Table of Contents
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में किसानों के लिए Farmer Digital ID अब अनिवार्य हो गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार की ‘फार्मर रजिस्ट्री’ (Farmer Registry) का अभियान जोरों पर है, लेकिन अभी भी प्रदेश में लाखों किसान इस प्रोसेस से अछूते हैं। अगर आप भी उन 50 लाख किसानों में से हैं, जिन्होंने अब तक ये रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो आपके लिए ये ख़बर सबसे अहम है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने साफ संकेत दिया है कि 15 मई 2026 की समयसीमा के बाद केंद्र और राज्य सरकार की लाभकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए ये अनिवार्य होगी।
क्यों ज़रूरी है ये रजिस्ट्री?
दरअसल, फार्मर रजिस्ट्री सिर्फ एक पहचान पत्र नहीं है, बल्कि ये एक डिजिटल डेटाबेस (Digital Database) है, जिसे कृषि विभाग ने तैयार किया है। प्रदेश के कृषि निदेशक डॉ. पंकज कुमार त्रिपाठी के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत किसान का नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, उसकी जमीन का पूरा विवरण (खसरा-खतौनी), बैंक खाता और उगाई जाने वाली फसलों की जानकारी एक साथ डिजिटल रूप से दर्ज हो जाती है।
पहले जहां खाद, बीज, और अनुदान वितरण में भ्रष्टाचार और बिचौलियों का खेल होता था, वहीं अब यह डेटाबेस सीधे किसान तक पहुंचने का माध्यम बनेगा। सरकार का दावा है कि इससे सब्सिडी का पैसा सीधे खाते में आएगा और पात्रता के आधार पर ही योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
आंकड़ों पर नज़र डालें तो प्रदेश में अब तक लगभग 2 करोड़ किसान इस रजिस्ट्री में जुड़ चुके हैं, लेकिन 50 लाख किसान अभी भी इससे बाहर हैं। ये आंकड़ा चिंता का विषय है क्योंकि आने वाले समय में पीएम किसान सम्मान निधि जैसी प्रमुख योजनाओं के लिए फार्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया गया है।
अफसरों पर शिकंजा, गति तेज़ करने के निर्देश
इस महाअभियान को समय पर पूरा करने के लिए शासन ने कमर कस ली है। कृषि निदेशक ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों (DM) और कृषि विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि Verification का प्रोसेस को तेज़ करें। अब तक जो किसान रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है। सरकार का टारगेट बचे हुए सभी किसानों को जल्द से जल्द इस डिजिटल दायरे में लाना है, ताकि भविष्य में खाद, बीज वितरण और फसल बीमा जैसी प्रक्रियाएं पारदर्शी और सरल हो सकें।
कैसे बनाएं फार्मर आईडी? (Step-by-Step Guide)
अगर आप अभी तक इसे नहीं बना पाए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। प्रक्रिया बेहद सरल है। आप घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:
- सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट upfr.agristack.gov.in पर जाएं।
- होम पेज पर‘Farmer’ Option पर क्लिक करें और ‘क्रिएट न्यू यूजर अकाउंट’ चुनें।
- अपना 12 अंकों का आधार नंबर डालें। आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज करें।
- OTP सत्यापन के बाद आपका नाम, पता जैसी बुनियादी जानकारी ऑटो-फिल हो जाएगी।
- अब सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है: ज़मीन (खसरा/खतौनी), फसल संबंधी जानकारी और बैंक खाते का विवरण सही-सही दर्ज करें।
- फॉर्म सबमिट करते ही आपको एक एनरोलमेंट आईडी मिल जाएगी। इसे सेफ रख लें। इसी से आप अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।
अहम बात: बिना आईडी, नहीं मिलेगा फायदा
कृषि विभाग के अधिकारियों का साफ कहना है कि अब बिना फार्मर आईडी के किसी भी किसान को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। ख़ासतौर पर अगर आप पीएम किसान योजना के तहत नया रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं, तो फार्मर आईडी अनिवार्य है।
इसलिए, अगर आप उत्तर प्रदेश के किसान हैं और अब तक ये प्रोसेस पूरी नहीं हुआ है, तो देर न करें। 15 मई की समयसीमा से पहले अपनी फार्मर आईडी बना लें, नहीं तो सरकारी सब्सिडी, बीज, खाद और प्रधानमंत्री सम्मान निधि जैसी योजनाओं से वंचित रह सकते हैं।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।
इसे भी पढ़िए: Is The Milk Real Or Fake?: सुबह की चाय से लेकर बच्चों के गिलास तक दूध की शुद्धता पहचानने के 3 आसान घरेलू टेस्ट

