Panchagavya Cluster : उत्तर प्रदेश में गोशालाएं बनेंगी रोज़गार के हब, 3 लाख युवाओं को मिलेगा काम!

उत्तर प्रदेश की प्रदेश की 7,500 से अधिक गोशालाओं को ‘पंचगव्य क्लस्टर’ (Panchagavya Cluster) के रूप में विकसित किया जाएगा। ये गोशालाएं अब केवल पशुओं के आश्रय स्थल नहीं रहेंगी, बल्कि ग्रामीण उद्योग और रोजगार के सेंटर प्लेस बनेंगी ।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi government of Uttar Pradesh) ने एक अनोखी पहल शुरू की है, जो गो संरक्षण (Cow Protection) को रोज़गार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ेगी। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश की 7,500 से अधिक गोशालाओं को ‘पंचगव्य क्लस्टर’ (Panchagavya Cluster) के रूप में विकसित किया जाएगा। ये गोशालाएं अब केवल पशुओं के आश्रय स्थल नहीं रहेंगी, बल्कि ग्रामीण उद्योग और रोजगार के सेंटर प्लेस बनेंगी। 

क्या है पंचगव्य क्लस्टर योजना?

इस योजना के तहत हर क्लस्टर में 40-40 ग्रामीण युवाओं की एक टीम बनाई जाएगी, जो उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी। इस पहल से प्रदेश के करीब तीन लाख युवाओं को स्वरोजगार और आमदनी के नए अवसर मिलने की उम्मीद है । महिला स्वयं सहायता समूहों, किसानों और ग्रामीण युवाओं को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी।

गोबर-गोमूत्र से बनेंगे लाखों  प्रोडक्ट्स

इन पंचगव्य क्लस्टरों में देसी गायों से मिलने वाले दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर का साइंटिफिक यूज़ किया जाएगा। इससे तैयार किए जाने वाले उत्पादों की लिस्ट काफी लंबी है-

  • जैविक खाद और कीटनाशक: प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की लागत घटेगी।
  • आयुर्वेदिक औषधियां: गोमूत्र से बनी पारंपरिक दवाइयां।
  • डेली यूज की वस्तुएं: धूपबत्ती, साबुन, हर्बल पेंट और अन्य सामग्री।

कैसे काम करेगा ये मॉडल?

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता (Shyam Bihari Gupta, Chairman of the Uttar Pradesh Gau Seva Aayog) का कहना है कि सरकार का टारगेट गोशालाओं को उत्पादन और रोजगार के केंद्र में बदलना है।  

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत देने के साथ गो-आधारित उद्योगों को संगठित स्वरूप प्रदान करेगी। इससे:

  • प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा।
  • किसानों की लागत कम होगी और आय बढ़ेगी।
  • पलायन रुकेगा – युवाओं को रोजगार के लिए शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।

योगी सरकार की ये पहल गो संरक्षण को आत्मनिर्भरता और रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस मॉडल के सफल होने से उत्तर प्रदेश के गांवों की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है और ये देश के दूसरे राज्यों के लिए भी एक मिसाल पेश करेगा। 

 

ये भी पढ़िए: Uttar Pradesh में खरीफ सीजन में सब्सिडी पर मिलेंगे बीज, किसानों के लिए सुनहरा मौका!

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top