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राज्य सरकार ने ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 (Global Rajasthan Agritech Meet 2026) की तैयारियों को मज़बूत करने और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इसके तहत प्रदेश के सभी 2,839 गिरदावर सर्किलों में एक दिवसीय विशेष ग्राम उत्थान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के जरिए किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों को केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार का मानना है कि ये शिविर ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 (Global Rajasthan Agritech Meet 2026) के लिए ज़मीनी स्तर पर मज़बूत आधार तैयार करेंगे और किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होंगे।
दो चरणों में होंगे ग्राम उत्थान शिविर
कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि ये शिविर 23 जनवरी से शुरू होंगे और दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे। पहले चरण का शुभारंभ बसंत पंचमी के अवसर पर 23 जनवरी से होगा, जिसमें 24, 25 और 31 जनवरी को भी शिविर लगाए जाएंगे।
दूसरे चरण में 1 फरवरी और 5 से 9 फरवरी तक शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस तरह कुल 10 दिनों में पूरे प्रदेश में 2,839 ग्राम उत्थान शिविर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे। ये पूरी पहल ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 (Global Rajasthan Agritech Meet 2026) के तहत ग्रामीण उत्थान के बड़े कार्यक्रम के रूप में देखी जा रही है।
22 जनवरी को ग्राम सभाओं से दी गई जानकारी
ग्रामीणों को इन शिविरों की जानकारी देने के लिए 22 जनवरी को सभी गांवों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन ग्राम सभाओं में लोगों को बताया जाएगा कि शिविरों में कौन-कौन सी सेवाएं और योजनाओं का लाभ मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य ये है कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग ग्राम उत्थान शिविरों में पहुंचें और ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 (Global Rajasthan Agritech Meet 2026) से पहले योजनाओं का लाभ उठा सकें।
कृषि और उद्यानिकी विभाग की प्रमुख सेवाएं
ग्राम उत्थान शिविरों में कृषि और उद्यानिकी विभाग की ओर से कई अहम कार्य किए जाएंगे। इनमें तारबंदी, पाइपलाइन, फार्म पॉन्ड, फव्वारा, ड्रिप और मिनी स्प्रिंकलर जैसी सिंचाई योजनाओं का सत्यापन शामिल है।
इसके साथ ही प्लास्टिक मल्च, सॉयल हेल्थ कार्ड, फ़सल बीमा, सौर पंप संयंत्र की स्वीकृति, बैलों से खेती योजना के तहत प्रोत्साहन राशि की स्वीकृति और बीज मिनिकिट वितरण का सत्यापन भी किया जाएगा। ये सभी पहलें ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 (Global Rajasthan Agritech Meet 2026) के उद्देश्यों से जुड़ी मानी जा रही हैं।
पशुपालकों और डेयरी किसानों को मिलेगा लाभ
पशुपालन विभाग की ओर से मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशुपालकों का पंजीकरण किया जाएगा। इसके साथ पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, पशु आहार और खनिज मिश्रण का वितरण किया जाएगा।
डेयरी विभाग पीडीसीएस और डीसीएस के पंजीयन, नए सदस्यों को जोड़ने, डेयरी बूथ और डेयरी मार्ट के आवंटन तथा सहकारी ऋण से जुड़े कार्यों को भी शिविरों में पूरा करेगा। ये सभी कदम ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 (Global Rajasthan Agritech Meet 2026) से पहले पशुपालन और डेयरी सेक्टर को मज़बूत करने के लिए उठाए जा रहे हैं।
ग्रामीण विकास और आवास योजनाओं पर फ़ोकस
ग्रामीण विकास विभाग की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बने मकानों में लाभार्थियों का गृह प्रवेश कराया जाएगा और चाबी सौंपी जाएगी। इसके साथ ही वीबी जी राम जी योजना का प्रचार-प्रसार और पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना का सर्वे कार्य भी पूरा किया जाएगा।
ये सब इसलिए किया जा रहा है ताकि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 (Global Rajasthan Agritech Meet 2026) से पहले ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं में सुधार दिख सके।
पंचायती राज, आपदा प्रबंधन और अन्य विभागों की भागीदारी
पंचायती राज विभाग ग्राम सभाओं का आयोजन करेगा और स्वामित्व कार्ड का वितरण करेगा। आपदा प्रबंधन विभाग एसडीआरएफ की शेष अनुदान राशि का डीबीटी के जरिए भुगतान करेगा। उद्योग विभाग युवा स्वरोज़गार योजनाओं के आवेदन स्वीकार करेगा, जबकि जल संसाधन विभाग वंदे गंगा संरक्षण अभियान, नहरों की मरम्मत और जल उपयोगकर्ता संघों (WUA) को सक्रिय करने से जुड़े कार्य करेगा। ये सभी प्रयास ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 (Global Rajasthan Agritech Meet 2026) के व्यापक विजन का हिस्सा हैं।
12 विभाग मिलकर करेंगे काम
इन ग्राम उत्थान शिविरों में कुल 12 विभाग भाग लेंगे। इनमें कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, मत्स्य पालन, डेयरी, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग, ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग शामिल हैं। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है, जो पूरे अभियान का समन्वय करेगा। ये बहु-विभागीय समन्वय ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 (Global Rajasthan Agritech Meet 2026) की सफ़लता के लिए अहम माना जा रहा है।
प्रभारी सचिव और ज़िला कलेक्टर करेंगे निगरानी
सरकार ने शिविरों के सफ़ल आयोजन के लिए निगरानी की भी मज़बूत व्यवस्था की है। प्रभारी सचिव शिविरों का निरीक्षण करेंगे, जबकि ज़िला कलेक्टर स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।
इससे ये सुनिश्चित किया जाएगा कि शिविरों में किसी तरह की अव्यवस्था न हो और लोगों को योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिले। ये पूरी प्रक्रिया ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 (Global Rajasthan Agritech Meet 2026) से जुड़ी तैयारियों का अहम हिस्सा है।
आधुनिक कृषि तकनीकों को मिलेगा बढ़ावा
गौरतलब है कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 (Global Rajasthan Agritech Meet 2026) में देश-विदेश के किसान, पशुपालक, कृषि विशेषज्ञ और तकनीकी प्रदर्शक भाग लेंगे। इससे राजस्थान में आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को नई जानकारी मिलेगी।
ग्राम उत्थान शिविरों के जरिए सरकार ये सुनिश्चित करना चाहती है कि किसान पहले से ही योजनाओं का लाभ उठाकर इस बड़े आयोजन के लिए तैयार हों।
किसानों की आय और ग्रामीण विकास पर असर
राज्य सरकार का मानना है कि ये ग्राम उत्थान शिविर ग्रामीण विकास, कृषि उन्नयन और किसानों की आय वृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होंगे। ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 (Global Rajasthan Agritech Meet 2026) से पहले इस तरह की ज़मीनी तैयारी से ये साफ़ है कि सरकार किसानों और ग्रामीण समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए गंभीर है।
निष्कर्ष
ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 (Global Rajasthan Agritech Meet 2026) से पहले आयोजित होने वाले ये ग्राम उत्थान शिविर राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण पहल हैं। इससे किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों को एक ही मंच पर कई योजनाओं का लाभ मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य है कि इन शिविरों के जरिए गांव-गांव तक विकास पहुंचे और ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2026 (Global Rajasthan Agritech Meet 2026) को एक सफ़ल और प्रभावी आयोजन बनाया जा सके।
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