Table of Contents
भारतीय कृषि क्षेत्र में एक ऐतिहासिक दिन रहा, जब केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह (Union Minister of Home Affairs and Cooperation Shri Amit Shah) ने NAFED की चार प्रमुख डिजिटल परियोजनाओं (Digital Projects) का शुभारंभ किया। NAFEX.in ई-ऑक्शन पोर्टल, सक्षम (ERP), दृष्टि (Inventory Management System) और कल्याण छात्रवृत्ति योजना(Kalyan Scholarship Scheme) ये चारों पहलें भारतीय कृषि व्यापार और किसानों (Indian Agricultural Trade and Farmers)के जिदंगी में एक नए चैप्टर की शुरूआत लिखने जा रही हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से बदलेगी खेती की तस्वीर
NAFEX.in पोर्टल अब व्यापारियों, मिलर्स और बाजार सहभागियों को एक पारदर्शी ऑनलाइन मंच प्रदान करेगा । पहले NAFED दलहन और तिलहन की नीलामी के लिए निजी प्लेटफॉर्म का यूज करता था, लेकिन अब उसका अपना पोर्टल होगा । ये पोर्टल न केवल NAFED के कारोबार को सुव्यवस्थित करेगा बल्कि दूसरे सहकारी संस्थाओं को भी अपनी नीलामी इस प्लेटफॉर्म पर करने का मौका देगा।
बिचौलियों का ख़ात्मा, किसानों को सीधा फायदा
अमित शाह ने इस मौके पर NAFED और NCCF को निर्देश दिया कि वे दलहन का एक-एक दाना सीधे किसानों से खरीदें और बिचौलियों की पूरी व्यवस्था को ख़त्म करें। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि किसानों की उपज का पूरा लाभ सीधे उन्हें मिले।”
सरकार ने दो साल का टारगेट रखा है कि हर किसान अपनी दलहन फसल सीधे NAFED को बेच सके और भुगतान 48 घंटे के भीतर उसके बैंक खाते में पहुंचे। इससे किसानों को उचित मूल्य मिलेगा और देश दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा।
NAFED का शानदार Re-Formation
आज NAFED 74 लाख किसानों की सेवा कर रहा है और उसका टर्नओवर 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है । शुद्ध लाभ 139 करोड़ रुपये से बढ़कर 405 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि नेटवर्थ 358 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,050 करोड़ हो गई है । अगले दो सालों में 50,000 करोड़ रुपये टर्नओवर का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों के बच्चों के लिए कल्याण योजना
सबसे महत्वपूर्ण घोषणा ये रही कि NAFED अपने मुनाफे का 1 फीसदी हिस्सा किसान परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा और करियर विकास के लिए छात्रवृत्ति के रूप में देगा। ये पहल ग्रामीण परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्राप्त करने में मदद करेगी।
डिजिटल पहलों से बढ़ेगी Transparency
सक्षम (ERP) और दृष्टि (Inventory Management System) जैसी डिजिटल पहलें NAFED के Operations, Resource Management और Decision-making process को और अधिक प्रभावी बनाएंगी । ये सभी पहलें प्रधानमंत्री मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करने की दिशा में अहम कदम हैं ।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सहकारिता राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, NAFED के अध्यक्ष जेठाभाई अहीर और प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल की मौजूदगी रही। ये पहलें भारतीय कृषि क्षेत्र के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होंगी।
ये भी पढ़ें : प्राकृतिक खेती से अपनी पहचान बनाने वाली महिला किसान रिशु कुमारी की कहानी

