Indira Gandhi National Forest Academy में IFS अधिकारियों का दीक्षांत समारोह, भूपेंद्र यादव ने दिया विकसित भारत का संदेश

Indira Gandhi National Forest Academy में 111 IFS अधिकारियों का दीक्षांत समारोह हुआ। भूपेंद्र यादव ने विकसित भारत 2047 का विजन साझा किया।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने देहरादून स्थित Indira Gandhi National Forest Academy में भारतीय वन सेवा (IFS) के 2024 बैच के प्रोबेशनर्स के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने सफल प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रमाण पत्र और पदक प्रदान किए। समारोह का आयोजन फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (FRI) के कॉन्वोकेशन हॉल में किया गया।

भूपेंद्र यादव ने कहा कि आज प्रशिक्षण पूरा कर रहे युवा अधिकारी आने वाले वर्षों में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने अधिकारियों से तकनीकी दक्षता के साथ मानवीय संवेदनाओं को भी अपने कार्य का आधार बनाने की अपील की।

Indira Gandhi National Forest Academy से 111 अधिकारियों ने पूरा किया प्रशिक्षण

Indira Gandhi National Forest Academy में आयोजित इस दीक्षांत समारोह में कुल 111 अधिकारियों ने 20 महीने का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इनमें 2024 बैच के 109 भारतीय वन सेवा (IFS) प्रोबेशनर्स और भूटान के दो अधिकारी प्रशिक्षु शामिल रहे।

Indira Gandhi National Forest Academy के निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद खजूरिया ने बताया कि संस्थान वर्ष 1938 से देश की सेवा कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक स्वतंत्र भारत के सभी भारतीय वन सेवा अधिकारियों के साथ 14 मित्र देशों के 369 वन अधिकारियों को भी यहां प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

उन्होंने जानकारी दी कि विकसित भारत 2047 की सोच के अनुरूप तैयार किए गए संशोधित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के तहत 75 अधिकारियों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर ऑनर्स डिप्लोमा हासिल किया।

विकसित भारत 2047 की जिम्मेदारी निभाएंगे युवा अधिकारी

समारोह को संबोधित करते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा कि जब ये अधिकारी अपने करियर के सबसे महत्वपूर्ण दौर में होंगे, तब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे कर रहा होगा। ऐसे समय में इनकी भूमिका केवल वन प्रबंधन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में भी अहम होगी।

उन्होंने कहा कि Indira Gandhi National Forest Academy में अधिकारियों को उत्कृष्ट तकनीकी ज्ञान, नेतृत्व क्षमता और व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया है, जो उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाएगा।

Indira Gandhi National Forest Academy में IFS अधिकारियों का दीक्षांत समारोह, भूपेंद्र यादव ने दिया विकसित भारत का संदेश

जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता संरक्षण होगी सबसे बड़ी चुनौती

भूपेंद्र यादव ने कहा कि आने वाले वर्षों में जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता का नुकसान और मरुस्थलीकरण जैसी चुनौतियां वन अधिकारियों के सामने प्रमुख रहेंगी। इन समस्याओं का समाधान केवल पारंपरिक तरीकों से नहीं होगा, बल्कि आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग केवल डेटा एकत्र करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इनके माध्यम से व्यवहारिक और मानवीय समाधान विकसित किए जाने चाहिए।

अच्छे अधिकारी बनने के साथ अच्छा इंसान बनना भी ज़रूरी

अपने संबोधन में भूपेंद्र यादव ने कहा कि किसी भी सफल लोकसेवक की सबसे बड़ी पहचान उसकी नैतिकता और कार्यकुशलता होती है। सीमित संसाधनों में बेहतर परिणाम देना, समय का सही उपयोग करना और ईमानदारी के साथ काम करना ही एक अच्छे अधिकारी की पहचान है।

उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे केवल कुशल प्रशासक बनने का लक्ष्य न रखें, बल्कि ऐसे नेता बनें जो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें। उनके अनुसार त्याग, संवेदनशीलता और दूसरों को प्रेरित करने की क्षमता ही एक सच्चे नेतृत्व की पहचान है।

उन्होंने यह भी कहा कि एक अच्छा अधिकारी सबसे पहले एक अच्छा इंसान होता है। इसलिए आत्ममूल्यांकन और आत्मजागरूकता को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

Indira Gandhi National Forest Academy में व्यवहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ज़ोर

Indira Gandhi National Forest Academy के निदेशक ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में कक्षा आधारित शिक्षा के साथ व्यवहारिक अनुभव पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कुल प्रशिक्षण अवधि का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा फील्ड एक्सरसाइज, अध्ययन भ्रमण और एडवेंचर गतिविधियों के लिए निर्धारित किया गया।

इसके अलावा अधिकारियों ने वन प्रबंधन, वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण प्रशासन, आधुनिक तकनीकों और नेतृत्व विकास से जुड़े विशेष वैकल्पिक पाठ्यक्रमों, स्वतंत्र शोध और व्यवहारिक अभ्यास में भी भाग लिया। देश के प्रमुख विशेषज्ञों और संस्थानों के सहयोग से इन गतिविधियों का संचालन किया गया।

Indira Gandhi National Forest Academy में IFS अधिकारियों का दीक्षांत समारोह, भूपेंद्र यादव ने दिया विकसित भारत का संदेश

बैच टॉपर को मिला सम्मान

दीक्षांत समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को पुरस्कार और पदक भी प्रदान किए गए। राजस्थान कैडर की सुश्री प्रतीक्षा नानासाहेब काले पूरे बैच की टॉपर रहीं।

समारोह में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तनमय कुमार, वन महानिदेशक एवं विशेष सचिव सुशील कुमार अवस्थी, आईसीएफआरई की महानिदेशक कंचन देवी, Indira Gandhi National Forest Academy के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न संस्थानों के प्रमुख, भारतीय वन सेवा के अधिकारी, प्रशिक्षु और उनके परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे।

आगे की राह

Indira Gandhi National Forest Academy से प्रशिक्षण पूरा करने वाले ये अधिकारी अब देश के विभिन्न राज्यों में अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे। सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सोच, नैतिक नेतृत्व और जनभागीदारी के माध्यम से ये अधिकारी वन संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण प्रबंधन को नई दिशा देंगे। भूपेंद्र यादव ने विश्वास जताया कि ये युवा अधिकारी देश के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ वन क्षेत्रों पर निर्भर समुदायों के जीवन को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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