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आज 23 फरवरी 2026 का दिन उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गौ-पालन इतिहास में सुनहरे लफ्ज़ो में लिखा जाएगा। लखनऊ के गोमती नगर स्थित इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान गौ-क्रांति का सेंटर स्टेज बन गया है, जो प्रदेश के करोड़ों किसानों की किस्मत बदलने की ताकत रखता है। पशुपालन और दुग्ध विकास विभाग (Animal Husbandry and Dairy Development Department) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘गोधन समागम-2026’ (‘Godhan Samagam-2026’) महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि योगी सरकार की उस महत्वाकांक्षी सोच का आईना है।
किसानों और गौ-पालकों को मिलेगा सम्मान
इस कार्यक्रम (Godhan Samagam-2026) में उन लोगों को सम्मानित किया जा रहा है जो गायों की देखभाल और दूध उत्पादन में अच्छा काम कर रहे हैं।
-:वर्ष 2024-25 के लिए 63 ‘गोकुल पुरस्कार’ दिए जाएंगे
-:49 ‘नन्द बाबा पुरस्कार’ दिए जाएंगे
-:प्रदेश की 5 सबसे अच्छी गौशालाओं को भी सम्मानित किया जाएगा
-:ये पुरस्कार उन किसानों और गौ-पालकों के लिए हैं जो देसी नस्ल की गायों को बचाने में लगे हुए हैं।
हरदोई ने मारी बाज़ी, बना नंबर वन
गो-संरक्षण और गौशाला प्रबंधन में इस बार हरदोई जिले ने पहला स्थान हासिल किया है। हरदोई को यह सम्मान मिला है क्योंकि उसने बहुत अच्छा काम किया है:
- समय पर फंड की मांग की
- 1277 सीसीटीवी कैमरे लगाए
- सेट्रलाइज़ कंट्रोल रूम बनाया
- 662.76 हेक्टेयर ज़मीन पर चारागाह विकसित किया
दूसरे स्थान पर अलीगढ़ और तीसरे स्थान पर अमरोहा रहा। इन जिलों के अधिकारियों को आज के कार्यक्रम में सम्मानित किया जा रहा है।
कैसे हुआ जिलों का चयन?
दुग्ध शाला विकास विभाग ने गौशालाओं के अच्छे संचालन, संरक्षण अभियान और नए प्रयोगों के आधार पर इन जिलों का चयन किया। पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. मेमपाल सिंह ने ये सूची जारी की है।
कार्यक्रम में ये बड़े अधिकारी हुए शामिल
अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम और दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. जी. (Additional Chief Secretary Mukesh Kumar Meshram and Milk Commissioner Dhanalakshmi K.G.) भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। उन्होंने अपने विचार रखे और गौशालाओं के बेहतर प्रबंधन के बारे में चर्चा की।
दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के.जी. ने बताया कि इस कार्यक्रम में गोपालन से जुड़े विशेषज्ञों ने किसानों को देसी नस्ल की गाय पालने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में इसके महत्व के बारे में जानकारी दी।
प्रदर्शनी और नई तकनीक
गोधन समागम (Godhan Samagam-2026) में एक बड़ी ‘गोधन प्रदर्शनी’ भी लगाई गई है। यहां लोग पशुपालन की आधुनिक तकनीकों को देख और समझ सकते हैं। दूध उत्पादन बढ़ाने के नए तरीकों के बारे में भी बताया जा रहा है।
देसी नस्ल की गायों पर जोर
सरकार देसी नस्ल की गायों के पालन पर खास जोर दे रही है। इससे किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं और गांवों में रोजगार के नए मौके पैदा हो सकते हैं। सरकार की कोशिश है कि हर किसान तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचे।
किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है लक्ष्य
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का मुख्य लक्ष्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार चाहती है कि किसान सिर्फ पारंपरिक खेती पर निर्भर न रहें, बल्कि पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन और मछली पालन जैसे काम भी करें।
इन कामों में कमाई की बहुत संभावनाएं हैं। सरकार इन व्यवसायों के लिए कम ब्याज पर लोन, सब्सिडी और अच्छा प्रशिक्षण भी दे रही है।
गोधन समागम-2026 (Godhan Samagam-2026) सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह उन किसानों और गौ-सेवकों के सम्मान का दिन है जो चुपचाप गायों की सेवा कर रहे हैं और दूध उत्पादन बढ़ाकर देश को मजबूत बना रहे हैं।
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