FSSAI की कार्रवाई: ‘Healthy’, ‘Organic’ और ‘Zero Maida’ के नाम पर ग्राहकों के साथ धोखा, जानिए पूरा मामला

FSSAI ने पाया कि कई फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) FSS Act 2006 के नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। वे ऐसे ट्रेड नेम और दावों का इस्तेमाल कर रहे थे, जो ग्राहकों को गुमराह कर सकते हैं।

क्या आप भी ‘Healthy’, ‘Organic’, ‘Vegan’ या ‘Zero Maida’ लिखा देखकर बिना कुछ सोचे-समझे प्रोडक्ट ख़रीद लेते हैं? अगर हां, तो यह ख़बर आपके लिए बेहद ज़रूरी है। देश की टॉप खाद्य नियामक संस्था FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) ने कई बड़े और लोकप्रिय ब्रांड्स पर शिकंजा (Screws on many big and popular brands) कसना शुरू कर दिया है। ये कंपनियां आपको अपने प्रोडक्ट्स की असलियत से परे झूठे दावे करके बेवकूफ बना रही थीं।

क्या है पूरा मामला?

FSSAI ने पाया कि कई फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) FSS Act 2006 के नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। वे ऐसे ट्रेड नेम और दावों का इस्तेमाल कर रहे थे, जो ग्राहकों को गुमराह कर सकते हैं। रेगुलेटर ने अब सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी कंपनियां लेबलिंग और डिस्प्ले के नियमों का पालन करें, वरना कड़ी कार्रवाई होगी।

किन-किन ब्रांड्स पर गिरी गाज?

आइए, एक-एक करके समझते हैं कि किस ब्रांड ने कैसे धोखा दिया:

1. ‘Healthy Master’ का झांसा

‘Vision to Serve Healthy Food’ टैगलाइन वाली ये कंपनी लोगों को ये यकीन दिला रही थी कि उसके सभी प्रोडक्ट्स सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं। FSSAI के मुताबिक, ऐसे दावे ग्राहकों में गलत धारणा पैदा करते हैं।

2. ‘True Vitamin’ का खेल

Neuherbs का ‘ट्रू विटामिन’ ब्रांड काफी पॉपुलर है। लेकिन नियामक ने कहा कि ‘ट्रू विटामिन’ जैसा कोई शब्द नियमों में परिभाषित ही नहीं है। न ही इसे कोई मान्यता मिली है। ये सिर्फ एक मार्केटिंग चाल थी।

3. ‘Vegan’ के नाम पर ठगी

‘Plan B Plant-Based Vegan’ नाम से प्रोडक्ट बेचने वाली कंपनी को FSSAI ने पकड़ा क्योंकि उन्होंने वीगन फूड के तौर पर मान्यता के लिए पहले से कोई मंजूरी नहीं ली थी। यानी वे बिना सर्टिफिकेशन के ‘वीगन’ का लेबल लगा रहे थे।

4. ‘Zero Maida’ का झूठ

‘Health Factory’ की ‘जीरो मैदा होल व्हीट ब्रेड’ और ‘हेल्दी फूड फैक्टरी’ का ‘जीरो मैदा पिज्जा बेस’, इन दोनों प्रोडक्ट्स में ऐसी सामग्री पाई गई जो ‘जीरो मैदा’ के दावे को सही नहीं ठहराती। मतलब, लिखने और असलियत में फर्क था।

5. ‘Healthy’ चिप्स और पोहा

Troovy के ‘हेल्दी मिक्स वेजी चिप्स’, ‘हेल्दी रागी चिप्स’ और ‘हेल्दी मूंग दाल चिप्स’ । क्या चिप्स हेल्दी हो सकते हैं? FSSAI ने इन पर भी सवाल उठाए। इसी तरह ‘Healthy Choice Healthy Food of Healthy Life Poha’ नाम के ब्रांड की मार्केटिंग को भी गुमराह करने वाला पाया गया।

6. तेल और जूस का धोखा

Emami ‘Healthy & Tasty’ और ‘Health Aid’ तेल जैसे ब्रांड्स को भी नोटिस जारी किया गया। वहीं Storia Pomegranate Juice में सिर्फ 4 फीसदी अनार का जूस कंसंट्रेट था, लेकिन उसे मुख्य रूप से अनार का जूस दिखाकर बेचा जा रहा था। ‘Lota Water’ कंपनी मिलाए गए मिनरल्स को लेकर गलत दावे कर रही थी।

7. ‘Organic’ का फर्जी दिखावा

Organic Wisdom, Shine Organic, Two Brothers Organic Farms और World of Organic जैसे ब्रांड्स के पास जरूरी Organic Certification और ‘जैविक भारत’ लोगो नहीं था, फिर भी वे ‘ऑर्गेनिक’ का नाम ले रहे थे।

FSSAI का साफ संदेश

FSSAI ने साफ कहा है कि ग्राहक अक्सर सेहत, पोषण, वीगन स्टेटस या ऑर्गेनिक होने के दावों के आधार पर उत्पाद चुनते हैं। ऐसे में गुमराह करने वाली ब्रांडिंग न सिर्फ उनके खरीदारी के फैसले को प्रभावित करती है बल्कि उनकी सेहत से भी खिलवाड़ करती है।

आप क्या करें?

1.किसी भी पैक्ड फूड पर ‘हेल्दी’ या ‘ऑर्गेनिक’ लिखा देखकर तुरंत न खरीदें।

2.हमेशा लेबल को ध्यान से पढ़ें और FSSAI की सर्टिफिकेशन स्टांप देखें।

3.अगर कहीं ‘जीरो मैदा’ या ‘वीगन’ लिखा है तो पीछे Ingredients जरूर चेक करें।

ये कार्रवाई एक बड़ा संकेत है कि अब आपके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली कंपनियों को बख्शा नहीं जाएगा। जागरूक बनें, सुरक्षित रहें। 

 

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