India Specialty Chemicals Conclave 2026: रसायन उद्योग को मिलेगी नई उड़ान, दिल्ली में होगा ऐतिहासिक आयोजन

विशेषज्ञों के डीप रीसर्च बताते हैं कि भारत का केमिकल सेक्टर साल 2040 तक 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के आकार का हो जाएगा। इसमें सबसे बड़ी भूमिका स्पेशलिटी केमिकल्स की होगी। जैसे Agrochemicals (कीटनाशक), Dyes and Pigments (रंग), Construction Chemicals (सीमेंट-पेंट), और Personal Care Products (शैम्पू, साबुन, क्रीम) में इस्तेमाल होने वाले केमिकल।

भारत का रसायन उद्योग (Chemical Industry) अब एक नए युग में प्रवेश करने को तैयार है। देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाले इस अहम क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए ‘India Specialty Chemicals Conclave 2026’ का आयोजन राजधानी दिल्ली के  होटल Shangri-La Eros (Janpath) में 21 मई को किया जा रहा है। ये दो दिवसीय सम्मेलन एसोचैम (ASSOCHAM) के तत्वावधान में आयोजित होगा, जिसमें देश-विदेश के बिज़नेस एक्सपर्ट, नीति निर्माता और बड़े कारोबारी शामिल होंगे।

क्या है कॉन्क्लेव का Main Objective?

इस सम्मेलन की थीम है, ‘Promoting Global Exports through Innovation, Sustainability, and Safety’। यानी भारत अब ऐसे रसायन बनाने पर जोर देगा, जो पर्यावरण के अनुकूल हों, सेफ हों और दुनिया भर में उनकी मांग बढ़े। कॉन्क्लेव में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल चीफ गेस्ट होंगी, वहीं रसायन एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग के सचिव तेजवीर सिंह (IAS) मुख्य वक्ता के रूप में उद्योग को दिशा देंगे।

ट्रिलियन डॉलर का सपना

विशेषज्ञों के डीप रीसर्च बताते हैं कि भारत का केमिकल सेक्टर साल 2040 तक 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के आकार का हो जाएगा। इसमें सबसे बड़ी भूमिका स्पेशलिटी केमिकल्स की होगी। जैसे Agrochemicals (कीटनाशक), Dyes and Pigments (रंग), Construction Chemicals (सीमेंट-पेंट), और Personal Care Products (शैम्पू, साबुन, क्रीम) में इस्तेमाल होने वाले केमिकल।

क्यों भारत बन रहा Global Hub?

रीसर्च बताते हैं कि भारत के पास तीन बड़ी ताकतें हैं –

1.लागत प्रतिस्पर्धा: चीन के मुकाबले भारत में उत्पादन सस्ता है।

2.कुशल मानव संसाधन: लाखों रसायन इंजीनियर और वैज्ञानिक तैयार हैं।

3.मेक इन इंडिया और PLI योजना: सरकार की ये योजनाएं उद्योग को करोड़ों का प्रोत्साहन दे रही हैं।

इसी वजह से दुनिया की बड़ी कंपनियां अब भारत में निवेश कर रही हैं। भारत स्पेशलिटी केमिकल्स का सबसे भरोसेमंद और हरित (ग्रीन) निर्माण केंद्र बनता जा रहा है।

क्या होगा इस कॉन्क्लेव में?

  • सरकार और उद्योग के बीच सीधा संवाद
  • नीतिगत सुधारों पर मंथन
  • पर्यावरणीय मानकों और सुरक्षा नियमों पर चर्चा
  • एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और नवाचार को बढ़ावा
  • ग्लोबल एक्सपोर्ट के नए रास्ते तलाशना

सबसे ख़ास बात, ये आयोजन सिर्फ कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि Job Creation का भी बड़ा ज़रिया बनेगा। अनुमान है कि इस सेक्टर से अगले कुछ सालों में लाखों युवाओं को Direct And Indirect रूप से रोजगार मिलेगा।

Registration Details और छूट

अगर आप भी इस ऐतिहासिक सम्मेलन का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो प्रति प्रतिनिधि 4,000 रुपये शुल्क है। ख़ास बात, एक ही संस्थान से दो या अधिक प्रतिभागी आते हैं तो 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। रजिस्ट्रेशन के लिए नाम, पद, संगठन, संपर्क और शहर की जानकारी देनी होगी।

आख़िर क्यों है ये कॉन्क्लेव अहम?

यह सिर्फ एक सम्मेलन नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर एक मजबूत कदम है। यहाँ तय होगा कि भारत कैसे रसायन उद्योग में दुनिया का नेतृत्व करेगा – सुरक्षित, टिकाऊ और नवोन्मेषी तरीके से। अगर आप उद्योग से जुड़े हैं, निवेशक हैं या जानकारी चाहते हैं, तो इस कॉन्क्लेव में आपकी मौजूदगी न सिर्फ जरूरी है, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने में सहायक भी होगी।

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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