उत्तर प्रदेश में मशरूम उत्पादन: 51 हजार टन उत्पादन के साथ UP बना देश का नंबर-1 स्टेट

मशरूम की खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने में कारगर साबित हो रही है। कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली यह फसल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है।

किसानों की मेहनत और सरकार की नीतियों की वजह से उत्तर प्रदेश ने मशरूम उत्पादन में पूरे देश को पीछे छोड़ दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों से राज्य ने साल  2024-25 में 51 हजार मीट्रिक टन मशरूम का प्रोडक्शन (Mushroom production) कर नेशनल लेवल पर नया कीर्तिमान बनाया है। देश के कुल 4.27 लाख मीट्रिक टन मशरूम प्रोडक्शन में उत्तर प्रदेश की लगभग 13 फीसदी हिस्सेदारी है। यानी देश में जितना भी मशरूम पैदा होता है, उसमें से हर 10 में से 1 किलो मशरूम उत्तर प्रदेश की ज़मीन से निकलता है। 

क्यों ख़ास है मशरूम की खेती?

मशरूम की खेती किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। आइए जानते हैं क्यों:

1.कम समय में तैयार: महज 3-4 हफ्तों में फसल तैयार
2.कम लागत: बहुत कम पैसे में शुरू कर सकते हैं
3.कम जगह: छोटी-सी जगह में भी हो सकती है खेती
4.ज़्यादा मुनाफा: एक बार लगाने पर कई बार उत्पादन
5.महिलाओं का स्वरोजगार: घर बैठे कमाई का बेहतरीन ज़रिया

सरकार दे रही है बंपर सब्सिडी

उद्यान, एग्रीकल्चर मार्केटिंग  कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि यूपी सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। 

सरकार की तरफ से किसानों को बड़ी राहत दी जा रही है-

1.40-50 फीसदी अनुदान: एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत
2.अधिकतम 5 इकाइयों पर सब्सिडी: एक किसान को 5 यूनिट तक का फायदा
3.छप्पर विधि पर 50 फीसदी अनुदान: 200 वर्ग फुट पर अधिकतम 1 लाख रुपये

साल 2025-26 में मशरूम उत्पादन, कंपोस्ट मेकिंग और स्पान मेकिंग (Mushroom production, compost making, and spawn making) की 30 इकाइयों को 40 फीसदी अनुदान मिला है। वहीं 80 से अधिक छप्पर विधि वाली इकाइयों को 50 फीसदी अनुदान एक्सेप्ट किया गया है।

इन जिलों में हो रही है मशरूम की खेती

मशरूम की खेती (Mushroom farming) अब उत्तर प्रदेश के इन जिलों में तेजी से फैल रही है:

  • लखनऊ
  • प्रयागराज
  • सहारनपुर
  • मीरजापुर
  • जौनपुर
  • हरदोई
  • बस्ती
  • मेरठ
  • प्रतापगढ़
  • रायबरेली
  • सोनभद्र

किसानों की आमदनी कैसे बढ़ रही है?

मशरूम की खेती (Mushroom farming) किसानों की आमदनी बढ़ाने में कारगर साबित हो रही है। कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली यह फसल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है।

ख़ास बात ये है कि ये खेती महिलाओं के लिए भी वरदान साबित हो रही है। घर बैठे महिलाएं मशरूम उत्पादन कर अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं।

क्या है सरकार की योजना?

मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता है:

  • किसानों की उपज का सही संरक्षण
  • फसल का मूल्य संवर्धन
  • बेहतर विपणन की व्यवस्था
  • किसानों को अधिकतम लाभ दिलाना

इसके अलावा उद्यान विभाग नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन, पॉलीहाउस एवं संरक्षित खेती, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई, नर्सरी विकास, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन जैसी योजनाओं का प्रभावी ढंग से अमल कर रहा है।

सरकार का लक्ष्य

मशरूम उत्पादन में नंबर-1 आने के बाद अब सरकार का लक्ष्य इस उत्पादन को और बढ़ाना है। किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों और प्रशिक्षण से जोड़कर उत्पादन और आमदनी में लगातार बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा रही है।

उत्तर प्रदेश को बागवानी के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। किसानों की मेहनत और सरकार की मदद से यह सपना अब सच होता दिख रहा है।

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

ये भी पढ़ें: ICAR की दो नई आलू की किस्में: किसानों की आमदनी बढ़ाने वाला बड़ा कदम

 

 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top