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बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए काटे गए 1.89 लाख से अधिक पेड़, RTI में हुआ खुलासा

एक आरटीआई में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में राज्य वन विभाग ने कहा है कि उप्र एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने परियोजना के लिए 1,89,036 पेड़ काटे हैं।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhand Expressway): बांदा के एक आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ला के एक प्रश्न के उत्तर में राज्य वन विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक, अतुल अस्थाना ने कहा कि उप्र एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने परियोजना के लिए 1,89,036 पेड़ काटे हैं। जवाब के अनुसार ये सभी पेड़ बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा में काटे गए हैं।

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उल्लेखनीय है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के माध्यम से एक चार लेन वाली 296 किलोमीटर लंबी सड़क इटावा को चित्रकूट और उत्तर प्रदेश के जिलों को यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से जोड़ेगी। एक्सप्रेस-वे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के साथ बुंदेलखंड क्षेत्र की बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा।

सूचना का अधिकार (RTI) के माध्यम से मिले जवाब में कहा गया है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए 1.89 लाख से ज्यादा पेड़ काटे गए हैं। बांदा के डिविजनल वनाधिकारी संजय अग्रवाल ने कहा कि केंद्र से अनुमति मिलने के बाद पेड़ों को काटा गया। आरटीआई के उत्तर में कहा गया है कि UPEIDA ने एक्सप्रेसवे के किनारे 2.70 लाख पौधे लगाने की योजना बनाई गई है।

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