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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लाखों गन्ना किसानों (sugarcane farmers) के लिए एक राहत भरी ख़बर सामने आई है। योगी सरकार ने गन्ना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक ऐतिहासिक और डिजिटल पहल (Digital System) शुरू की है, जिससे अब किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज के लिए दर-दर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
गन्ना बुवाई के लक्ष्यों को हासिल करना और किसानों को स्वस्थ, रोगरोधी उन्नत प्रजाति के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराना विभाग की टॉप प्रायोरिटी है। इसी कड़ी में गन्ना विकास विभाग ने पहली बार एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च (online portal launched) किया है।
घर बैठे होगी बीज की छंटाई
अब किसानों को बीज की गुणवत्ता और किस्म को लेकर कोई उलझन नहीं होगी। बस एक क्लिक और सारी जानकारी मोबाइल या कंप्यूटर पर मौजूद होगी। किसान निम्नलिखित वेबसाइटों पर जाकर ‘बीज’ टैब पर क्लिक करें-
इन पोर्टल पर किसान को अपने आसपास मौजूद बीज धारक किसानों, सरकारी नर्सरियों और चीनी मिलों में उपलब्ध गन्ना बीज की सटीक जानकारी मिल जाएगी। पोर्टल पर ये भी बताया गया है कि किस किस्म का कितना स्टॉक है और वो कहां उपलब्ध है।
बिचौलियों से मिलेगी मुक्ति
इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब बीचौलिए किसानों को गुमराह नहीं कर पाएंगे। अक्सर देखा जाता था कि नकली या कम गुणवत्ता वाला बीज देकर किसानों से अधिक पैसे वसूले जाते थे। लेकिन इस डिजिटल व्यवस्था में केवल विभाग द्वारा स्वीकृत और रोगरोधी गन्ना किस्मों का ही विवरण रखा गया है। इससे किसानों को 100 फीसदी प्रमाणित और स्वस्थ बीज मिल सकेगा, जिससे फसल बेहतर होगी और मुनाफा भी बढ़ेगा।
समय और लागत दोनों की बचत
पहले किसानों को बीज की तलाश में एक गांव से दूसरे गांव या मिलों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इससे न सिर्फ समय बर्बाद होता था, बल्कि आवाजाही के खर्चे भी बढ़ जाते थे। अब घर बैठे सारी जानकारी हाथ में होगी। किसान यह तय कर सकेंगे कि कौन सी किस्म उनके क्षेत्र के लिए सबसे उपयुक्त है और कहां सबसे सस्ता व अच्छा बीज मिल रहा है।
मदद के लिए हेल्पलाइन भी जारी
सरकार ने उन किसानों का भी ध्यान रखा है जो डिजिटल माध्यम से कम परिचित हैं। अगर किसी को ऑनलाइन पोर्टल चलाने में दिक्कत होती है, तो वे टोल फ्री नंबर – 1800-121-3203 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा अपने क्षेत्र के गन्ना पर्यवेक्षक से भी कॉन्टेक्ट कर मदद ली जा सकती है।
गहरी रीसर्च से सामने आई ये बड़ी बात
लंबे समय से गन्ना क्षेत्र में बीज की उपलब्धता और गुणवत्ता को लेकर स्टडी कर रहे एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रदेश में हर साल करीब 15-20 फीसदी गन्ने की पैदावार सिर्फ नकली या रोगग्रस्त बीज की वजह से घट जाती थी। इस डिजिटल पोर्टल से अब किसान सीधे सरकारी नर्सरी और मान्यता प्राप्त सोर्स से बीज ले सकेंगे। इससे उत्पादन में 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
किसानों के लिए सुनहरा मौका
ये सिर्फ एक सूचना पोर्टल नहीं है, बल्कि गन्ना किसानों के सशक्तिकरण का एक नया चैप्टर है। जब किसान सही बीज का चयन करेगा, तो फसल अच्छी होगी, चीनी मिलों को भी अच्छा उत्पादन मिलेगा और गन्ने का भुगतान भी समय पर होगा। योगी सरकार की यह पहल न केवल किसानों को बिचौलियों से बचाएगी, बल्कि प्रदेश के चीनी उद्योग को भी नई दिशा देगी।

