तेलंगाना में सूखे का ख़तरा: सरकार ने किसानों के लिए किया बड़ा ऐलान, ड्रिप और स्प्रिंकलर पर 90 फीसदी तक सब्सिडी

पानी बचाने के लिए कमेटी ने सिफारिश की है कि किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पर 75 से 90 फीसदी तक सब्सिडी मिलनी चाहिए।

तेलंगाना के किसानों के लिए ये साल बहुत मुश्किल भरा रहा है। राज्य में इस साल 30 फीसदी कम बारिश हुई है। यानी जहां 740 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहां सिर्फ 234 मिमी ही बारिश हुई। राज्य के 33 जिलों में से 26 ज़िले इसकी चपेट में हैं।

El Niño का ख़तरा क्यों बढ़ा?

अल नीनो (El Niño) एक ऐसी मौसमी घटना है जिसमें प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) का पानी गर्म हो जाता है। इसका सीधा असर भारत के मानसून (India’s Monsoon) पर पड़ता है। बारिश कम होती है और खेती चौपट हो जाती है। इसी ख़तरे को देखते हुए तेलंगाना सरकार ने एक्सपर्ट कमेटी बनाई थी, जिसने अब अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है।

किसानों को Subsidy

कमेटी ने किसानों के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं :-

ड्रिप और स्प्रिंकलर पर 90 फीसदी सब्सिडी

पानी बचाने के लिए कमेटी ने सिफारिश की है कि किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई (Drip and Sprinkler Irrigation) पर 75 से 90 फीसदी तक सब्सिडी मिलनी चाहिए। इसके लिए 452 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। इससे कम पानी में भी खेती की जा सकेगी।

सूखा सहन करने वाली फसलों को बढ़ावा

कमेटी ने 32 लाख एकड़ में सूखा सहन करने वाली फसलें उगाने की सिफारिश की है। जैसे दालें, तिलहन, मोटे अनाज। किसानों को 75 फीसदी सब्सिडी पर बेहतर बीज मिलेंगे। इसके लिए 330 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

 कर्ज़ और बीमा में राहत

  • पुराने फसल कर्ज की Rescheduling होगी
  • नई फसल के लिए आसानी से कर्ज़ मिलेगा
  • फसल बीमा का 75 फीसदी प्रीमियम सरकार देगी

पशुपालकों के लिए ख़ास इंतजाम

  • चारा बैंक (Fodder Bank) खोले जाएंगे
  • सब्सिडी पर चारे के बीज मिलेंगे
  • पशु शिविर (Livestock Camp) लगाए जाएंगे

धान की खेती सबसे ज्यादा प्रभावित

कम बारिश का सबसे बुरा असर धान पर पड़ा है। इस साल सामान्य क्षेत्र का सिर्फ 22.60 फीसदी हिस्सा ही धान की रोपाई हो पाई है। जबकि कपास की खेती 94.91 प्रतिशत और सोयाबीन 87.01 फीसदी हुई है।

802 करोड़ रुपये का बड़ा पैकेज

कमेटी ने अपनी सभी सिफारिशों को लागू करने के लिए 802.92 करोड़ रुपये के ख़ास बजट का प्रस्ताव दिया है। साथ ही हर गांव में निगरानी समिति बनाने की सिफारिश की गई है, जो फसलों, पानी और चारे पर नज़र रखेगी।


एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों को बहुत नुकसान हो सकता है। लेकिन अगर सरकार  वक्त पर इन सुझावों को लागू करती है तो किसानों का नुकसान काफी हद तक कम किया जा सकता है।

आपके लिए अहम बातें:

1.अगर आप किसान हैं तो ड्रिप सिंचाई पर 90 फीसदी सब्सिडी का लाभ उठाएं
2.कम पानी वाली फसलें चुनें
3.फसल बीमा जरूर करवाएं
4.चारे की कमी होने पर सरकारी चारा बैंक का सहारा लें

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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