India-Fiji Relations : भारत और फिजी की कृषि जुगलबंदी, मशीनें, ट्रेनिंग और तकनीक से मिलेगी नई राह!

आपसी सम्मान, सहयोग और मजबूत सांस्कृतिक व जन-से-जन संपर्कों पर आधारित भारत-फिजी रिश्ते (India-Fiji relations) लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं। कृषि और खाद्य सुरक्षा (Agriculture and food security) को इस साझेदारी की 'रीढ़' करार देते हुए उन्होंने कहा कि ये समझदारी आने वाले वक्त में दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित होगी।

India-Fiji Relations : भारत और फिजी की कृषि जुगलबंदी, मशीनें, ट्रेनिंग और तकनीक से मिलेगी नई राह!

भारत और फिजी के बीच कृषि सहयोग (Agricultural cooperation between India and Fiji) के ऐतिहासिक रिश्ते को नई ऊर्जा और विस्तार मिला है। कृषि भवन, नई दिल्ली में हुई एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक (Bilateral meeting) में दोनों देशों ने खाद्य सुरक्षा, तकनीक साझाकरण और शोध जैसे अहम क्षेत्रों (Key areas such as food security, technology sharing, and research) में मिलकर काम करने का रोडमैप तैयार किया है।

मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Minister Shivraj Singh Chouhan) ने फिजी के अपने समकक्ष तोमासी तुनाबुना (Tomasi Tunabuna) के साथ हुई बैठक को ‘ऐतिहासिक और उपयोगी’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपसी सम्मान, सहयोग और मजबूत सांस्कृतिक व जन-से-जन संपर्कों पर आधारित भारत-फिजी रिश्ते (India-Fiji relations) लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं। कृषि और खाद्य सुरक्षा (Agriculture and food security) को इस साझेदारी की ‘रीढ़’ करार देते हुए उन्होंने कहा कि ये समझदारी आने वाले वक्त में दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित होगी।

क्या-क्या तय हुआ? बड़े फैसले

बैठक के ठोस नतीजे सामने आए हैं:

1.समझौता ज्ञापन (MoU) का विस्तार: कृषि सहयोग पर मौजूदा MoU को अगले पांच साल के लिए बढ़ा दिया गया है।

2.संयुक्त कार्यदल (JWG) का गठन: सहयोग को गति देने और प्रगति पर नजर रखने के लिए एक JWG बनेगा।

3.प्रशिक्षण और तकनीक: फिजी के छात्रों और कृषि विशेषज्ञों के लिए भारत में व्यापक प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

4.छोटी मशीनरी और डिजिटल कृषि: भारत की कुशल व किफायती छोटी कृषि मशीनों और डिजिटल कृषि उपकरणों (जैसे- मृदा स्वास्थ्य कार्ड, ड्रोन तकनीक) की फिजी को Accessibility देखनी चाहिए। 

5.जीन व आनुवंशिक संसाधनों का आदान-प्रदान: फसलों की बेहतर किस्मों के विकास के लिए दोनों देश जेनेटिक एक्सचेंज करेंगे, जिससे जलवायु अनुकूल कृषि (Climate-smart agriculture) को बढ़ावा मिलेगा।

6.खाद्य नुकसान कम करना: फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान और खाद्य बर्बादी को रोकने के भारत के अनुभव और इनोवेशन फिजी के साथ partisanship किए जाएंगे।

India-Fiji Relations : भारत और फिजी की कृषि जुगलबंदी, मशीनें, ट्रेनिंग और तकनीक से मिलेगी नई राह!

क्यों है ये साझेदारी इतनी अहम?

ये सहयोग सिर्फ एक समझौता नहीं, बल्कि रणनीतिक जरूरत है। फिजी की अर्थव्यवस्था कृषि और चीनी उद्योग (Fiji’s economy is based on agriculture and the sugar industry.) पर निर्भर है, लेकिन वहां जलवायु परिवर्तन (Climate change) का ख़तरा गहरा रहा है। वहीं, भारत ने Cooperative federalismके तहत किसान केंद्रित नीतियों, खाद्य सुरक्षा और डिजिटल इनोवेशन (Focused policies, food security, and digital innovation) में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।

फिजी को भारत का अनुभव ‘टर्नकी सॉल्यूशन’ (Turnkey solution) की तरह मिल रहा है। यह सहयोग फिजी को ‘स्वदेशी उत्पादन बढ़ाने’ और ‘आयात पर निर्भरता घटाने’ (‘To increase domestic production’ and ‘to reduce dependence on imports’) में मदद करेगा। साथ ही, भारत की ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) नीति और प्रशांत द्वीपीय देशों (Pacific Island Countries) के साथ संबंधों को मज़बूती देने की रणनीति को भी बल मिलेगा।

मौजूद थे दोनों देशों के शीर्ष प्रतिनिधि

इस बैठक में फिजी के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मंत्री तोमासी तुनाबुना (The Fijian delegation was led by Minister Tomasi Tunabuna) ने किया, जिसमें चीनी उद्योग मंत्री चरणजीत सिंह, फिजी के हाई कमिश्नर जगन्नाथ सामी और फिजी शुगर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन एन. रेड्डी (Indian Industry Minister Charanjit Singh, Fiji’s High Commissioner Jagannath Sami, and Fiji Sugar Corporation Chairman N. Reddy) जैसे गणमान्य शख्स शामिल थे। भारत की ओर से कृषि विभाग के सचिव देवेश चतुर्वेदी और डेयर के सचिव एमएल जाट सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


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