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उत्तर प्रदेश के किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लखनऊ स्थित योजना भवन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राज्य की कृषि, ग्रामीण विकास और किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने योगी आदित्यनाथ को दो महत्वपूर्ण स्वीकृति पत्र सौंपे। पहला पत्र रबी विपणन सीजन 2026-27 के तहत गेहूं, चना और मसूर की MSP खरीद अवधि को 24 जून से बढ़ाकर 8 जुलाई 2026 तक करने से जुड़ा था। दूसरा पत्र प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के नए चरण के तहत उत्तर प्रदेश के लिए 6,18,482 पक्के मकानों की मंज़ूरी का था।
उत्तर प्रदेश के लिए बनेगा वैज्ञानिक कृषि रोडमैप
बैठक को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा कृषि राज्य है और अकेले यहां से भारत के लगभग 38 प्रतिशत गेहूं का उत्पादन होता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय बढ़ाने में उत्तर प्रदेश की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान और लगातार गिरता भूजल स्तर खेती के सामने बड़ी चुनौतियां बनकर उभर रहे हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए राज्य के लिए एक वैज्ञानिक और दीर्घकालिक कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
इस रोडमैप में फ़सल चक्र, सिंचाई व्यवस्था, जल संरक्षण, बेहतर बीज, आधुनिक तकनीक और कृषि विपणन को शामिल किया जाएगा। बैठक में योगी आदित्यनाथ, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और अन्य अधिकारियों के साथ इस प्रारूप पर विस्तार से चर्चा हुई। इसे केंद्र और राज्य सरकार मिलकर अंतिम रूप देंगी।
किसानों को MSP खरीद अवधि बढ़ने से राहत
बैठक का सबसे बड़ा फैसला MSP खरीद अवधि को बढ़ाने का रहा। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए गेहूं, चना और मसूर की सरकारी खरीद अब 8 जुलाई 2026 तक जारी रहेगी।
इस निर्णय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मौसम, मंडियों में भीड़, तौल में देरी या अन्य व्यावहारिक कारणों से कोई भी किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी फ़सल बेचने से वंचित न रह जाए। सरकार का मानना है कि इससे लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें MSP से कम क़ीमत पर अपनी उपज बेचने की मज़बूरी नहीं होगी।
एल नीनो को लेकर तैयार होगी विशेष रणनीति
बैठक के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने इस वर्ष एल नीनो के संकेतों और सामान्य से कम बारिश की संभावना पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी खेत खाली न रहे, किसानों की आय सुरक्षित रहे और देश की खाद्य सुरक्षा पर असर न पड़े।
इसी उद्देश्य से प्रत्येक जिले के लिए अलग-अलग आकस्मिक कृषि योजना तैयार करने का फैसला लिया गया है। स्थानीय जल उपलब्धता, मिट्टी की स्थिति और फ़सल पैटर्न के आधार पर कम पानी वाली और कम अवधि में तैयार होने वाली फ़सलों की सूची बनाई जाएगी।
इसके साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र, राज्य कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से किसानों को समय पर सलाह, गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
ग्रामीण गरीबों के लिए 6.18 लाख नए पक्के घर
बैठक में ग्रामीण विकास से जुड़ा भी बड़ा फैसला लिया गया। शिवराज सिंह चौहान ने योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के नए चरण के तहत 6,18,482 पक्के मकानों की मंज़ूरी का पत्र सौंपा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक चलने वाले नए चरण में देशभर में दो करोड़ अतिरिक्त पक्के घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी योजना के तहत उत्तर प्रदेश को 6.18 लाख से अधिक मकानों की स्वीकृति मिली है। इससे राज्य के लाखों गरीब ग्रामीण परिवारों को चरणबद्ध तरीके से पक्का घर उपलब्ध कराया जाएगा।
अब लाभार्थियों तक पहुंचेगी योजना
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उत्तर प्रदेश में ग्रामीण परिवारों का सर्वे पूरा हो चुका है और कच्चे मकानों में रहने वाले पात्र परिवारों की पहचान कर ली गई है।
अब अगला चरण इन सभी पात्र परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर पक्का घर उपलब्ध कराने का है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार वित्तीय और तकनीकी सहायता पूरी तरह उपलब्ध कराएगी। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
समन्वय से होगा गांवों और किसानों का विकास
बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, राजस्व राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर सहित केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस दौरान कृषि और ग्रामीण विकास विभागों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति और ज़मीनी स्थिति पर प्रस्तुति भी दी। बैठक में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि कृषि और ग्रामीण विकास को अलग-अलग योजनाओं के रूप में नहीं बल्कि एक साझा विकास दृष्टि के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।
किसानों और गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
बैठक के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि हर किसान समृद्ध बने और कोई भी गरीब परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। MSP खरीद अवधि बढ़ाने और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 6.18 लाख मकानों की मंज़ूरी इसी सोच का हिस्सा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में वैज्ञानिक कृषि रोडमैप और ग्रामीण आवास कार्यक्रम प्रभावी ढंग से लागू होंगे। इससे आने वाले वर्षों में किसानों की आय बढ़ेगी, गांवों का विकास होगा और उत्तर प्रदेश कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में देश के लिए एक मज़बूत मॉडल बनकर उभरेगा।
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