Table of Contents
भारत के कृषि क्षेत्र में स्वच्छता, पारदर्शिता और कुशल प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने विशेष अभियान 5.0 को सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह अभियान लंबित मामलों के निपटान, अभिलेख प्रबंधन, सार्वजनिक शिकायतों के समाधान और कार्यस्थलों की स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए चलाया गया था।
स्वच्छता और अनुशासन की दिशा में बड़ी उपलब्धि
विशेष अभियान 5.0 के दौरान देशभर के ICAR संस्थानों, क्षेत्रीय केंद्रों और कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) में कुल 8,016 स्वच्छता अभियान चलाए गए, जो निर्धारित लक्ष्य 8,050 के करीब थे। इन अभियानों में विभागीय कर्मचारियों के साथ स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इन प्रयासों से 2,35,591 वर्गफुट क्षेत्र को खाली कराया गया। पुराने और अनुपयोगी सामान के व्यवस्थित निपटान से कार्यालयों में बेहतर जगह का उपयोग सुनिश्चित हुआ और कार्यस्थल अधिक स्वच्छ और सुव्यवस्थित बने।
कबाड़ की नीलामी से ₹2.45 करोड़ का राजस्व
इस विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत न केवल स्वच्छता पर जोर दिया गया, बल्कि संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी प्राथमिकता दी गई। कबाड़ और अप्रयुक्त सामग्रियों की नीलामी से ₹2.45 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त किया गया। यह उपलब्धि न केवल आर्थिक अनुशासन का उदाहरण है बल्कि DARE/ICAR की वित्तीय दक्षता और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
अभिलेख प्रबंधन में पारदर्शिता और दक्षता
विशेष अभियान 5.0 के तहत अभिलेख प्रबंधन (Record Management) पर विशेष ध्यान दिया गया।
- 26,000 फाइलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 25,591 फाइलें निष्कासन के लिए चिन्हित की गईं।
- इनमें से 10,815 फाइलें सफलतापूर्वक हटाई गईं, जिससे अभिलेखों का बोझ कम हुआ और कार्यकुशलता बढ़ी।
- साथ ही, 15,125 ई-फाइलों की समीक्षा की गई और 4,254 ई-फाइलें बंद की गईं, जिससे डिजिटल प्रबंधन में पारदर्शिता और सुगमता आई।
इन कदमों से प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई।
सार्वजनिक शिकायतों और संसदीय मामलों का समय पर निपटान
विशेष अभियान 5.0 के दौरान DARE और ICAR ने लंबित सार्वजनिक शिकायतों और संसदीय मामलों का भी प्रभावी समाधान किया।
- कुल 63 सार्वजनिक शिकायतों में से 59 को सफलतापूर्वक निपटाया गया।
- तीनों संसदीय आश्वासन और तीन राज्य सरकार संदर्भों पर पूरी तरह अनुपालन किया गया।
- इसके अलावा, 8 सांसद संदर्भों और 9 अपीलों का भी शीघ्र निपटारा किया गया।
यह प्रदर्शन विभाग की उत्तरदायित्वपूर्ण शासन प्रणाली (Responsive Governance) की मज़बूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
डिजिटल और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सुधार
विशेष अभियान 5.0 ने यह साबित किया कि जब स्वच्छता, पारदर्शिता और डिजिटल कार्यप्रणाली को एक साथ जोड़ा जाए, तो संस्थागत कार्यकुशलता कई गुना बढ़ जाती है। इस अभियान के तहत फाइलों के डिजिटलीकरण, ई-ऑफिस प्रणाली के विस्तार और ई-रिकॉर्ड के उपयोग को प्रोत्साहित किया गया। इससे न केवल भौतिक फाइलों पर निर्भरता कम हुई बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया भी तेज और प्रभावी बनी।
संस्थागत संस्कृति में जवाबदेही और पारदर्शिता का समावेश
DARE/ICAR द्वारा चलाए गए विशेष अभियान 5.0 ने यह दिखाया कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं बल्कि एक संस्थागत संस्कृति बन चुकी है। कर्मचारियों से लेकर उच्च पदाधिकारियों तक सभी ने इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की, जिससे संगठन के भीतर जवाबदेही और टीम वर्क की भावना मज़बूत हुई। अब यह अभियान केवल सरकारी पहल नहीं रहा, बल्कि पूरे कृषि अनुसंधान नेटवर्क की साझा जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया है।
भविष्य के लिए दिशा
विशेष अभियान 5.0 की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया कि स्वच्छ, पारदर्शी और कुशल प्रशासनिक ढांचा कृषि अनुसंधान और शिक्षा के विकास के लिए अनिवार्य है। इस अभियान के अनुभवों और उपलब्धियों के आधार पर DARE/ICAR भविष्य में डिजिटल फाइल प्रबंधन, पर्यावरण-अनुकूल कार्यालय संचालन और जनसंपर्क की पारदर्शी प्रणाली को और सशक्त करने की दिशा में काम करेगा।
निष्कर्ष
विशेष अभियान 5.0 ने न केवल कागज़ी कामकाज को व्यवस्थित किया बल्कि स्वच्छता, पारदर्शिता और जवाबदेही को संस्थागत मूल्यों का हिस्सा बना दिया। ₹2.45 करोड़ के राजस्व, 2.35 लाख वर्गफुट स्थान की उपलब्धता और हजारों फाइलों के डिजिटलीकरण के साथ यह अभियान कृषि अनुसंधान क्षेत्र में प्रशासनिक उत्कृष्टता का नया अध्याय जोड़ गया है। यह कहना उचित होगा कि विशेष अभियान 5.0 ने “स्वच्छ भारत, सशक्त संस्थान” की भावना को सच्चे अर्थों में साकार किया है।
इसे भी पढ़िए: भारत में कृषि योजनाएं और कृषि विश्वविद्यालय मिलकर बना रहे हैं आत्मनिर्भर खेती का भविष्य
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

