गाय, भैंसों की तुलना में सूअर पालना मुनाफ़े का सौदा है, मगर हमारे देश में इसे लेकर एक तरह का टैबू है। यह व्यवसाय समाज के एक खास वर्ग द्वारा ही किया जाता रहा है, लेकिन धीरे-धीरे परिस्थितयां बदल रही हैं। अब कम लागत में इससे होने वाले अधिक मुनाफ़े को देखते हुए हर वर्ग के लोग भी इस व्यवसाय से जुड़ रहे हैं। बेरोज़गारों के लिए सूअर पालन रोज़गार का अच्छा विकल्प है। इस क्षेत्र से युवाओं को जोड़ने के लिए सरकार भी समय-समय पर पहल करती रहती है। इस दिशा में कदम उठाते हुए सरकार ने पिग फार्मिंग यानी सूअर पालन (Pig Farming) व्यवसाय पर लोन में सब्सिडी की भी सुविधा दी है। किसी भी तरह का बिज़नेस करने के लिए उससे जुड़ी सारी जानकारी होना ज़रूरी है। इसलिए, यदि आप भी सूअर पालन का व्यवसाय करना चाहते हैं, तो शूकर पालन ऐप (IVRI-Pig Farming App) ज़रूर डाउनलोड करें। यह सूअर की नस्ल से लेकर, उनके रखरखाव, आहार, रोग और खरीद-बिक्री से जुड़ी हर जानकारी देता है।

क्या है इस ऐप की ख़ासियत?
- सूअर की अलग-अलग नस्लों को आप कहां से ले सकते हैं, इसके बारे में पूरी जानकारी दी गई है।
- सूअरों को रखने के लिए किस तरह की व्यवस्था होनी चाहिए, उन्हें किस तरह का खाना और पानी देना चाहिए, इन सब के बारे में बताया गया है।
- अन्य पशुओं की तरह ही सूअरों में भी खास तरह के रोग होते हैं जिसके बारे में ऐप पर जानकारी दी गई है। साथ ही इनकी रोकथाम और उपचार के तरीके भी बताए गए हैं।
- सूअरों का रख-रखाव कैसे करना चाहिए, सूअरफार्म पर किस तरह की समस्याएं होती हैं और कैसे इनका प्रजनन करके आप अधिक मुनाफा कमा सकते हैं इन सब के बारे में भी ऐप पर सारी जानकारी है, जो सुअर व्यवसाय करने वालों के बहुत काम आ सकती है।
- ये व्यवसाय करने वालों को यह पता होना चाहिए कि कहां से सुअरों को खरीदना है, और अधिक संख्या होने पर कहां उन्हें मुनाफे पर बेचा जा सकता है। इस समस्या का समाधान शूकर पालन ऐप (IVRI-Pig farming app) करता है।
- इसमें कई सरकारी और निजी वधशालाओं की जानकारी दी गई है। इसके अलावा और भी कई जानकारियां यहां मौजूद हैं।

कैसे डाउनलोड करें?
इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) में जाकर आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। Pig farming app टाइप करिए और फिर उसे इंस्टॉल कर लीजिए। यह ऐप अंग्रेज़ी, हिंदी और पंजाबी भाषाओं में उपलब्ध है। यह कहना गलत नहीं होगा कि शूकर पालन ऐप (IVRI-Pig Farming App) सूअर पालकों के लिए ऐप किसी मार्गदर्शक की तरह काम करता है। आजकल सूअर के मांस कि मांग सिर्फ देश ही नहीं, विदेशों में भी बढ़ती जा रही है। ज़ाहिर है, पिग फार्मिंग सूअर पालकों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है।
ये भी पढ़ें:
कर्नाटक के इस किसान ने सूअर पालन से खेती की लागत को किया कम, उन्नत तकनीकों का किया इस्तेमाल सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।
ये भी पढ़ें:
- लखनऊ का मलिहाबादी दशहरी आम अब ग्लोबल पहचान की ओर, ODOP में होगा शामिलमलिहाबादी दशहरी आम की मांग अब 25 से अधिक देशों में है। ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, कनाडा, सऊदी अरब और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में यह आम पहुंच रहा है।
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पर्यावरण और जलवायु कार्रवाई को लेकर सहयोग पर दिया ज़ोरद्रौपदी मुर्मू ने NGT कॉन्फ्रेंस में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर ज़ोर दिया।
- केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय का बड़ा ऐलान: रेशम उत्पादक किसानों की बढ़ेगी आमदनी,’सर्वश्रेष्ठ रेशम किसान पुरस्कार’ की शुरुआत की घोषणासरकार की रणनीति सीधी और वैज्ञानिक है। शहतूत के पत्तों की पैदावार बढ़ाकर और रेशम के कीड़ों के पालन-पोषण के राउंड को बढ़ाकर किसानों की आमदनी 10 से 12 लाख रुपये तक ले जाने का टारगेट है।
- पराली जलाने पर केंद्र सख़्त: ज़मीन के रिकॉर्ड में 15 महीने तक दर्ज रहेगा नाम, दोबारा जलाने पर और कड़ी कार्रवाई!ये नियम दिल्ली-एनसीआर और आसपास के उन इलाकों में लागू होगा जहां पराली जलाने की घटनाओं का असर दिल्ली की हवा पर पड़ता है।
- Samriddh Vidisha Model: तैयार हुआ ग्रामीण गरीबी को जड़ से ख़त्म करने के लिए नया रोडमैपSamriddh Vidisha Model की सबसे बड़ी ख़ूबी है कि आमदनी के एक नहीं, कई साधन है। किसानों को आधुनिक खेती के साथ दूध, बकरी, मुर्गी और मधुमक्खी पालन से जोड़ा जाएगा, ताकि एक सोर्स रुकने होने पर परिवार न बिखरे।
