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देखते ही देखते, हमारे खेत अब स्मार्ट हो रहे हैं। जहां कल तक किसान केवल मौसम और अनुभव पर डिपेंड थे, आज वही खेत ड्रोन, सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Drones, sensors and artificial intelligence) की लैंग्वेज बोल रहे हैं। ये कोई सपना नहीं, बल्कि भारत के एग्री-टेक स्टार्टअप्स (Agri-tech startups and innovation) द्वारा लिखी जा रही वास्तविकता है।
मिट्टी में उग रही है टेक्नोलॉजी
Agri-tech यानी कृषि-तकनीक, किसानों की समस्याओं का Modern science and innovation के साथ समाधान है। ये Startups केवल ऐप बनाने तक सीमित नहीं हैं। ये खेती के हर पहलू को Data and digital power से बदल रहे हैं।
1.प्रिसिजन फार्मिंग
सेंसर और सैटेलाइट इमेजरी (Sensors and satellite imagery) के जरिए, किसान अब अपने खेत की मिट्टी की नमी, पोषक तत्वों की स्थिति और फसल के स्वास्थ्य की रीयल-टाइम जानकारी पा सकते हैं। इससे पानी, खाद और दवा का सही और कम इस्तेमाल होता है, जिससे लागत घटती है और पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।
2.स्मार्ट सप्लाई चेन
‘Farm to Fork’ यानी ‘खेत से प्लेट’ तक की यात्रा में बर्बादी रोकना एक बड़ी चुनौती है। स्टार्टअप्स ब्लॉकचेन और आईओटी (Startups, Blockchain and IoT) जैसी तकनीकों से ये देख रहे हैं कि उपज ताजगी के साथ, सही मूल्य पर बाजार तक पहुंचे। इससे किसान को बेहतर दाम और ग्राहक को बेहतर क्विलिटी मिलती है।
3.एआई-पावर्ड सलाह
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial intelligence) से लैस प्लेटफॉर्म, मौसम का पैटर्न, मिट्टी का डेटा और बीमारियों के इतिहास का Analysis कर किसानों को ये बता सकते हैं कि ‘अगले दस दिन में कीटनाशक का छिड़काव न करें’ या ‘इस हफ्ते सिंचाई कम कर दें।’ ये सलाह भाषा और स्थान के अनुसार दी जाती है।
गहरी रीसर्च से निकलता सल्यूशन
ये सफर आसान नहीं है। एग्री-टेक इनोवेशन के लिए गहरी रीसर्च ज़रूरी है। स्टार्टअप्स कृषि वैज्ञानिकों, डेटा वैज्ञानिकों और किसानों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। वे जैव-प्रौद्योगिकी (Biotech) के जरिए ऐसी फसल किस्में विकसित कर रहे हैं जो कम पानी में उग सकें या जलवायु परिवर्तन को झेल सकें। Vertical farming and hydroponics जैसी तकनीकों से शहरों की छतों पर भी बिना मिट्टी के, कम पानी में सब्जियां उगाई जा रही हैं।
नया भारत, नई फसल
एग्री-टेक क्रांति का सबसे बड़ा असर छोटे और मझोले किसानों पर पड़ रहा है, जो देश की ज़्यादातर कृषि उपज के सोर्स हैं। डिजिटल बाजार, मोबाइल भुगतान और ऑनलाइन सलाह ने उन्हें सशक्त बनाना शुरू कर दिया है। ये केवल प्रोडक्शन बढ़ाने के बारे में नहीं, बल्कि किसान की आमदनी बढ़ाने और कृषि को फायदे और अट्रैक्टिव पेशा बनाने के बारे में है।
भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मज़बूत करता एग्री-टेक
एग्री-टेक स्टार्टअप्स सिर्फ बिजनेस नहीं, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत करने का एक सामाजिक-आर्थिक मिशन हैं। ये इनोवेशन खेतों की मिट्टी से जुड़ा है और टेक्नोलॉजी के आकाश को छू रहा है।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

