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भारत में कृषि क्षेत्र में बागवानी उत्पादन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह न केवल किसानों की आय को बढ़ाता है, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और पोषण की आवश्यकता को भी पूरा करता है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 2023-24 और 2024-25 के बागवानी उत्पादन के आंकड़े (Horticulture Production Data) जारी किए हैं, जो देश में बागवानी के क्षेत्र में हो रही बढ़ोतरी और विकास को दर्शाते हैं।
2023-24 के बागवानी उत्पादन आंकड़े (Horticulture production Data for 2023-24)
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 2023-24 के बागवानी उत्पादन आंकड़ों (Horticulture Production Data) को मंज़ूरी दी है। इस वर्ष देश में बागवानी उत्पादन लगभग 354.74 मिलियन टन होने का अनुमान है। 2022-23 के मुकाबले यह आंकड़ा 2.28% अधिक है। बागवानी उत्पादन में यह वृद्धि देश में कृषि क्षेत्र के विकास और बागवानी फ़सलों के प्रति बढ़ते ध्यान को दिखाता है।
विभिन्न बागवानी फ़सलों का उत्पादन (Production of various horticultural crops)
वर्ष 2023-24 में बागवानी फ़सलों के उत्पादन में वृद्धि देखी गई है। इनमें फलों, सब्जियों, फूलों, औषधीय पौधों और मसालों के उत्पादन में प्रमुख वृद्धि हुई है।
- फलों का उत्पादन: 2023-24 में फलों का उत्पादन 1129.78 लाख टन होने का अनुमान है। आम, केला, शरीफा, अंगूर और कटहल जैसे प्रमुख फलों का उत्पादन बढ़ा है।
- सब्जियों का उत्पादन: 2023-24 में सब्जियों का उत्पादन 2072.08 लाख टन होने का अनुमान है। टमाटर, लौकी, गोभी, गाजर, करेला और खीरे के उत्पादन में वृद्धि देखी गई है।
- प्याज का उत्पादन: 2023-24 में प्याज का उत्पादन 242.67 लाख टन होने का अनुमान है, जो 2022-23 के 302.08 लाख टन से कम है।
- सुगंधित और औषधीय पौधों का उत्पादन: इस क्षेत्र में 19.44% की वृद्धि देखी गई है। 2022-23 में 6.08 लाख टन से बढ़कर 2023-24 में यह आंकड़ा 7.26 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है।
- फूलों का उत्पादन: फूलों के उत्पादन में भी वृद्धि देखी गई है। 2022-23 में 30.97 लाख टन के मुकाबले 2023-24 में 35.35 लाख टन होने का अनुमान है।
- मसालों का उत्पादन: मसालों में जीरा, सौंफ, अदरक और लाल मिर्च का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। 2023-24 में मसालों का कुल उत्पादन लगभग 124.84 लाख टन होने का अनुमान है।
2024-25 के बागवानी उत्पादन के अनुमान (Horticulture Production Estimates for 2024-25)
केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 2024-25 के बागवानी उत्पादन के पहले अग्रिम अनुमान भी जारी किए हैं। इसमें बागवानी उत्पादन में 2.07% (73.42 लाख टन) की वृद्धि की उम्मीद जताई गई है।
- फलों का उत्पादन: 2024-25 में फलों का उत्पादन 1132.26 लाख टन तक पहुंचने की उम्मीद है, जो 2023-24 के अनुमान से 2.48 लाख टन अधिक है।
- सब्जियों का उत्पादन: 2024-25 में सब्जियों का उत्पादन 2145.63 लाख टन होने की उम्मीद है, जो 2023-24 के 2072.08 लाख टन से अधिक है।
- प्याज का उत्पादन: प्याज का उत्पादन 2024-25 में 288.77 लाख टन होने का अनुमान है, जो 2023-24 से 46.10 लाख टन अधिक है।
- बागवानी फ़सलों का उत्पादन: बागवानी फ़सलों का उत्पादन 179.37 लाख टन होने का अनुमान है, जो 2023-24 के 176.66 लाख टन से अधिक है।
- मसालों का उत्पादन: मसालों का उत्पादन 119.96 लाख टन होने का अनुमान है। लहसुन और हल्दी के उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद है।
भारत में बागवानी क्षेत्र की प्रगति (Progress of Horticulture Sector in India)
भारत में बागवानी फ़सलों के उत्पादन में वृद्धि देश के कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों का सकारात्मक प्रभाव किसानों की आय और बागवानी उत्पादन पर पड़ा है। बागवानी उत्पादन के आंकड़े (Horticulture Production Data), यह दर्शाते हैं कि भारत में बागवानी क्षेत्र में लगातार विकास हो रहा है।
निष्कर्ष (Conclusion)
भारत के बागवानी क्षेत्र में होने वाली इस वृद्धि के कारण कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव आ रहा है। आने वाले वर्षों में बागवानी फ़सलों के उत्पादन में और वृद्धि की उम्मीद है, जो किसानों की आय बढ़ाने और देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में सहायक होगा। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि बागवानी उत्पादन में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है, जो भारतीय कृषि के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
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