ग्रामीण महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की तैयारी, 600 से ज़्यादा कारोबारों को मिलेगा नया सहारा

महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 600 से ज़्यादा ग्रामीण कारोबारों को Incubation, Finance और Market Access का सहारा मिलेगा।

ग्रामीण महिलाओं को छोटे कारोबार से आगे बढ़ाकर बड़े और बेहतर व्यवसायों से जोड़ने की दिशा में सरकार ने नई पहल पर चर्चा की है। ग्रामीण विकास मंत्रालय की Empowered Committee ने DAY-NRLM के Non-Farm Livelihoods (NFL) component के तहत महिला उद्यमिता को मज़बूत करने से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण विकास सचिव रोहित कंसल ने की।

इस पहल का उद्देश्य Self-Help Groups (SHGs) से जुड़े छोटे कारोबारों को आगे बढ़ाकर ऐसे व्यवसायों में बदलना है, जिनमें ज़्यादा turnover, बेहतर market access और रोज़गार पैदा करने की क्षमता हो। यह प्रयास सरकार के 6 करोड़ Lakhpati Didis बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य से भी जुड़ा है।

चार राज्यों में नए Incubator प्रस्ताव

बैठक में बिहार, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और गुजरात से चार नए Incubator प्रस्तावों पर विचार किया गया। इन राज्यों में क्रमशः IIT Patna, IIM Jammu, IIM Lucknow और IIT Gandhinagar को प्रस्तावित incubator partners के रूप में शामिल किया गया है।

इन चारों programmes के ज़रिए 600 से ज़्यादा potential वाले ग्रामीण enterprises को support देने का प्रस्ताव है। इसमें business strategy, mentoring, financial planning, business formalisation, technology adoption, market access और finance तक पहुंच जैसे क्षेत्रों में मदद दी जाएगी।

इससे महिला उद्यमिता को केवल छोटे स्तर के कारोबार तक सीमित रखने के बजाय उन्हें growth-oriented businesses के रूप में विकसित करने का रास्ता तैयार होगा।

ग्रामीण महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की तैयारी, 600 से ज़्यादा कारोबारों को मिलेगा नया सहारा

पहले के Incubator Programmes से मिला अनुभव

Incubator Sub-Scheme की शुरुआत पहले Assam, Bihar, West Bengal और Karnataka में पूरे किए गए चार programmes के अनुभव के आधार पर हुई है। इन programmes के तहत 600 से ज़्यादा SHG enterprises को support दिया गया।

इसके बाद इस programme का विस्तार हुआ है। फिलहाल 13 राज्यों में 14 incubator programmes चल रहे हैं, जिनसे करीब 2,100 ग्रामीण SHG enterprises को मदद मिल रही है। इन programmes में IIMs, IITs और दूसरी leading incubation institutions जैसी संस्थाओं के साथ partnership की गई है।

पहले के programmes में businesses की revenue growth, बेहतर formalisation और अतिरिक्त रोज़गार पैदा होने जैसे परिणाम सामने आए हैं। इसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए नए incubators के ज़रिए महिला उद्यमिता को और मज़बूत करने की कोशिश की जा रही है।

कई क्षेत्रों में कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

नए incubators के तहत food and agri-processing, textiles and handicrafts, manufacturing, retail and services, tourism-linked activities और digital enterprises जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय ज़रूरत और संभावनाओं से जुड़े दूसरे growth sectors को भी शामिल किया जाएगा।

एक ख़ास पहल transparent और merit-based Challenge Fund होगी। इसके ज़रिए ज़्यादा growth potential वाले enterprises का चयन किया जाएगा। साथ ही State Incubation Cells बनाए जाने का प्रस्ताव है, ताकि राज्यों के Rural Livelihoods Missions के स्तर पर enterprise support को मज़बूत और व्यवस्थित किया जा सके।

इस तरह महिला उद्यमिता के लिए business support, technology, finance और market access को एक साथ जोड़ने की कोशिश होगी।

West Bengal और Goa में SVEP का विस्तार

Committee ने West Bengal और Goa में Start-up Village Entrepreneurship Programme (SVEP) के विस्तार से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया। इसका उद्देश्य ग्रामीण non-farm entrepreneurship ecosystem को और मज़बूत करना है।

SVEP के ज़रिए ज़्यादा SHG members को अपने sustainable enterprises शुरू करने और उन्हें आगे बढ़ाने में मदद देने पर ज़ोर है। इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए महिला उद्यमिता के नए अवसर तैयार करने की दिशा में काम किया जा सकेगा।

ग्रामीण महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की तैयारी, 600 से ज़्यादा कारोबारों को मिलेगा नया सहारा

Lakhpati Didi लक्ष्य से जुड़ी पहल

सरकार की इन पहलों का एक बड़ा उद्देश्य महिलाओं को subsistence-level businesses से आगे बढ़ाकर ऐसे enterprises तक पहुंचाना है, जिनका turnover ज़्यादा हो और जिनके पास बेहतर market linkages और finance की सुविधा हो।

इसके साथ ही ऐसे कारोबारों में रोज़गार पैदा करने की क्षमता भी बढ़ेगी। महिला उद्यमिता को मज़बूत करने वाली ये पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों में ज़्यादा सक्रिय भूमिका देने और Lakhpati Didi initiative को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।

Empowered Committee ने innovation, institutional partnerships, convergence, digital adoption, market access और outcome-based monitoring पर भी ज़ोर दिया। इन प्रयासों के ज़रिए महिला उद्यमिता के लिए एक मज़बूत national ecosystem तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण SHG enterprises को लंबे समय तक टिकाऊ growth मिल सके।

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