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उत्तर प्रदेश के करोड़ों किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी ख़बर है। योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath government) ने किसानों की आकस्मिक दुर्घटनाओं (Accidental accidents) में आर्थिक मदद के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana) में ऐतिहासिक बदलाव करने का फैसला किया है। अब किसानों या उनके परिवार को मुआवज़ा पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। फरवरी 2026 तक इस पूरी योजना को 100 फीसदी Digital कर दिया जाएगा और मुआवजे की राशि सीधे Beneficiary के बैंक खाते में पहुंचेगी।
क्या है पूरी योजना?
ये स्कीम साल 2019 में शुरू की गई थी और इसका एक ही मकसद था- खेतों में काम करते हुए हुई अचानक दुर्घटना में किसान की मौत या अपंगता होने पर उसके परिवार को आर्थिक मदद देना। अब तक 29,394 से ज्यादा किसान परिवारों को इस योजना का फायदा मिल चुका है। लेकिन, पुरानी व्यवस्था में आवेदन, कागज़ात जमा करना और मंजूरी का लंबा इंतजार जैसी दिक्कतें थीं। नई डिजिटल व्यवस्था इन सभी समस्याओं को दूर कर देगी।
कितना मिलता है मुआवजा? जानिए पूरी डिटेल
इस योजना के तहत मिलने वाले मुआवजे को समझना जरूरी है:
1.किसान की मृत्यु होने पर: परिवार को 5 लाख रुपये।
2.दोनों आंखों की रोशनी या दोनों हाथ-पैर खोने पर: 5 लाख रुपये।
3.एक हाथ और एक पैर खोने पर: 2 से 3 लाख रुपये।
4.शरीर का 25 प्रतिशत से 50 फीसदी हिस्सा स्थायी रूप से अक्षम होने पर: 1 से 2 लाख रुपये।
किन हादसों में मिलेगा यह फायदा?
योजना की ख़ास बात ये है कि ये सिर्फ खेत में हुई दुर्घटना तक सीमित नहीं है। यहां 25 से ज्यादा घटनाओं को इसमें शामिल किया गया है:
- पेड़ गिरने या भूस्खलन से चोट
- खेत या सफर के दौरान हादसा
- बिजली गिरना, बाढ़ में बह जाना
- जहरीले जानवर या कीट के काटने से नुकसान
- करंट लगना या आग लगना
- मकान गिरना या लूट-पिटाई की घटना
डिजिटल सिस्टम से कैसे मिलेगा लाभ?
सरकार National Informatics Center (NIC) की मदद से एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल और सॉफ्टवेयर (Special online portals and software) तैयार कर रही है। इसकी मदद से-
Step 1.ऑनलाइन एप्लीकेशन: किसान घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से अप्लाई कर सकेंगे।
Step 2.ऑनलाइन दस्तावेज़ अपलोड: सभी ज़रूरी कागजात, जैसे एफआईआर, चिकित्सा रिपोर्ट, जमाबंदी वगैरह सीधे पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे।
Step 3.ट्रैक कर सकेंगे पोजिशन: एप्लिकेशन कहां तक पहुंचा, किस अधिकारी के पास है, ये सब ऑनलाइन देख सकेंगे।
Step 4.मुआवजा सीधे खाते में: सब कुछ ठीक होने पर मुआवजे की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे किसान के बैंक खाते में आ जाएगी।
आसान होगा एप्लीकेश प्रोसेस
नये डिजिटल प्रोसेस में सिर्फ चार आसान स्टेप होंगे:
- पोर्टल पर जाकर एप्लीकेशन फॉर्म भरना।
- ज़रूरी दस्तावेज अपलोड करना।
- अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन सत्यापन।
- मंजूरी के बाद बैंक खाते में पैसा आना।
क्या हैं बड़े फायदे?
इस डिजिटल पहल के कई पॉजिटिव रिज़ल्ट होंगे-
1.समय और पैसे की बचत: दफ्तरों के चक्कर खत्म
2.क्लियरिटी: हर स्टेप ऑनलाइन दिखेगा, भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम
3.फौरन मदद: प्रोसेस तेज होने से परिवार को समय पर राहत मिलेगी
4.डिजिटल भारत को बढ़ावा: ग्रामीण इलाकों में ई-गवर्नेंस और डिजिटल साक्षरता (E-governance and digital literacy) बढ़ेगी
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