महाराष्ट्र ने बनाई देश में पहली बार किसानों के लिए ख़ास ‘Agriculture AI’नीति, खर्च होंगे 500 करोड़

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में राज्य ने 'Agriculture AI' के क्षेत्र में देश में पहल करते हुए एक ऐतिहासिक सम्मेलन आयोजित किया है, जिसका सीधा फायदा सबसे छोटे किसान तक को होगा।

महाराष्ट्र ने बनाई देश में पहली बार किसानों के लिए ख़ास 'Agriculture AI'नीति, खर्च होंगे 500 करोड़

सोचिए, आपका खेत आपसे बात करे! आपको बताए कि उसे कौन सा पोषक तत्व चाहिए, कब पानी देना है और कैसे कीड़े से बचना है। ये इमेजिनेशन अब महाराष्ट्र (Maharashtra) में हकीकत बनने जा रही है। महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने खेती में आधुनिक तकनीक का तड़का लगाने का फैसला लिया है, और इसके लिए 500 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) की अगुवाई में राज्य ने ‘Agriculture AI’ के क्षेत्र में देश में पहल करते हुए एक ऐतिहासिक सम्मेलन आयोजित किया है, जिसका सीधा फायदा सबसे छोटे किसान तक को होगा।

अब किताबी कीड़े नहीं, असली कीड़ों का पता लगाएगा AI

‘Maharashtra Artificial Intelligence Policy 2025-2029’ के तहत, अब किसान को कीटनाशक की दुकान के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार ने सम्मेलन में कई शानदार AI ऐप्स लॉन्च किए हैं, जिनमें एक ख़ास ‘कीट और रोग पहचान प्रणाली’ भी शामिल है। अब किसान बस अपने फोन के कैमरे से फसल पर लगे कीड़े की तस्वीर खींचेगा, और AI तुरंत बताएगा कि ये कौन सा कीट है और उसका इलाज क्या है। यानी, अब फसल का डॉक्टर किसान की जेब में होगा। 

30 लाख किसानों की सेना, ‘महाविस्तार’ से जुड़ी

आपको बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने ये काम अभी से शुरू कर दिया है। सीएम फडणवीस ने बताया कि ‘महाविस्तार’ ऐप (‘MahaVistaar’ app) से पहले ही 30 लाख से ज्यादा किसान जुड़ चुके हैं। ये ऐप किसानों को उनकी अपनी भाषा में फसल, मौसम और बाजार भाव की सटीक जानकारी दे रहा है।
अब सरकार इसे और भी पावरफुल बनाने जा रही है। अब किसान इस ऐप से सवाल पूछ सकेंगे और तुरंत जवाब पा सकेंगे। जैसे – ‘भैया, इस बार बारिश कैसी रहेगी?’ या ‘टमाटर का सही भाव क्या है?’ और AI तुरंत जवाब देगा।

क्यों पड़ी AI की ज़रूरत?

कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे (Agriculture Minister Dattatraya Bharne) ने बड़े ही सादे शब्दों में इसकी वजह बताई। आज खेती के सामने कई चुनौतियां हैं,  मौसम का बदलता मिजाज़ (कभी बाढ़ तो कभी सूखा), ज़मीन के अंदर पानी का स्तर लगातार गिरना, जमीन की सेहत खराब होना, और बाजार में भाव का उतार-चढ़ाव। ऐसे में AI ही एक ऐसा ज़रिया है, जो इन सबका आंकड़ों के आधार पर सटीक अनुमान लगाकर किसान को पहले ही सचेत कर सकता है। ये खेती को ‘Game Changer’ साबित होगा।

सरकार का दावा: सबको मिलेगा बराबर का मौका

महाराष्ट्र सरकार का सबसे बड़ा ज़ोर इस बात पर है कि ये तकनीक सिर्फ बड़े किसानों की नहीं, बल्कि छोटे और सीमांत किसानों की मदद करे। सीएम फडणवीस ने साफ किया कि हर किसान के पास स्मार्टफोन नहीं है, इसलिए सरकार ने वॉइस-आधारित सेवाएं शुरू की हैं। यानी, बिना पढ़े-लिखे किसान भी बस बोलकर जानकारी ले सकते हैं।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ बड़े समझौते 

इस सम्मेलन में सिर्फ बातें नहीं हुईं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ कई बड़े समझौते भी किए गए। इससे महाराष्ट्र में Agricultural Research and Innovation को बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने महाराष्ट्र की इस पहल की जमकर तारीफ करते हुए इसे पूरे देश के लिए ideal बताया।

 

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

 

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