हरियाणा का Solar Energy Project : माइक्रो सिंचाई योजना की शुरुआत, महेंद्रगढ़ को मिला बड़ा हिस्सा

हरियाणा के चार जिलों में सौर ऊर्जा (Solar Energy) से चलने वाली माइक्रो सिंचाई परियोजनाएं (Micro-irrigation projects) शुरू होंगी

हरियाणा सरकार (Government of Haryana) ने राज्य में सूखाग्रस्त इलाकों में खेती को बढ़ावा देने के लिए 402.41 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत चार जिलों में सौर ऊर्जा (Solar Energy) से चलने वाली माइक्रो सिंचाई परियोजनाएं (Micro-irrigation projects) शुरू होंगी, जिनमें महेंद्रगढ़ ज़िले (Mahendragarh District) को सबसे बड़ा हिस्सा 114.78 करोड़ रुपये मिला है।

क्यों ख़ास है महेंद्रगढ़?

महेंद्रगढ़ हरियाणा के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में राजस्थान की सीमा से लगा जिला है, जहां सालाना 500 मिमी से कम बारिश होती है। ये राज्य के सबसे कम वर्षा वाले इलाकों में शामिल है। यहां के किसान लंबे वक्त से मानसून पर निर्भर रहे हैं। खरीफ सीजन में बाजरा और दलहन जबकि रबी सीजन में गेहूं, सरसों और चने की खेती यहां की मुख्य फसलें हैं।

जिले में भूजल दोहन की दर 135.74 फीसदी तक पहुंच चुकी है । नारनौल और नांगल चौधरी समेत छह विकास खंड Most exploited category में आते हैं, जहां भूजल निकासी उसकी Replenishment  से कहीं ज़्यादा है। पूरे हरियाणा की बात करें तो राज्य के 143 ब्लॉकों में से 88 अति-शोषित हैं ।

क्या होगा इस योजना में?

ये परियोजना 20 ब्लॉकों, 61 नहर आउटलेट, 94 गांवों और 11,040 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करेगी, जिससे लगभग 8,926 किसानों को लाभ मिलेगा।  किसानों को नहरों के पानी को ड्रिप और स्प्रिंकलर बेस्ड माइक्रो सिंचाई के ज़रिए खेतों तक पहुंचाया जाएगा।  

ख़ास बात ये है कि इन Systems को सोलर एनर्जी से चलाया जाएगा, जिससे किसानों का डीजल और बिजली पर होने वाला खर्च कम होगा और पर्यावरण भी बचेगा। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा (Agriculture and Farmers Welfare Minister Shyam Singh Rana) ने कहा कि सरकार ऐसी कृषि व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिससे किसानों की अनियमित बारिश और गिरते भूजल पर निर्भरता कम हो।

कब तक होगा पूरा?

ये परियोजना 2026-27 से 2028-29 के बीच पूरी होने का टारगेट है। इसका लाभ-लागत अनुपात 1.21:1 से 1.65:1 के बीच है, जो इसकी Economic Viability को दिखाता है।

दूसरे ज़िलों को कितना मिला?

1.झज्जर: 114.68 करोड़ रुपये

2.भिवानी: 95.78 करोड़ रुपये

3.कुरुक्षेत्र: 77.17 करोड़ रुपये 

योजना के तहत किसानों को सीधे फायदा पहुंचाने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) मॉडल अपनाया गया है और ट्रांसपेरेंसी के लिए MICADA पोर्टल को GST पोर्टल से जोड़ा जा रहा है।

ये पहल हरियाणा को जल-संकट से उबारने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।  

 

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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