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शिमला मिर्च की खेती: पॉलीहाउस की खेती में कहां चुके अवनीश पटेल? उन्नत किस्म और तकनीकी सहयोग से पाई कामयाबी

पॉलीहाउस से मुनाफ़ा कमाने के लिए ज़रूरी है तकनीकी जानकारी

पॉलीहाउस या नेट हाउस खेती की आधुनिक तकनीक है, जिसमें तापमान और नमी अपने हिसाब से सेट करके किसान हर तरह की फसल उगा सकते हैं, लेकिन इसे अपनाने से पहले पूरी तकनीकी जानकारी ज़रूरी है, वरना नुकसान होगा जैसा कि वाराणसी के एक किसान को हुआ। अब वो शिमला मिर्च की खेती से अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं।

हमारे देश में कई तरह की सब्ज़ियां उगाई जाती हैं, जिसमें से एक है शिमला मिर्च। चाइनीज़ व्यंजन तो शिमला मिर्च के बिना बनते ही नहीं है। बाज़ार में इसकी मांग भी रहती है। ऐसे में शिमला मिर्च की खेती किसानों के लिए फ़ायदेमंद है। वाराणसी के एक किसान अवनीश पटेल भी शिमला मिर्च की उन्नत किस्म उगाकर अच्छा मुनाफ़ा कमा रहे हैं।

अवनीश पटेल ने पॉलीहाउस में शिमला मिर्च की खेती शुरू की और उसमें सफलता पाई।इसमें वाराणसी के ICAR-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ वेजिटेबल रिसर्च ने उन्हें पूरा तकनीकी सहयोग दिया।

तस्वीर साभार: ICAR

नुकसान होने पर छोड़ दी थी पॉलीहाउस में खेती

वाराणसी के बंगालीपुर गांव के रहने वाले किसान अवनीश पटेल ने उत्तर प्रदेश के राज्य बागवानी विभाग से सब्सिडी लेकर 0.25 एकड़ पॉलीहाउस बनाकर टमाटर की खेती शुरू की थी। सही समय पर बुवाई की जानकारी न होने और उचित प्रबंधन नहीं कर पाने के कारण टमाटर की फसल खराब हो गई। इससे अवनीश पटेल को बहुत नुकसान हुआ। इसके बाद से उन्होंने पॉलीहाउस की खेती ही बंद कर दी।

ICAR से मिली तकनीकी मदद

ICAR-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वेजिटेबल रिसर्च, वाराणसी के वैज्ञानिकों की एक टीम ने जुलाई 2021 में अवनीश के पॉलीहाउस का दौरा किया और ये पता लगाया कि आखिर टमाटर की खेती विफल कैसे हुई। उनकी टीम इस नतीजे पर पहुंची कि तकनीकी जानकारी न होने की वजह से ही उनकी पॉलीहाउस की फसल खराब हुई। वैज्ञानिकों ने उनके पॉलीहाउस को टमाटर और शिमला मिर्च की खेती के प्रदर्शन के लिए चुना। टेक्नोलॉजी के साथ ही ICAR के रियल टाइम तकनीकी सहयोग की बदौलत अवनीश अब शिमला मिर्च की सफल खेती कर रहे हैं।

तस्वीर साभार: ICAR

शिमला मिर्च की उन्नत किस्म

वैज्ञानिकों ने न सिर्फ़ उन्हें तकनीकी सहायता दी, बल्कि समय-समय पर पॉलीहाउस का दौरा करके उन्हें ज़रूरी सलाह भी देते रहे। उन्हें शिमला मिर्च की स्वर्ण अतुल्य किस्म और निजि कंपनियों की दो हाइब्रिड किस्में रेहाना (Rehana) और हंटिंगटन (Huntington) उगाने की सलाह दी गई। उनकी सभी गतिविधियों की वैज्ञानिकों द्वारा रियल टाइम मॉनिटरिंग की गई। वैज्ञानिकों की सहायता और अवनीश की मेहनत रंग लाई और 7 महीने में ही 15 बार शिमला मिर्च की फसल की कटाई की और इस अवधि में 2864 किलो की फसल प्राप्त हुई, वो भी सिर्फ 0.25 एकड़ से। इस फसल से उन्हें 1.27 लाख रुपये की शुद्ध आय हुई।

पॉलीहाउस में खेती के लिए दूसरे किसानों को किया प्रेरित

अवनीश पटेल ने 14-16 दिसंबर 2021 के दौरान ICAR-IIVR में vegetable research and innovations for nutrition, entrepreneurship, and environment विषय पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन अपनी खेती की तकनीक का प्रदर्शन किया। ताकि दूसरे किसान भी इसका लाभ उठा सके। इसके अलावा ICAR-IIVR ने 17 फरवरी 2022 को पॉलीहाउस खेती पर फील्ड डे का आयोजन किया ताकि पॉलीहाउस खेती की तकनीक सभी किसानों को बताई जा सके। साथ ही किसानों को तकनीकी सहयोग का आश्वासन भी दिया गया ताकि ज़्यादा से ज़्यादा किसान इसका फ़ायदा उठा सकें।

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या [email protected] पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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