नाराज किसान ने आलू की 11 एकड़ खड़ी फसल पर दौड़ा दिया ट्रैक्टर

महीने भर से चल रहे किसान आंदोलन के बीच खेती में जुटे कई किसान फसल का उचित दाम न मिलने से परेशान हैं। पहले गोभी की तैयार फसल पर खुद किसानों द्वारा ट्रैक्टर चलवाने की तस्वीरें आई थीं, अब किसानों ने घाटे का सौदा देख आलू की खड़ी फसल भी नष्ट करनी शुरू कर दी है।

महीने भर से चल रहे किसान आंदोलन के बीच खेती में जुटे कई किसान फसल का उचित दाम न मिलने से परेशान हैं। पहले गोभी की तैयार फसल पर खुद किसानों द्वारा ट्रैक्टर चलवाने की तस्वीरें आई थीं, अब किसानों ने घाटे का सौदा देख आलू की खड़ी फसल भी नष्ट करनी शुरू कर दी है।

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पंजाब के कपूरथला जिले के गांव गोसल निवासी किसान जसकीरत सिंह आलू की फसल के उचित दाम न मिलने से खफा हैं। नाराज जसकीरत ने अपनी आलू की 11 एकड़ फसल पर ट्रैक्टर दौड़ा दिया। उनके मुताबिक, पंजाब के दोआबा क्षेत्र में आलू की अधिक पैदावार होती है। बावजूद इसके फसल का उचित मूल्य नहीं मिलता है। जो मिलता है उसमें फसल की लागत भी नहीं निकल रही है। नाराज होकर जसकीरत अपनी आलू की फसल को ट्रैक्टर से जुतवा दिया।

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किसानों का कहना है कि आलू की फसल पर करीब 60 हजार रुपए प्रति एकड़ खर्च आता है, लेकिन जिस तरह से आलू के दाम गिरे हैं, इससे प्रति एकड़ उन्हें 25000 रुपए का नुकसान हो रहा है। जसकीरत बताते हैं कि अगर वह ट्रांसपोर्ट खर्च जोड़कर आलू मंडी पहुंचाते तो नुकसान और बढ़ जाता। यही कारण है कि उन्होंने आलू को खेत में नष्ट करना बेहतर समझा।

किसान तरसेम सिंह और सुखदेव सिंह की व्यथा भी यही है। वह कहते हैं कि फसल चक्र से निकल कर किसानों ने सब्जी की खेती करनी शुरू की लेकिन इसके भी उचित दाम नहीं मिल रहे।

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