- दक्षिणी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन 2026 में राज्यों को समय पर लक्ष्य पूरा करने के निर्देशदक्षिणी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन 2026 में राज्यों से Farmer ID, AgriStack और कृषि लक्ष्यों को तय समय में पूरा करने को कहा गया।
- Mahila Shetkari Portal: महाराष्ट्र सरकार का ऐतिहासिक कदम,अब खेत में काम करने वाली हर महिला बनेगी ‘किसान’अधिनियम के अनुसार, महिला को किसान मानने का आधार सिर्फ ज़मीन का मालिकाना हक नहीं, बल्कि खेती में उसकी ‘वास्तविक भागीदारी’ होगी।
- Soil Carbon Payments से किसानों को अतिरिक्त आय की नई पहलSoil Carbon Payments के ज़रिए पंजाब और हरियाणा के 2500 से ज़्यादा किसानों को 2.9 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान मिलेगा।
- Reimagining Indian Agriculture रिपोर्ट में ख़ुलासा : देश के कुल भू-भाग का लगभग 33 फीसदी ज़मीन बंजर!देश के कुल भू-भाग का लगभग 33 फीसदी ज़मीन ख़राब हो रही है। रिपोर्ट में ICAR-Indian Institute of Soil Science के आंकड़ों का हवाला दिया गया है।
- त्योहारी सीजन में राहत की उम्मीद: सरकार घटा सकती है खाद्य तेल पर आयात शुल्कभारत अपनी खाद्य तेल की ज़रूरत का करीब दो-तिहाई हिस्सा आयात से पूरा करता है। ये आयात मुख्य रूप से मलेशिया, इंडोनेशिया, अर्जेंटीना, रूस और यूक्रेन से होता है।
- बिहार में बाढ़ से फ़सल नुक़सान का जायज़ा लेने पहुंचे शिवराज सिंह चौहानशिवराज सिंह चौहान ने बिहार में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायज़ा लिया और किसानों को केंद्र से हर संभव मदद का भरोसा दिया।
- सिवनी का जम्बो सीताफल: जीआई टैग के साथ बदलेगी किसानों की तकदीर,इंटरनेशनल मार्केट से जोड़ने की तैयारी शुरूसिवनी का जम्बो सीताफल (Seoni’s Jumbo Custard Apple) औसतन 200 से 650 ग्राम का होता है, लेकिन भूतबंधानी क्षेत्र में कई फल 800 ग्राम से 1 किलोग्राम तक के मिलते हैं।
- World Circular Economy Forum 2026 में भारत की सर्कुलर इकॉनमी पर वैश्विक चर्चाWorld Circular Economy Forum 2026 में 62 देशों के 3600 से अधिक stakeholders ने Circular Economy पर चर्चा की।
- किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना: 32 साल इंतज़ार के बाद ऐतिहासिक समझौता,जानिए किस राज्य को मिलेगा सबसे बड़ा लाभकिशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना (Kishau Multipurpose Project) की नींव 1994 के ऊपरी यमुना जल समझौते में रखी गई थी, लेकिन आर्थिक बोझ और राज्यों के हितों के टकराव ने इसे आठ साल तक ठप कर दिया।
- खेती के साथ मधुमक्खी पालन: पाएं 1.28 लाख का अनुदान,1.92 लाख रुपये की लागत में शुरू करें अपना ख़ुद का बिज़नेसमधुमक्खी पालन की सबसे बड़ी खूबी ये है कि इसके लिए आपको बड़े खेत या अलग ज़मीन की ज़रूरत नहीं है। आप अपने घर के आसपास, बगीचे में, पेड़-पौधों वाली जगह पर आसानी से यह यूनिट लगा सकते हैं।
- Google और Mitti Labs का बड़ा करार: धान के खेतों से मीथेन गैस की कटौती और पानी की बचतमिट्टी लैब्स अपनी ‘Geo-AI’ Technology का इस्तेमाल कर रही है, जिसे नासा के सहयोग से विकसित किया गया है।
- CAZRI Moth Bean की क़िस्मों ने सूखे में दिखाई शानदार सहनशीलता, 35 दिन तक बारिश न होने पर भी बनी रही फ़सलCAZRI Moth Bean की क़िस्मों ने 35 दिन के सूखे में भी बेहतर प्रदर्शन कर जलवायु अनुकूल खेती की उम्मीद बढ़ाई।
- ब्रिक्स ग्रेन एक्सचेंज: ग्लोबल साउथ की फ़सल का असली मोल वापस पानाब्रिक्स ग्रेन एक्सचेंज से ग्लोबल साउथ के किसानों को फ़सल की क़ीमत तय करने में कैसे अधिक अधिकार और वैश्विक कृषि बाज़ार में नई भूमिका मिल सकती है, जानें।
- BRICS Summit 2026 : कृषि में AI, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेवाओं से किसानों, कारोबारियों को होगा लाभBRICS देशों के लिए Early Warning Data Integration Guidelines तैयार की गई हैं। इसका मकसद बाढ़, चक्रवात या भूकंप जैसी आपदाओं से पहले देशों के बीच डेटा साझा करना है
- आंध्र प्रदेश सरकार का पोल्ट्री फार्मस के लिए 657 करोड़ का तोहफ़ा, ब्याज से लेकर बिजली तक सब सस्ताशहरी क्षेत्रों में पोल्ट्री शेड बनाने पर लगने वाले डेवलपमेंट और बेटरमेंट चार्ज से छूट दी गई है। ग्राम पंचायतों के बराबर कम शुल्क पर मंज़ूरी मिलेगी।





















