उत्तर प्रदेश सरकार पॉलीहाउस-ग्रीनहाउस पर दे रही बंपर अनुदान,किसानों की बागवानी से बदलेगी किस्मत!

योगी आदित्यनाथ सरकार एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत किसानों को जबरदस्त सब्सिडी दे रही है।जिसे केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर चलाती हैं।

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के किसानों के लिए एक सुनहरा मौका आया है। अगर आप पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी कर अपनी आमदनी दोगुनी करना चाहते हैं, तो ये ख़बर आपके लिए है। योगी सरकार एकीकृत बागवानी विकास मिशन (Mission for Integrated Development of Horticulture) के तहत किसानों को पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस (Polyhouse and Greenhouse) पर ज़बरदस्त सब्सिडी दे रही है, जिससे आधुनिक खेती का सपना अब सस्ता हो गया है।

ये स्कीम 2014 में शुरू हुई एक केंद्र सरकार का मिशन है, जिसे केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर चलाती हैं। इसका मकसद सिर्फ खेती नहीं, बल्कि फल, फूल, सब्जियों और मसालों की उन्नत खेती को बढ़ावा देना है, ताकि किसानों को ज्यादा मुनाफा मिल सके।

किसानों को क्या-क्या मिलेगा?

 अब मौसम की मार से बचने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं। पॉलीहाउस, शेडनेट हाउस और ग्रीनहाउस लगाने पर सरकार 50 फीसदी तक सब्सिडी दे रही है। इससे आप ऑफ-सीजन में भी फूल-सब्जियां उगा सकेंगे और अच्छी कीमत पा सकेंगे।


नर्सरी और पौध उत्पादन पर ख़ास सहारा

क्वालिटी वाले पौधे ही अच्छी फसल की चाभी हैं। इसलिए, छोटी पौधशाला (नर्सरी) लगाने पर 50 फीसदी और हाईटेक नर्सरी या टिश्यू कल्चर लैब लगाने पर 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है।

हाई-वैल्यू फसलों पर अनुदान

सरकार अब ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी, केला, आम और करौंदा जैसी फसलों के नए बाग लगाने पर भी 40% सब्सिडी दे रही है। स्ट्रॉबेरी की खेती से किसानों को 7-8 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक का मुनाफा हो रहा है, जो पारंपरिक फसलों से काफी ज्यादा है। आम के किसानों के लिए ‘फ्रूट बैग स्कीम’ भी है, जिसमें फलों को कीड़ों से बचाने के लिए कवर दिए जाते हैं।

  मधुमक्खी पालन और जैविक खेती

मधुमक्खी पालन (बी-हाइव) पर 40% से 50% तक सब्सिडी दी जा रही है, जिससे किसान शहद बेचकर अतिरिक्त आय कमा सकते हैं। साथ ही, जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी 40-50% का अनुदान मिल रहा है।

 फसल कटाई के बाद (पोस्ट हार्वेस्ट) प्रबंधन

कटाई के बाद फल-सब्जियों के खराब होने से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस और राइपनिंग चैंबर जैसी सुविधाओं पर 35% से 50% तक सब्सिडी उपलब्ध है।

 SC/ST किसानों को 75 फीसदी तक सब्सिडी

सरकार ने छोटे किसानों का खास ख्याल रखा है। 0.20 हेक्टेयर तक जमीन वाले अनुसूचित जाति और जनजाति (SC/ST) क्षेत्रों के किसानों को राज्य योजना के तहत 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। इसमें सब्जी-मसाला बीज, मशरूम उत्पादन और कृषि यंत्रीकरण शामिल है।

अप्लाई कैसे करें?

अगर आप इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं, तो अपने जिले के जनपदीय उद्यान (बागवानी) अधिकारी के कार्यालय से कॉन्टेक्ट करें। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, खतौनी (जमीन के कागजात) और 10 रुपये के स्टाम्प पेपर जैसे दस्तावेज लगेंगे।

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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