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क्या आप भी रसोई का तेल (Cooking oil) खरीदने जाते हैं तो अलग-अलग ब्रांडों के पैक देखकर परेशान हो जाते हैं? कोई 950 मिलीलीटर का पैक तो कोई 1.2 लीटर का, कहीं 2.5 लीटर तो कहीं 3.2 लीटर… ऐसे में पता नहीं चलता कि आखिर कौन सा तेल (oil) सस्ता पड़ रहा है। आपकी इसी मुश्किल को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।
क्या बदलने जा रहा है?
सरकार ने Cooking oil की पैकेजिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब कंपनियां मनमाने आकार के पैक नहीं बेच सकेंगी। 29 दिसंबर 2023 को जारी नई एसओपी (standard operating procedure) के तहत तय किया गया कि सभी कुकिंग ऑयल के केवल Fixed standard size के ही पैक होंगे।
ये होंगे मानक पैक साइज
अब बाजार में खाद्य तेल सिर्फ इन्हीं आकारों में मिलेंगे:
वजन के हिसाब से: 200 ग्राम, 500 ग्राम, 1 किलो, 2 किलो, 3 किलो, 4 किलो, 5 किलो, 15 किलो और 20 किलो
लीटर के हिसाब से: 200 मिलीलीटर, 500 मिलीलीटर, 1 लीटर, 2 लीटर, 3 लीटर, 4 लीटर, 5 लीटर, 15 लीटर और 20 लीटर
यानी अब न तो 950 मिलीलीटर मिलेगा, न 1.2 लीटर और न ही 2.5 लीटर का कोई पैक। यह नियम देश में बनने वाले और विदेश से आयातित-दोनों तरह के तेलों पर लागू होगा।
सबसे बड़ा और काम का बदलाव
अब पैक (Cooking oil) पर तेल की मात्रा लीटर में लिखी है तो उसके साथ बराबर वजन किलोग्राम या ग्राम में भी लिखना होगा। जैसे-1 लीटर तेल के साथ (लगभग 920 ग्राम) भी लिखा होगा। ऐसा क्यों? क्योंकि तेल का घनत्व (डेंसिटी) अलग होता है, 1 लीटर तेल का वजन 1 किलो नहीं होता। अब आप सीधे कीमत तुलना कर पाएंगे-1 किलो पैक का दाम बनाम 1 लीटर पैक का दाम।
क्यों उठाना पड़ा यह कदम?
पिछले कुछ सालों में बाजार में अलग-अलग कंपनियों ने अपनी सुविधा के हिसाब से अलग-अलग आकार के पैक बना डाले। कोई 950 एमएल तो कोई 975 एमएल, कोई 1.8 लीटर तो कोई 2.3 लीटर। आम ग्राहक के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो गया कि आखिर कौन सा तेल सच में सस्ता है। अक्सर ग्राहक कम कीमत देखकर कोई पैक खरीद लेते थे, लेकिन बाद में पता चलता कि प्रति लीटर के हिसाब से वह महंगा था।
सरकार ने उद्योग संगठनों और उपभोक्ता हित संगठनों से चर्चा के बाद यह फैसला किया।
तेल उद्योग ने किया स्वागत
Indian Vegetable Oil Producers Association (आईवीपीए) के अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने कहा – “हम लंबे समय से मानक पैक साइज की मांग कर रहे थे। पिछले तीन साल में गैर-मानक पैकों ने बाजार में अफरा-तफरी मचा दी थी। इस नियम से खुदरा बाजार में व्यवस्था आएगी और सभी कंपनियों को समान अवसर मिलेंगे।”
किन तेलों पर लागू?
यह नियम इन तेलों पर लागू होगा:
- पाम ऑयल
- सोयाबीन ऑयल
- सूरजमुखी तेल
- सरसों तेल
- मूंगफली तेल
- तिल तेल
- राइस ब्रान ऑयल
- बिनौला तेल
- मक्का तेल
- और इनके मिश्रण
कब से लागू?
कंपनियों को नियमों का पूरी तरह पालन करने के लिए तीन महीने की Transition period दी गई है। कंपनियां चाहें तो नए मानक पैक तुरंत भी ला सकती हैं। तीन महीने बाद सभी पैक नए मानक के अनुसार ही होंगे।
आपके लिए क्या फायदा?
1.सीधी तुलना: एक ही आकार के पैक होने से कीमत तुलना बहुत आसान हो जाएगी।
2.गलतफहमी दूर: लीटर और किलो के साथ दोनों इकाइयां लिखी होंगी, तो आपको कन्फ्यूजन नहीं होगा।
3.ठगी पर रोक: कंपनियां अब कम मात्रा देकर ग्राहक को चकमा नहीं दे सकेंगी।
4.बचत: अब आप आसानी से सबसे सस्ता तेल पहचान पाएंगे।
सरकार का यह फैसला आम ग्राहक के हित में एक बड़ा और सराहनीय कदम है। अब अगली बार तेल खरीदने जाएंगे तो पैकेट पर लिखी दोनों मात्राएं (लीटर और किलो) ज़रूर देखेंगे, है न?

