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मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित उन्नत कृषि महोत्सव के दौरान किसानों के लिए एक बड़ी पहल सामने आई। इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चार ज़िलों के लिए एक व्यापक कृषि रोडमैप जारी किया। इस योजना का उद्देश्य खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाना है।
इस कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने इंटीग्रेटेड फ़ार्मिंग मॉडल का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा।
चार ज़िलों के लिए तैयार हुआ कृषि रोडमैप
उन्नत कृषि महोत्सव के दूसरे दिन शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर, रायसेन, विदिशा और देवास ज़िलों के लिए कृषि विकास की योजना जारी की। उन्होंने कहा कि यह रोडमैप केवल कागज़ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जमीन पर लागू किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को एक साथ जोड़कर किसानों तक इसका लाभ पहुंचाया जाएगा। शिवराज सिंह ने कहा कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश के सभी ज़िलों के लिए इसी तरह की योजनाएं बनाई जाएंगी।
उत्पादन के साथ सही फ़सल का चयन जरूरी
अपने संबोधन में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेती में केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही फ़सल का चयन भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी जमीन, पानी और जलवायु के अनुसार खेती करें। इससे लागत कम होगी और उत्पादन बेहतर मिलेगा। शिवराज सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक तरीके अपनाकर ही खेती को लंबे समय तक लाभकारी बनाया जा सकता है।
फ़सल विविधीकरण और जल प्रबंधन पर ज़ोर
इस कृषि रोडमैप में जल प्रबंधन और फ़सल विविधीकरण को खास महत्व दिया गया है। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इन चार ज़िलों में भूजल पर निर्भरता ज़्यादा है और कई जगह पानी का स्तर नीचे जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक फ़सलों जैसे गेहूं, धान और सोयाबीन के साथ-साथ अन्य फ़सलों को भी अपनाना जरूरी है। टमाटर, प्याज, लहसुन, भिंडी और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों के साथ-साथ अनार जैसी फलों की खेती में भी अच्छा अवसर है।
इसके अलावा ड्रैगन फ्रूट और एवोकाडो जैसी हाई वैल्यू फ़सलों को भी अपनाने की सलाह दी गई है। शिवराज सिंह के अनुसार, सही योजना के साथ फ़सल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ा सकता है।
वैज्ञानिक खेती के लिए Soil Mobile App की शुरुआत
किसानों को वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने Soil Mobile App के उपयोग पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि हर किसान को अपनी जमीन की मिट्टी की सही जानकारी होनी चाहिए।
इस ऐप की मदद से किसान खेत में खड़े होकर यह जान सकते हैं कि किस फ़सल के लिए कितनी खाद और पोषक तत्वों की ज़रूरत है। शिवराज सिंह चौहान ने चेतावनी दी कि बिना जानकारी के खाद का ज़्यादा उपयोग नुक़सान पहुंचा सकता है और लागत भी बढ़ा देता है।
हर ब्लॉक में बनेंगे सीड विलेज
कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए शिवराज सिंह चौहान ने हर ब्लॉक में सीड विलेज विकसित करने की योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अच्छे बीज ही उत्पादन बढ़ाने का सबसे बड़ा आधार होते हैं।
अगर हर ब्लॉक में कुछ गांवों को सीड विलेज के रूप में विकसित किया जाए और वहां उच्च गुणवत्ता के बीज तैयार किए जाएं, तो उत्पादन में करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। इस योजना में ICAR भी सहयोग करेगा और किसानों को बेहतर बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
मशीन बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर की पहल
खेती में मशीनों की कमी को दूर करने के लिए शिवराज सिंह ने मशीन बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि सभी किसान महंगी मशीनें नहीं खरीद सकते, इसलिए पंचायत स्तर पर मशीन बैंक बनाए जाएंगे, जहां से किसान किराए पर मशीन ले सकेंगे।
इसके अलावा हर ब्लॉक में कम से कम पांच कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने की योजना है। इससे खेती के काम समय पर और कम लागत में पूरे हो सकेंगे।
साफ़ पौध सामग्री के लिए क्लीन प्लांट सेंटर
किसानों को अच्छी गुणवत्ता की पौध सामग्री उपलब्ध कराने के लिए शिवराज सिंह ने क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित करने की बात कही। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को रोगमुक्त और प्रमाणित पौधे मिलेंगे, जिससे फ़सल की गुणवत्ता बेहतर होगी और नुक़सान कम होगा।
कोल्ड चेन और बाजार से जुड़ाव पर फ़ोकस
किसानों को उनकी फ़सल का सही दाम दिलाने के लिए शिवराज सिंह चौहान ने कोल्ड चेन और पैक हाउस के विकास पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि फल और सब्जियों के खराब होने से किसानों को नुक़सान होता है। अगर कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग की सुविधा बढ़ेगी, तो किसानों को बेहतर कीमत मिल सकेगी।
इसके साथ ही FPO को मजबूत करने पर भी ज़ोर दिया गया, ताकि किसान समूह में काम करके बाजार से बेहतर तरीके से जुड़ सकें।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
इस पूरे कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने यह साफ़ किया कि सरकार का उद्देश्य खेती को केवल उत्पादन तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि इसे लाभकारी बनाना है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक, सही योजना और सरकारी योजनाओं के सही उपयोग से किसानों की आय में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
रायसेन में आयोजित यह उन्नत कृषि महोत्सव किसानों के लिए नई दिशा और नए अवसर लेकर आया है, जो आने वाले समय में खेती को और मजबूत बनाने में मदद करेगा।
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