सरकार का किसानों को तोहफा: Rabi 2026 के लिए चना, सरसों और दालों की ख़रीद को मंज़ूरी

सरकार ने अहम घोषणा करते हुए रबी सीजन 2026 (Rabi 2026) के लिए चना, सरसों और दालों (Gram, mustard and pulses) की सरकारी ख़रीद को मंजूरी दे दी है।

सरकार का किसानों को तोहफा: Rabi 2026 के लिए चना, सरसों और दालों की ख़रीद को मंज़ूरी

किसानों के लिए खुशख़बरी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Union Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan) ने अहम घोषणा करते हुए रबी सीजन 2026 (Rabi 2026) के लिए चना, सरसों और दालों (Gram, mustard and pulses) की सरकारी ख़रीद को मंजूरी दे दी है। ये फैसला किसानों की आमदनी को सुरक्षित करने और उन्हें उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 11 राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (National Agricultural Development Scheme) और agricultural advancement schemes  की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने सभी राज्यों से केंद्र की ओर से  दिए गए फंड का टाइम पर और सदुपयोग सुनिश्चित करने का आग्रह किया, क्योंकि 31 मार्च को financial year ख़त्म हो रहा है।

किस राज्य को कितनी राहत?

इस योजना के तहत किसानों की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ख़रीदा जाएगा। आइए जानते हैं किस राज्य के किसानों को कितना फायदा होगा-

  • चना (gram or chickpea): महाराष्ट्र में 7.61 लाख टन, मध्य प्रदेश में 5.80 लाख टन, राजस्थान में 5.53 लाख टन और गुजरात में 4.13 लाख टन चने की खरीद की मंजूरी दी गई है।
  • सरसों (Mustard): सरसों के मामले में राजस्थान सबसे आगे रहा, जहां 13.78 लाख टन खरीद की मंजूरी मिली। वहीं मध्य प्रदेश में 6.01 लाख टन और गुजरात में 1.33 लाख टन सरसों की ख़रीद होगी।

क्यों ज़रूरी है ये योजना?

ये ख़रीद Price Support Scheme (PSS) के तहत की जाएगी। ये योजना तब एक्टिव होती है जब बाजार में दालों, तिलहन और कॉप्रा के भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे गिर जाते हैं, ख़ासकर फसल कटाई के मौसम में। सरकार ये गारंटी दे रही है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले, चाहे बाजार में कीमतें कितनी भी गिर जाएं।

दालों पर ख़ास फोकस

मंत्री चौहान ने ये भी घोषणा की कि दलहन आत्मनिर्भर मिशन के तहत, अरहर, उड़द और मसूर की दालों को 2030-31 तक Central agencies के ज़रीये से Pre-registered किसानों से ख़रीदा जाएगा। ये देश को दालों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

किसानों के लिए सुरक्षा कवच

बता दें कि PM-AASHA योजना सरकार की एक व्यापक Price Support System है, जिसमें मूल्य समर्थन योजना (PSS), मूल्य कमी भुगतान योजना (PDPS), बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) और मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) शामिल हैं।

सरकार का ये फैसला न सिर्फ किसानों की आय को दोगुना करने के संकल्प को मजबूत करता है, बल्कि देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा प्रदान करता है।

 

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

 

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