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हिमाचल प्रदेश में सेब सीज़न शुरू होने से पहले राज्य सरकार ने तैयारियां तेज़ कर दी हैं। बागवानों को बेहतर सुविधाएं देने और खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। बागवानी एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि सरकार ने सेब सीज़न को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए कई चरणों में बैठकें आयोजित की हैं। वहीं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में भी एचपीएमसी (HPMC) की महत्वपूर्ण बैठकें हुई हैं, जिनमें बागवानों के हितों को प्राथमिकता दी गई।
जगत सिंह नेगी ने बागवानों से ऐप पर पंजीकरण की अपील की
जगत सिंह नेगी ने बताया कि सेब सीज़न के दौरान बागवानों की सुविधा के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है। इस ऐप के माध्यम से एमआईएस (MIS) के तहत सेब खरीद से जुड़ी जानकारी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने सभी बागवानों से इस ऐप पर पंजीकरण करने की अपील की, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार डिजिटल तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग कर रही है, जिससे सेब सीज़न के दौरान खरीद प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बन सके।
प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित बागवानों के लिए राहत
जगत सिंह नेगी ने जानकारी दी कि पिछले 40 वर्षों के आंकड़ों का अध्ययन कर छोटे और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित बागवानों के लिए राहत योजनाएं तैयार की गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजना के तहत अब तक क़रीब 14 करोड़ रुपये के कृषि और बागवानी इनपुट किसानों एवं बागवानों को वितरित किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि सेब सीज़न के दौरान सरकार का उद्देश्य केवल खरीद प्रक्रिया को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि बागवानों को हर स्तर पर सहायता देना भी है।
30 कट्टों की सीमा को लेकर फैली अफवाह पर दिया जवाब
जगत सिंह नेगी ने एमआईएस के तहत सेब खरीद में 30 कट्टों की सीमा तय किए जाने की खबरों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है।
उन्होंने बागवानों से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार सेब सीज़न के दौरान सभी बागवानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
यूनिवर्सल कार्टन में गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई
जगत सिंह नेगी ने यूनिवर्सल कार्टन में टेप लगाकर वजन बढ़ाने की शिकायतों पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि जांच में इस तरह की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सेब सीज़न के दौरान पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जारी किए 45 करोड़ रुपये
सेब सीज़न से पहले मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एमआईएस के तहत वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 में खरीदे गए सेबों के बकाया भुगतान के लिए 45 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह राशि डीबीटी के माध्यम से बागवानों के खातों में भेजी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 30 बैग तक सेब बेचने वाले उत्पादकों का भुगतान पहले ही किया जा चुका है, जबकि 100 बैग या उससे अधिक बेचने वाले बागवानों के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से होगी पूरी खरीद प्रक्रिया
सेब सीज़न को और व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार ने एचएमआईएस (HMIS) की वेबसाइट और मोबाइल ऐप भी शुरू किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बागवान आधार संख्या, भूमि और बैंक खाते की जानकारी देकर पंजीकरण कर सकेंगे। इसके अलावा वे ऑनलाइन समय स्लॉट भी बुक कर सकेंगे, जिससे उन्हें खरीद केंद्रों पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और बागवानों को खरीद और भुगतान से जुड़ी जानकारी एसएमएस के माध्यम से मिलती रहेगी।
सरकार का फोकस बागवानों की सुविधा पर
जगत सिंह नेगी ने बताया कि सेब सीज़न के दौरान प्रभावित सड़कों को जल्द बहाल करने के लिए संबंधित विभाग लगातार काम कर रहे हैं। साथ ही सरकार ने सभी संग्रहण केंद्रों पर पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार बागवानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जगत सिंह नेगी ने विश्वास जताया कि बेहतर तैयारी, डिजिटल सुविधाओं और पारदर्शी व्यवस्था के कारण इस बार सेब सीज़न पहले से अधिक व्यवस्थित और बागवानों के लिए लाभकारी साबित होगा।
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