Rabi Season 2025-26: केंद्र ने छत्तीसगढ़ की इन 3 फसलों की MSP पर ख़रीद को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के लिए रबी सीजन 2025-26 (Rabi season 2025-26) की तीन अहम फसलों - चना, मसूर और सरसों - की न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) यानि MSP पर ख़रीद के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।

Rabi Season 2025-26: केंद्र ने छत्तीसगढ़ की इन 3 फसलों की MSP पर ख़रीद को दी मंजूरी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Union Agriculture Minister Shivraj Singh Chauhan) ने छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम (Agriculture Minister Ramvichar Netam) से मुलाकात कर राज्य के किसानों के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। इस माटिंग में केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के लिए रबी सीजन 2025-26 (Rabi season 2025-26) की तीन अहम फसलों – चना, मसूर और सरसों – की न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) यानि MSP पर ख़रीद के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इससे राज्य के लाखों किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

क्या है पूरा मामला?

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य में कृषि की प्रगति की जानकारी ली और केंद्रीय योजनाओं को तेजी से लागू करने पर जोर दिया। सबसे अहम बात ये रही कि प्रधानमंत्री-आशा (PM-AASHA) स्कीम के तहत राज्य सरकार के पीएसएस (Price Support Scheme) प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई।

कितनी फसल की ख़रीद होगी और क्या है MSP?

केंद्र सरकार ने जो मंज़ूरी दी है, उसके तहत अगले रबी सीजन में छत्तीसगढ़ के किसानों से MSP पर ये फसल खरीदी जाएगी:

1.चना 

  • Approved Quantity: 63,325 मीट्रिक टन (कुल अनुमानित उत्पादन का 25 फीसदी)
  • MSP (2025-26): 58,750 रुपये प्रति मीट्रिक टन

कुल मूल्य: लगभग 372 करोड़ रुपये

2.मसूर (दाल) 

  • Approved Quantity: 5,360 मीट्रिक टन (कुल अनुमानित उत्पादन का 100 फीसदी)
  • MSP: 70,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन

कुल मूल्य: लगभग 37.5 करोड़ रुपये

3.सरसों 

  • Approved Quantity: 3,020 मीट्रिक टन (कुल अनुमानित उत्पादन का 25 फीसदी)
  • MSP: 62,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन

कुल मूल्य: लगभग 18.7 करोड़ रुपये

कुल मिलाकर, इस एक फैसले से छत्तीसगढ़ के किसानों को MSP के आधार पर लगभग 428 करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?

1.मूल्य की गारंटी: किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित होगा। बाजार में भाव गिरने पर भी उन्हें MSP मिलेगा।

2.आमदनी में इज़ाफा: सीधे तौर पर किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

3.नकदी की उपलब्धता: खरीद प्रक्रिया से किसानों को तुरंत नकद भुगतान मिल सकेगा, जिससे अगली फसल की तैयारी में आसानी होगी।

4.क्रॉप डायवर्सिफिकेशन को बढ़ावा: दलहन और तिलहन जैसी फसलों के लिए MSP की गारंटी से किसान इनकी ओर अट्रैक्ट होंगे, जिससे राज्य में Crop rotation बेहतर होगा।

ख़रीद की तैयारी पुख़्ता

छत्तीसगढ़ सरकार ने पहले से ही MSP पर खरीद की व्यवस्था को पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के लिए कदम उठाए हैं। राज्य के 222 खरीद केंद्रों पर बायोमेट्रिक उपकरणों (आधार-आधारित पहचान) का सफल परीक्षण किया जा चुका है। इससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और यह सुनिश्चित होगा कि लाभ सीधे असली किसानों तक पहुंचे।

क्या बोले मंत्री?

  • केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इससे किसानों को केंद्रीय योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी।
  • छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने केंद्र सरकार के इस ‘अहम फैसले’ के लिए आभार जताते हुए कहा कि इससे राज्य में MSP पर खरीद की प्रभावी व्यवस्था मजबूत होगी और किसानों का भरोसा बढ़ेगा।

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