गोरखपुर के राम मिलन ने बनाई बिना बिजली चलने वाली  Mini Rice Mill Machine, छोटे किसानों के लिए है लाभकारी

गोरखपुर के रहने वाले राम मिलन MIT इंजीनियरिंग कॉलेज मेरठ में नीति आयोग के अंतर्गत नवाचार का काम करते हैं। वो पिछले 4 सालों से कॉलेज में नवाचार का काम कर रहे हैं। इसी के तहत उन्होंने Mini Rice Mill Machine बनाई है।

धान मिल मशीनों से चावल निकालते समय भूसी के साथ ही ब्रान भी निकल जाता है, मगर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले राम मिलन ने खेती और तकनीक को जोड़ते हुए एक ऐसी अनोखी धान मिल मशीन बनाई है जो बिना ब्रान निकाले चावल को अलग करता है। इस मशीन की खासियत ये है कि ये बहुत ही पोर्टेबल है यानी आसानी से इसे कहीं भी ले जाया जा सकता है। साथ ही इसे मोटर और सौर ऊर्जा दोनों से चला सकते हैं, जिससे बिना बिजली वाले इलाके के किसान भी इसका इस्तेमाल कर सकत हैं। ये मशीन एक घंटे में करीब 15 किलो तक चावल निकाल सकती है, छोटे किसानों के लिए ये बहुत उपयोगी है। कम लागत वाली इस Mini Rice Mill Machine के बारे में राम मिलन से विस्तार से चर्चा की किसान ऑफ़ इंडिया के संवाददाता सर्वेश बुंदेली से।

छोटे किसानों के लिए बनाई अनोखी धान मिल मशीन

गोरखपुर के रहने वाले राम मिलन MIT इंजीनियरिंग कॉलेज मेरठ में नीति आयोग के अंतर्गत नवाचार का काम करते हैं। वो पिछले 4 सालों से कॉलेज में नवाचार का काम कर रहे हैं। इसी के तहत उन्होंने Mini Rice Mill Machine बनाई है। राम मिलन कहते हैं कि इस मशीन को खासतौर पर छोटे किसानों के लिए बनाया गया है, साथ ही बिना बिजली की सुविधा वाले इलाके जैसे पहाड़ी और तराई क्षेत्र के किसानों के लिए भी ये बहुत उपयोगी है। क्योंकि ये मशीन मोटर और सौर ऊर्जा दोनों से चलती है। किसान खुद पैडल के द्वारा इसे चलाकर अपने उपयोग और बेचने के लिए चावल निकाल सकते हैं।

क्या है धान Mini Rice Mill Machine की खासियत?

Mini Rice Mill Machine के बारे में बताते हैं राम मिलन कहते हैं कि इसकी खासियत ये है कि मशीन बहुत छोटी है तो इसे आसानी से आप कहीं भी ले जा सकते हैं। ये बिना ब्रान हटाए धान की मिलिंग करती है। दरअसल, धान से चावल बनने की प्रक्रिया में धान की ऊपरी सख्त परत जिसे भूसी कहते हैं, को तो हटाया ही जाता है साथ ही मिल मशीनों में धान की अंदरूनी परत जिसे ब्रान कहते हैं, उसे भी हटा दिया जाता है। भूसी दो जानवरों को खिलाई जाती है, मगर ब्रान फाइबर, प्रोटीन और विटामिन से भरपूर होता है जो सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद है। मगर राइस मिल में इसे भी निकाल दिया जाता है और रिफाइनरी में भेज दिया जाता है, जबकि Mini Rice Mill Machine ब्रान को नहीं हटाती है जिससे चावल की पौष्टिकता बनी रहती है।

कैसे काम करती है मशीन?

राम मिलन बताते हैं कि चावल निकालने के लिए इस मशीन में ऊपर से धान डाल जाता है, तो एक तरफ़ छिलका और दूसरी तरफ़ से चावल निकलता है। 2-3 बार ये प्रक्रिया करने पर छिलका अलग और चावल अलग हो जाएगा। आगे वो कहते हैं कि कितनी बार में चावल निकलेगा ये इस बात पर निर्भर करता है कि प्रेशर कितना दिया जाता है। यदि हल्का प्रेशर दिया जाता है, तो 4 बार में चावल निकल जाएगा और वो टूटेगा नहीं, लेकिन ज़्यादा प्रेशर देने पर चावल तो 2 बार में ही निकल जाता है, मगर वो टूट जाते हैं। इस मशीन में एक बार में 5 किलो धान डाल सकते हैं और 1 घंटे में 15 किलो चावल निकल जाता है। ये मशीन काफ़ी छोटी है तो कोई भी इसे घर में लगा सकता है। इसके दो फ़ायदे हैं एक तो पौष्टिक चावल मिलेगा और दूसरा एक्सरसाइज़ भी हो जाएगी।

धान मिल मशीन के फ़ायदे

राम मिलन का कहना है कि इस मशीन से आसानी से ब्राउन राइस बन सकता है, जो प्रोटीन से भरपूर होता है और आपकी सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद। इसका दूसरा फ़ायदा ये है कि ये पैडल से चलती है तो इसे चलाने वाली की अच्छी एक्सरसाइज़ हो जाती है।

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