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नई दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन के दूसरे दिन ग्रामीण विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले और रणनीतियां सामने आईं। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान विकसित गांव और विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर साझा रोडमैप तैयार किया गया।
राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने के साथ-साथ उन्हें अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर भी विचार किया गया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गांव केवल आबादी का केंद्र नहीं हैं, बल्कि भारत की आत्मा, शक्ति और चेतना का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब देश के गांव आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित बनेंगे।
पहली बार एक मंच पर आए 29 राज्यों के प्रतिनिधि
राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि पहली बार 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और नीति निर्माता एक ही मंच पर एकत्र हुए। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित कई राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह सम्मेलन सहकारी संघवाद की भावना को मज़बूत करता है, जहां राजनीति से ऊपर उठकर गांवों के विकास को प्राथमिकता दी गई।
1 जुलाई से लागू होगी VB-GRAM-G योजना
राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि 1 जुलाई से पूरे देश में “विकसित भारत VB-GRAM-G” योजना लागू की जाएगी। यह योजना वर्तमान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना (मनरेगा) का स्थान लेगी।
उन्होंने बताया कि इस नई योजना के लिए अंतरिम रूप से 95,682 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी जा चुकी है। उन्होंने राज्यों से सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी करने की अपील की ताकि योजना का लाभ बिना किसी बाधा के ग्रामीण परिवारों तक पहुंच सके।
लखपति दीदी मिशन को मिलेगा नया विस्तार
राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने “लखपति दीदी डैशबोर्ड” और “SHE LEAPS” डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी शुभारंभ किया। यह प्लेटफॉर्म स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखपति दीदी का लक्ष्य तीन करोड़ से बढ़ाकर छह करोड़ महिलाओं तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अगले पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये के बैंक लिंकेज का रोडमैप तैयार किया गया है।
योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर दिया ज़ोर
राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि राज्यों को अपनी वित्तीय हिस्सेदारी समय पर जारी करनी चाहिए ताकि परियोजनाओं में देरी न हो।
उन्होंने ग्रामीण विकास से जुड़े रिक्त पदों को जल्द भरने, अधिकारियों के बार-बार तबादलों से बचने और प्रमुख पदों पर कम से कम दो से तीन वर्ष तक अधिकारियों को कार्य करने का अवसर देने पर भी ज़ोर दिया।
इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक अंकेक्षण को मज़बूत करने और योजनाओं की निगरानी के लिए Artificial Intelligence आधारित तकनीकों के उपयोग को बढ़ाने की बात कही ताकि पारदर्शिता और सेवा वितरण में सुधार हो सके।
आवास, सड़क और कौशल विकास योजनाओं की समीक्षा
राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना की भी समीक्षा की गई।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कुछ राज्यों ने इन योजनाओं में बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि कुछ राज्यों को कार्यों में तेज़ी लाने की ज़रूरत है। उन्होंने निर्देश दिया कि ग्रामीण आवास योजना के पात्र भूमिहीन परिवारों को भूमि उपलब्ध कराई जाए और लंबित आवास मामलों का जल्द समाधान किया जाए।
उन्होंने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को सभी मूलभूत सुविधाओं के साथ पक्का घर मिले और कोई भी योग्य परिवार इस अधिकार से वंचित न रहे।
सफल मॉडल पूरे देश में होंगे लागू
शिवराज सिंह चौहान ने सम्मेलन में झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की कुछ सफल ग्रामीण विकास पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन राज्यों के सफल मॉडलों को दस्तावेज़ के रूप में तैयार कर सभी राज्यों के साथ साझा किया जाएगा ताकि अन्य राज्य भी उन्हें अपनाकर लाभ उठा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी योजना के क्रियान्वयन में नियमों या प्रक्रियाओं से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आती हैं तो केंद्र सरकार आवश्यक संशोधनों पर विचार करेगी।
जल संरक्षण और साझेदारी पर विशेष फ़ोकस
राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान ने सामान्य से कम वर्षा की संभावना को देखते हुए 14 राज्यों को पहले से तैयारी करने की सलाह दी। उन्होंने जल संरक्षण संरचनाओं को मज़बूत करने और आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त रोज़गार के अवसर तैयार रखने के निर्देश दिए।
सम्मेलन के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह प्रतिस्पर्धा का नहीं बल्कि साझेदारी का समय है। उन्होंने कहा कि केंद्र नीति बनाए, राज्य प्रभावी क्रियान्वयन करें, पंचायतें नेतृत्व करें और नागरिक सक्रिय भागीदारी निभाएं। इसी समन्वित प्रयास से विकसित गांवों के माध्यम से विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकेगा। साथ ही VB-GRAM-G पहल के तहत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया और ग्रामीण विकास से जुड़े कई प्रकाशनों का भी विमोचन किया गया।
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