्रिक टन चावल और 29.67 लाख मीट्रिक टन गेहूं पड़ा है। कुल मिलाकर राज्य में 183 लाख मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता है, जिसमें से महज 0.50 लाख टन चावल और 1.75 लाख टन गेहूं की जगह बची है। अब 1 अप्रैल 2026 से नए रबी सीजन की शुरुआत हो रही है, जिसमें करीब 130-132 लाख टन गेहूं की खरीद का अनुमान है। ऐसे में पुराने अनाज का न उठना नए सीजन के लिए संकट खड़ा कर रहा था।
हर महीने सिर्फ 5 लाख टन उठान, मांग 12 लाख टन की
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि पिछले कई महीनों से पंजाब से हर महीने औसतन सिर्फ 5 लाख मीट्रिक टन अनाज उठाया जा रहा है, जबकि ज़रूरत कम से कम 12 लाख टन प्रति माह की है। उन्होंने सुझाव दिया कि कोरोना काल की तरह PMGKAY के तहत Distribution of Food Grains बढ़ाया जाए ताकि गोदाम खाली हो सकें।
ओलावृष्टि से फसल नुकसान का मुआवजा और आढ़तियों की मांगें
मान सरकार ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुई फसलों की बर्बादी का मुआवजा देने, आढ़तियों (Arhtiyas) की लंबित मांगों को प्रायोरिटी देने और मंडी मजदूरों के EPF से जुड़े मसलों को जल्द सुलझाने की भी मांग की।
सभी मुद्दों पर बहुत पॉजिटिव रुख़’
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सभी मुद्दों पर बहुत सकारात्मक जवाब दिया। मान ने लिखा, ‘हम पंजाब के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और केंद्र सरकार के इस सहयोग से राज्य के किसानों, मजदूरों और आढ़तियों को बड़ी राहत मिलेगी।’
ये मुलाकात उस समय हुई है जब पंजाब में अनाज भंडारण का संकट गंभीर रूप ले चुका था। अब विशेष ट्रेनों के ज़रिए अनाज उठाने से नए सीजन की तैयारियों को गति मिलेगी और मंडियों में जगह बनेगी।

