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अगले माह लॉन्च होगा गाय के गोबर से बना पेंट, बढ़ेगी किसानों की कमाई और मिलेगा रोजगार

वैदिक पेंट बनाने के लिए फिलहाल 5 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गोबर खरीदा जा रहा है। एक दिन में 500 लीटर पेंट बनाने में 10 लोगों की जरूरत होगी और 150 किलोग्राम गोबर लगेगा।

देश के ग्रामीण क्षेत्रों में गाय के गोबर से आज भी घर लीपे जाते हैं, लेकिन अब केंद्र सरकार ने इसके जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी कर ली है।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला खादी एंड विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन (केवीआईसी) अगले माह गाय के गोबर से तैयार वैदिक पेंट (vaidic paint) लॉन्च करने जा रहा है।

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खादी ग्रामोद्योग के जयपुर स्थित कुमारप्पा नेशनल हैंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट (केएनएचपीआई) द्वारा विकसित इस पेंट को बनाने में 30 फीसदी तक गाय के गोबर का इस्तेमाल किया जाएगा।

इसके लिए गाय पालने वाले किसानों से गोबर खरीदा जाएगा। इससे किसानों की सालाना आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। केंद्र्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी (nitin gadkari) ने ट्वीट के जरिए किसानों को यह खुशखबरी दी है।

पेंट की खासियतें

केवीआईसी के मुताबिक, इस पेंट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से जैविक होगा और इसे बनाने में कोई रसायन इस्तेमाल नहीं होगा। यह पेंट दो वर्जन- डिस्टेंपर और इमल्शन के रूप में आएगा। इसके साथ ही यह पेंट ईको फ्रेंडली, नॅान टॉक्सिक, एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल और वॅाशेबल होगा।

 

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अन्य पेंट से होगा सस्ता
  • यह पेंट बाजार में उपलब्ध अन्य पेंट को कीमत व गुणवत्ता दोनों में टक्कर देगा। इसे सूखने में करीब चार घंटे लगेंगे। इसके अलावा अन्य पेंट के एक लीटर से 60 वर्गफुट दीवार पेंट होती है और इसे सूखने में भी पांच से छह घंटे लगते हैं।
  • वैदिक डिस्टेंपर की कीमत 120 रुपये प्रति लीटर होगी। बाजार में प्रमुख कंपनियों के डिस्टेंपर 150-200 रुपये प्रति लीटर मिलते हैं। एक लीटर वैदिक पेंट से 100 वर्गफुट दीवार पेंट हो सकेगी।
  • वैदिक इमल्सन की कीमत 225 रुपये प्रति लीटर होगी, जबकि अन्य प्रमुख कंपनियां इमल्सन पेंट 250-600 रुपये प्रति लीटर बेच रही हैं।
  • गाय के गोबर में दीवार को गर्मी में ठंडा और जाड़े में गर्म रखने की क्षमता होती है।

गाय से 55 हजार का मुनाफा

केएनएचपीआई वैदिक पेंट बनाने के लिए फिलहाल 5 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गोबर खरीद रहा है। वैदिक पेंट को मुंबई व गाजियाबाद स्थित नेशनल टेस्ट हाउस एवं दिल्ली स्थित श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्टियल रिसर्च से भी मंजूरी मिल चुकी है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को उम्मीद है कि वैदिक पेंट निर्माण से गाय पालने वाले किसानों को करीब 55 हजार रुपये की अतिरिक्त सालाना आय होगी।

रोजगार बढ़ाने में मददगार

वैदिक पेंट के निर्माण से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। केवीआईसी के मुताबिक, एक दिन में 500 लीटर पेंट बनाने में 10 लोगों की जरूरत होगी और 150 किलोग्राम गोबर लगेगा। अगर कोई यूनिट रोजाना 500 लीटर पेंट बनाती है और सालभर में 300 दिन काम करती है तो उसे 45,000 किलो गोबर की जरूरत होगी।

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