केंद्रीय बजट 2026-27 (Union Budget 2026) ने Women’s empowerment को एक नई, ठोस दिशा देते हुए ‘SHE Mart’ (Self-help Entrepreneur Mart) की ऐतिहासिक घोषणा की है। ये सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के स्वामित्व वाला Retail Empire बनने जा रहा है, जो उन्हें सीधे बाज़ार से जोड़ेगा।
लखपति दीदी से ‘उद्यमी दीदी’ का सफ़र
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि SHE Mart, लखपति दीदी योजना की सफलता पर खड़ा होगा। अब तक इस योजना ने 2 करोड़ से अधिक महिलाओं को सालाना 1 लाख रुपये कमाने में मदद की है। अगला लक्ष्य है – इन महिलाओं को कर्ज़ लेने वाली से, उद्यम चलाने वाली बनाना। SHE Mart इसी बदलाव की कुंजी है।

क्या है SHE Mart का मॉडल? ये चार बातें समझें
1.Community Ownership: ये मार्ट्स क्लस्टर-स्तरीय महिला संघों (फेडरेशन) द्वारा चलाए जाएंगे। यानी कई गाँवों की महिलाएं मिलकर इसकी मालकिन होंगी।
2.Organized Market: महिलाओं द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प, अचार-पापड़, जैविक उत्पाद, स्थानीय विशेषताएं आदि को बेचने का स्थायी, संगठित प्लेटफॉर्म मिलेगा।
3.Financial Strength: इन्हें नवीन वित्तीय साधनों (nnovative financing) से समर्थन मिलेगा, ताकि महिलाओं को व्यवसाय बढ़ाने के लिए आसानी से लोन या अनुदान मिल सके।
4.Freedom From Middlemen: उत्पादों का Storage and direct sales से बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी, जिससे महिलाओं को अपने मेहनत की कीमत पूरी मिलेगी।
झारखंड बनेगा अग्रणी
इस योजना में झारखंड को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि यहां जेएसएलपीएस (Jharkhand State Livelihood Promotion Society) के माध्यम से पहले से ही लगभग 39 लाख ग्रामीण महिला एसएचजी सदस्य सक्रिय हैं। राज्य का मजबूत एसएचजी इकोसिस्टम SHE Mart को नई ऊंचाई दे सकता है।
गहरा प्रभाव: केवल आमदनी नहीं, पहचान का सवाल
SHE Mart सिर्फ आमदनी बढ़ाने की योजना नहीं है। ये महिलाओं को उनकी पहचान और आत्मविश्वास देगा। जो महिलाएं पहले केवल घर की चारदीवारी तक सीमित थीं, अब वे ‘ब्रांड ओनर’ बनेंगी। इससे परिवार की शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक हैसियत पर पॉजिटिव प्रभाव पड़ेगा और लोकल अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।