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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) ने एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। Micro, Small and Medium Enterprises (MSMEs) को मज़बूती देने के लिए सरकार ने छोटे उद्योग विकास बैंक (Small Industries Development Bank) यानि SIDBI को 5,000 करोड़ रुपये की एडिशनल कैपिटल (Additional capital) देने की मंजूरी दी है। ये पूंजी 2025-26 से 2027-28 के बीच तीन किश्तों में दी जाएगी।
ये फैसला किसान और छोटे व्यापारी के लिए क्यों है फायदेमंद?
इस फैसले का सीधा और गहरा फायदा देश के करोड़ों छोटे दुकानदारों, कारीगरों, किसानों और स्टार्टअप्स को मिलेगा। आइए समझते हैं कैसे-
आसान और सस्ता लोन मिलेगा
- SIDBI को ये पूंजी मिलने से उसकी वित्तीय ताकत (Financial strength) बढ़ेगी।
- मज़बूत बैंक बाज़ार से अपने लिए भी पैसा (कर्ज़) कम ब्याज दर पर जुटा पाएगा।
- जब बैंक को पैसा सस्ता मिलेगा, तो वो आपको, यानी छोटे व्यवसायी को भी कम ब्याज दर पर लोन दे पाएगा। इससे छोटे किसानों, छोटे दुकानदारों की लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ेगा।
बिना गिरवी रखे (Collateral-Free) मिलेगी मदद
- SIDBI डिजिटल तरीके से ऐसे प्रोडक्ट बना रहा है जिनमें जमानत या गिरवी की ज़रूरत नहीं होगी।
- यानी अगर आपके पास ज़मीन या भारी संपत्ति नहीं है, तब भी आप व्यवसाय बढ़ाने के लिए लोन पा सकते हैं। ये छोटे किसानों और गांव के उद्यमियों के लिए ख़ासतौर से फायदेमंद है।
नए रोज़गार का डेवलपमेंट
- इस स्कीम का सबसे बड़ा असर रोज़गार पर दिखेगा।
- सरकार का टारगेट है कि इस पूंजी से 25.74 लाख नए MSME इकाइयों तक वित्तीय सहायता (Financial assistance) पहुंचे।
- मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, एक MSME औसतन 4.37 लोगों को रोज़गार देता है। इस हिसाब से, लगभग 1.12 करोड़ नए लोगों को रोज़गार के अवसर मिलने का अनुमान है। ये युवाओं और गांवों के लिए एक बहुत बड़ी खुशख़बरी है।
तकनीक और इनोवेशन को बढ़ावा
- SIDBI स्टार्टअप्स और नए इनोवेटिव बिज़नेसमैन को भी ‘वेंचर डेट’ देता है।
- इस अतिरिक्त पूंजी से नए और जोखिम भरे, लेकिन भविष्य के वादे वाले, व्यवसायों को भी फंड मिल सकेगा। इससे देश में नए आइडिया और तकनीक को बल मिलेगा।
बिज़नेस का विस्तार और मज़बूती
- कई छोटे व्यवसायी पुरानी मशीनें चलाते हैं या सीमित स्टॉक रखते हैं। सस्ता लोन मिलने से वे नई मशीनें ख़रीद सकेंगे, स्टॉक बढ़ा सकेंगे, और अपने व्यवसाय का दायरा बढ़ा सकेंगे।
- किसान अगर प्रोसेसिंग यूनिट लगाना चाहें, या कोई दुकानदार अपनी दुकान का डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाना चाहे, तो उसे पूंजी आसानी से मिल जाएगी।
एक मज़बूत अर्थव्यवस्था की नींव
ये सिर्फ 5,000 करोड़ रुपये का निवेश नहीं है, बल्कि देश की आर्थिक रीढ़ (MSME सेक्टर) को मजबूत करने की एक सोची-समझी Strategy है। ये कदम देश को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ओर ले जाने वाला एक मज़बूत पड़ाव है। जब छोटा व्यवसायी मजबूत होगा, किसान की आमदनी बढ़ेगी, तो पूरी अर्थव्यवस्था में Multiplier Effect पैदा होगा और देश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा। ये फैसला हर उस हाथ को ताकत देगा, जो देश की तरक्की के लिए मेहनत कर रहा है।
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