FSSAI ने अश्वगंधा को लेकर दी सख़्त चेतावनी: पत्तियों का इस्तेमाल पूरी तरह बैन, जड़ का ही हो यूज़

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अश्वगंधा का इस्तेमाल करने वाली सभी कंपनियों को कड़ी चेतावनी दी है। नियम तोड़ने वाली कंपनियों पर अब कार्रवाई होगी।

अगर आप भी हेल्थ सप्लीमेंट्स (Health Supplements), हर्बल चाय या प्रोटीन पाउडर में अश्वगंधा (Ashwagandha) का सेवन कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अश्वगंधा का इस्तेमाल करने वाली सभी कंपनियों को कड़ी चेतावनी दी है। नियम तोड़ने वाली कंपनियों पर अब कार्रवाई होगी।

क्या है पूरा मामला?

अश्वगंधा (Ashwagandha) को आयुर्वेद में संजीवनी बूटी माना जाता है। यह तनाव कम करने, इम्यूनिटी बढ़ाने और ऊर्जा देने के लिए जानी जाती है। लेकिन हाल के दिनों में कई कंपनियों ने इसका इस्तेमाल अपने न्यूट्रास्यूटिकल्स, हेल्थ सप्लीमेंट्स और वेलनेस प्रोडक्ट्स (Nutraceuticals, Health Supplements, and Wellness Products) में बढ़ा दिया है। बाजार में अश्वगंधा से बनी हर्बल चाय, प्रोटीन पाउडर, एनर्जी ड्रिंक और कई तरह के सप्लीमेंट्स मिल रहे हैं।

FSSAI ने क्या कहा?

FSSAI के अनुसार, खाद्य सुरक्षा और मानक विनियम 2016 (Food Safety and Standards Regulations, 2016) के तहत साफ नियम बने हैं-खाद्य उत्पादों में सिर्फ अश्वगंधा की जड़ और उसके अर्क का ही इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी पत्तियों या पत्तियों के अर्क का यूज़ पूरी तरह बैन है।

प्राधिकरण के ध्यान में ये बात आई है कि कई कंपनियां अपने उत्पादों में अश्वगंधा की पत्तियों और उनके अर्क का इस्तेमाल कर रही हैं, जो गैरकानूनी है। FSSAI ने सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs) को निर्देश दिया है कि वे तुरंत अपने सभी उत्पादों की जांच करें और सुनिश्चित करें कि उनमें पत्तियां किसी भी रूप में न हों।

आख़िर पत्तियां क्यों हैं खतरनाक?

ये सबसे अहम सवाल है। आयुष मंत्रालय ने हाल ही में वैज्ञानिक अध्ययनों के हवाले से बताया कि अश्वगंधा की पत्तियों में ‘विथाफेरिन-ए’ (Withaferin-A) नामक तत्व अधिक मात्रा में पाया जाता है। ये तत्व जड़ की तुलना में पत्तियों में कई गुना ज्यादा होता है। इसकी अधिक मात्रा लीवर को नुकसान पहुंचा सकती है, थायरॉइड को असंतुलित कर सकती है, और कुछ मामलों में ये विषैला भी साबित हो सकता है। जहां जड़ का इस्तेमाल सदियों से सुरक्षित माना जाता रहा है, वहीं पत्तियों को लेकर गंभीर सुरक्षा चिंताएं हैं।

कंपनियों को क्या करना होगा?

FSSAI ने साफ कहा है कि अगर कोई कंपनी नियमों का पालन नहीं करती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कंपनियों को अपने उत्पादों के फॉर्मूलेशन की दोबारा समीक्षा करनी होगी। जिन उत्पादों में पत्तियों का इस्तेमाल हुआ है, उन्हें तुरंत बाजार से हटाना होगा।

उपभोक्ताओं के लिए सलाह

आप अगर अश्वगंधा उत्पाद खरीद रहे हैं, तो लेबल को ध्यान से पढ़ें। देखें कि उसमें ‘Ashwagandha Root Extract’ (जड़ का अर्क) लिखा है या सिर्फ ‘Ashwagandha Extract’। अगर पत्तियों का जिक्र है तो उस उत्पाद से बचें। हमेशा Recognized और भरोसेमंद ब्रांड का ही चुनाव करें।

 

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