कारगिल में बनेगा 25 करोड़ का Modern Dairy Plant, अमित शाह ने किया उद्घाटन, बदलेगी लद्दाख के किसानों की तकदीर

इस परियोजना के तहत मोबाइल मिल्क टेस्टिंग लैब, आधुनिक मिल्क कूलिंग सिस्टम और डेयरी ढांचे (Mobile Milk Testing Lab, Modern Milk Cooling System and Dairy Structures) को मज़बूत किया जा रहा है। किसानों से सीधे दूध कलेक्शन होगा, जिससे बिचौलियों की दखल ख़त्म होगी।

कारगिल-लद्दाख की बर्फीली वादियों में अब डेयरी क्रांति की नई सुबह होने जा रही है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह (Union Home and Cooperation Minister Amit Shah) ने  कारगिल में 10 हज़ार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले आधुनिक डेयरी प्लांट (Modern Dairy Plant) की आधारशिला रखी। ये प्लांट करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा और यहां की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान देगा।

सोलर एनर्जी से चलेगा प्लांट, बिजली की टेंशन खत्म

सबसे ख़ास बात ये है कि ये डेयरी प्लांट 350 किलोवाट क्षमता वाली सौर ऊर्जा प्रणाली से चलेगा। यानी, ऊंचाई वाले इलाके में बिजली की समस्या अब डेयरी कारोबार के आड़े नहीं आएगी। पर्यावरण भी बचेगा और प्रोडक्शन  भी uninterrupted रहेगा।

74 से 1700 किसानों तक का सफ़र 

अधिकारियों के मुताबिक, इस प्लांट का असर पहले से ही दिखने लगा है। पहले जहां सिर्फ 74 किसान एक गांव तक सीमित थे, वहीं अब ये नेटवर्क बढ़कर 1700 किसानों तक पहुंच चुका है। रोज़ाना दूध संग्रह लगभग 7000 लीटर हो गया है और किसानों को अब तक 15 करोड़ रुपये से ज़्यादा का भुगतान किया जा चुका है।

मोबाइल लैब, AI मॉनिटरिंग और डिजिटल भुगतान

इस परियोजना के तहत मोबाइल मिल्क टेस्टिंग लैब, आधुनिक मिल्क कूलिंग सिस्टम और डेयरी ढांचे (Mobile Milk Testing Lab, Modern Milk Cooling System and Dairy Structures) को मज़बूत किया जा रहा है। किसानों से सीधे दूध कलेक्शन होगा, जिससे बिचौलियों की दखल ख़त्म होगी। वहीं, डिजिटल भुगतान और AI आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से दूध की गुणवत्ता पर भी पैनी नज़र रखी जाएगी।

सेना से जुड़ाव, बाज़ार की गारंटी

इस परियोजना को भारतीय सेना (Indian Army) के साथ नियमित दूध आपूर्ति का करार मिला है। इससे डेयरी उत्पादों (Dairy Products) को स्थिर बाजार मिलेगा। साथ ही पनीर और दही जैसे वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। मदर डेयरी, सफल और धारा जैसे ब्रांड्स के साथ पार्टनरशिप कर उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण उत्पाद पहुंचाए जाएंगे।

कहां से आ रही है इतनी बड़ी रकम?

  • केंद्र सरकार की ग्रांट- 12.74 करोड़ रुपये
  • एनडीडीएफ से सहयोग-10 करोड़ रुपये
  • लद्दाख प्रशासन और हिमाचल प्रदेश-बाकी राशि

ये परियोजना राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (National Dairy Development Program) के तहत लागू हो रही है। इसे नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड की सहायक कंपनी इंडियन डेयरी मशीनरी कंपनी (Indian Dairy Machinery Company, a subsidiary of National Dairy Development Board) बना रही है।

आत्मनिर्भर लद्दाख की ओर बड़ा कदम

ये पहल सहकारी मॉडल पर आधारित है। इससे किसानों की आय स्थिर होगी, जीवन स्तर सुधरेगा और लद्दाख आत्मनिर्भर बनने की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ेगा। यह सिर्फ एक डेयरी प्लांट नहीं, बल्कि हर किसान के सपनों की उड़ान का ज़रिया है।

 कारगिल का यह डेयरी प्लांट न सिर्फ दूध प्रोसेसिंग बढ़ाएगा, बल्कि हजारों परिवारों को रोज़गार, सम्मान और सशक्तिकरण भी देगा। ये ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सोच को ज़मीन पर उतारने वाला एक ठोस उदाहरण है।

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