Union Budget 2026–27 से कैसे बदलेगा ग्रामीण भारत और कृषि क्षेत्र का भविष्य?

Union Budget 2026–27 में कृषि, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और किसानों के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं, जानिए पूरी जानकारी।

Union Budget 2026–27

केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने Union Budget 2026–27 को “ऐतिहासिक” और “अभूतपूर्व” करार देते हुए कहा है कि ये बजट विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मज़बूत नींव रखता है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में पेश किया गया ये Union Budget 2026–27 देश के सामाजिक और आर्थिक विकास के संकल्प को नई गति देता है।

शिवराज सिंह चौहान ने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ये 12वां बजट है, जबकि वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने लगातार नौवीं बार बजट पेश कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने इसे पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया।

विकसित भारत के सपने को साकार करने वाला Union Budget 2026–27

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि Union Budget 2026–27 विकसित भारत (Viksit Bharat) के सपने को साकार करने वाला एक गतिशील बजट है। ये सामाजिक समृद्धि, राष्ट्रीय संकल्प और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, ये बजट वर्ष 2047 तक भारत को एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में ठोस आधार प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि ये Union Budget 2026–27 किसानों, युवाओं, महिलाओं और ग़रीबों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेगा। ये चारों वर्ग देश की मज़बूत नींव हैं और बजट में इन्हें प्राथमिकता दी गई है।

गांव, ग़रीब, किसान, युवा और महिलाओं पर विशेष फ़ोकस

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि Union Budget 2026–27 को गांवों, ग़रीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रही योजनाओं के कारण देश में ग़रीबी लगातार कम हो रही है और ये बजट ग़रीबों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बेहद अहम है।

उनके अनुसार, ये Union Budget 2026–27 केवल आर्थिक आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि ये सामाजिक बदलाव का माध्यम भी है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का लक्ष्य रखता है।

Union Budget 2026–27 से कैसे बदलेगा ग्रामीण भारत और कृषि क्षेत्र का भविष्य?

‘लखपति दीदी’ की सफलता को आगे बढ़ाएगा ‘SHE-Mart’

महिलाओं के सशक्तिकरण पर बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि Union Budget 2026–27 में ‘लखपति दीदी’ योजना की सफलता को आगे बढ़ाने के लिए ‘SHE-Mart’ का प्रावधान किया गया है। इसके तहत हर जिले में समुदाय के स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट स्थापित किए जाएंगे, जहां स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को बेचने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने बताया कि इस पहल से पशुपालन, कृषि और अन्य गतिविधियों से जुड़ी महिलाएं केवल सीमित आजीविका तक ही नहीं रहेंगी, बल्कि उद्यमी के रूप में आगे बढ़ेंगी। Union Budget 2026–27 का ये कदम ग्रामीण महिला उद्यमिता को नई पहचान देगा।

ग्रामीण विकास बजट में 21 प्रतिशत की वृद्धि

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि Union Budget 2026–27 में ग्रामीण विकास मंत्रालय के बजट में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालयों के बजट को मिलाकर देखा जाए, तो ये राशि अब 4,35,779 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है, जो सरकार की गांवों और किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

उन्होंने बताया कि ‘विकसित भारत ग्राम योजना’ के लिए, राज्यों के योगदान सहित, 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। ये Union Budget 2026–27 में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है।

मनरेगा और पंचायतों को सीधी मदद

मनरेगा पर बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले इसका कुल बजट लगभग 86,000 करोड़ रुपये था, जबकि Union Budget 2026–27 में केंद्र का हिस्सा बढ़ाकर 95,692 करोड़ रुपये से अधिक कर दिया गया है। राज्यों के योगदान को जोड़ने पर ये राशि 1.51 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच जाती है, जिसे उन्होंने ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बताया।

उन्होंने ये भी कहा कि 16वें वित्त आयोग के फैसले के तहत पंचायतों को सीधे 55,900 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जाएगी। पहले पांच वर्षों में पंचायतों को जहां 2.36 लाख करोड़ रुपये मिले थे, वहीं अब ये बढ़कर लगभग 4.35 लाख करोड़ रुपये हो गए हैं। शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, ये Union Budget 2026–27 गांवों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

कृषि बजट में बड़ी बढ़ोतरी, किसानों को सीधा लाभ

कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि Union Budget 2026–27 में कृषि विभाग का बजट बढ़ाकर 1.32 लाख करोड़ रुपये से अधिक कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए 9,967 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे Indian Council of Agricultural Research (ICAR) को मज़बूती मिलेगी और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

उर्वरकों को सस्ता रखने के लिए Union Budget 2026–27 में 1.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक की उर्वरक सब्सिडी दी गई है, ताकि किसानों की लागत कम हो और उन्हें राहत मिल सके।

Union Budget 2026–27 से कैसे बदलेगा ग्रामीण भारत और कृषि क्षेत्र का भविष्य?

फाइबर, औषधीय पौधों और उच्च मूल्य वाली फ़सलों पर ज़ोर

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि Union Budget 2026–27 में नेशनल फाइबर स्कीम के तहत रेशम, ऊन और जूट जैसे फाइबर पर ध्यान दिया गया है, जिससे इन क्षेत्रों से जुड़े किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही आयुष मंत्रालय के तहत औषधीय पौधों के प्रमाणन और निर्यात से जुड़े प्रावधान किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेंगे।

उन्होंने बताया कि नारियल, कोको, काजू और चंदन जैसी उच्च मूल्य वाली फ़सलों के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। पुराने नारियल बागानों के पुनरोद्धार और नए बागानों की स्थापना पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही, फल और सब्ज़ियों के उत्पादन और उनकी आसान आपूर्ति के लिए भी व्यवस्था की गई है, ताकि किसानों को बेहतर दाम मिलें और उपभोक्ताओं तक उत्पाद आसानी से पहुंच सकें।

कुल मिलाकर, शिवराज सिंह चौहान के अनुसार Union Budget 2026–27 गांवों, किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने वाला एक दूरदर्शी बजट है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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