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खेतों का इलेक्ट्रानिक चौकीदार

खेतों की निगरानी करने का उपकरण, जंगली जानवरों से बचाने में मददगार

• हर वक़्त करता है खेतों की चौकीदारी

• सौर ऊर्जा और बैटरी से चलता है

• 180 डिग्री की रेंज में 50 फ़ीट की कवरेज़

• पहले 3 बार LED लाइट फ़्लैश करती है

• फिर निकलतती है तरह-तरह की आवाज़ें

खेती से जुड़ी नयी तकनीक और उपकरण के लिहाज़ से दिल्ली के पूसा कृषि मेले में पिछले दिनों एक ऐसा इलेक्ट्रानिक चौकीदार पेश किया गया, जो फसलों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान की रोकथाम में बेहद कारगर साबित हो सकता है। ये इलेक्ट्रानिक चौकीदार एक ऐसे अलार्म सिस्टम से लैस है, जो अपने रेंज में आ रहे जंगली जानवरों की आहट को दूर से ही भाँप लेता है।

फिर पहले अपने LED फ़्लैश से उन्हें चौंकाता है और फिर अलग-अलग तरह की आवाज़ें निकालकर अपना अलार्म बजाता है।

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इलेक्ट्रानिक चौकीदार की कार्यप्रणाली की वजह से जानवर खेतों में घुसने के बजाय पीछे लौट जाते हैं और फसल को नुकसान से बचा लिया जाता है। इस इलेक्ट्रानिक चौकीदार का निर्माण ग़ाज़ियाबाद स्थित क्यारी नर्सरी ऑफ़ इन्नोवेशंस नामक कम्पनी करती है। कम्पनी ने इसका दाम 13 हज़ार रुपये रखा है।

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इसके इस्तेमाल में फेंसिंग या कटीले तारों की बाड़बन्दी की अपेक्षा काफ़ी कम खर्च होता है और सबसे बढ़कर इन्सान और वन्य जीवन के बीच संघर्ष की नौबत नहीं आती। दोनों ही अपनी-अपनी दुनिया में सुरक्षित रहते हैं। इस इलेट्रॉनिक चौकीदार को 2017 में विकसित किया गया था। इसके सेंसर्स 180 डिग्री के क्षेत्र में 50 फ़ीट तक के इलाके की कवरेज़ करते हैं।

दूरदराज़ के इलाके में और हरेक मौसम में उपयोगी बनाये रखने के लिए इसे बैटरी से संचालित किया जाता है और बैटरी को चार्ज करने के लिए इसे सौर ऊर्जा से जोड़ा जाता है। खेती की निगरानी करने वाले इस उपकरण की विदेश में भी ख़ासी माँग है।

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