Table of Contents
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR–IARI), नई दिल्ली, इस वर्ष राष्ट्रीय किसान दिवस को एक बिल्कुल नए और सार्थक दृष्टिकोण के साथ मनाने जा रहा है। इसी क्रम में IARI National Farmers Conclave 2025 का आयोजन किया जा रहा है, जो किसानों की रचनात्मक सोच, प्रयोगशीलता और ज़मीनी नवाचारों को देश की कृषि मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है। ये कॉन्क्लेव उन किसानों को केंद्र में रखता है, जिन्होंने अपने अनुभवों और मेहनत से खेती को नया रास्ता दिखाया है।
किसान दिवस को नया अर्थ देने की पहल
किसान दिवस पर होने वाला ये आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि IARI National Farmers Conclave 2025 के माध्यम से किसानों को नीति, विज्ञान और समाज के केंद्र में लाने की कोशिश है। ये पहल भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के उस विचार से प्रेरित है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब किसान समृद्ध होगा, तभी देश सही मायनों में आगे बढ़ पाएगा। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए IARI ने इस कॉन्क्लेव को किसानों के नवाचारों के लिए समर्पित किया है।
Farmer-to-Farmer Learning को मिलेगी नई ताक़त
इस बार IARI National Farmers Conclave 2025 की सबसे बड़ी खासियत ये है कि मंच पर विशेषज्ञ नहीं, बल्कि वही किसान होंगे जो अपने खेतों में नवाचार कर चुके हैं। पिछले वर्षों में IARI द्वारा सम्मानित किसान नवप्रवर्तक खुद अपने अनुभव साझा करेंगे। वे बताएंगे कि किस तरह सीमित संसाधनों में उन्होंने नई तकनीकें अपनाईं, उत्पादन बढ़ाया और जोखिमों का समाधान खोजा। ये किसान–से–किसान सीख की प्रक्रिया को और मज़बूत बनाएगा।
दो दिवसीय आयोजन, देशभर से भागीदारी
संस्थान के निदेशक के अनुसार IARI National Farmers Conclave 2025 का आयोजन 23 और 24 दिसंबर 2025 को किया जाएगा। ये दो दिन किसानों के संवाद, अनुभव साझा करने और सामूहिक सीख के लिए समर्पित होंगे। इस कार्यक्रम में देश के लगभग 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से किसान भाग लेंगे, जिससे ये एक राष्ट्रीय स्तर का संवाद मंच बन जाएगा।
नीति और ज़मीन के अनुभवों के बीच संवाद
कॉन्क्लेव के दूसरे दिन IARI National Farmers Conclave 2025 में किसानों और नीति-निर्माताओं के बीच सीधा संवाद देखने को मिलेगा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री किसानों से बातचीत करेंगे और उनके सामने आने वाली चुनौतियों, नवाचारों और अपेक्षाओं को सुनेंगे। इससे ये मंच नीतियों और जमीनी हकीकत के बीच सेतु का काम करेगा।
तकनीकी सत्रों में खेती के विविध पहलू
IARI National Farmers Conclave 2025 के दौरान कुल छह तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में खेती से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा होगी, जैसे प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन, बागवानी और फ़सल विविधीकरण, महिला किसानों की भूमिका, समूह आधारित उद्यमिता, कृषि यंत्रीकरण और किसानों द्वारा विकसित नवाचारों का सत्यापन एवं प्रसार। इन सत्रों का उद्देश्य ये दिखाना है कि खेती केवल उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि ज्ञान और नवाचार का क्षेत्र भी है।
महिला किसानों और समूहों पर विशेष फ़ोकस
इस आयोजन में महिला किसानों की भूमिका को भी विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। IARI National Farmers Conclave 2025 के माध्यम से ये संदेश दिया जाएगा कि कृषि नवाचार केवल पुरुषों तक सीमित नहीं हैं। स्वयं सहायता समूहों और महिला किसानों द्वारा अपनाए गए नए तरीकों को सामने लाकर उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे भी मुख्यधारा में अपनी पहचान बना सकें।
नवाचारों का सत्यापन और विस्तार
कई बार किसान अपने स्तर पर बेहतरीन प्रयोग करते हैं, लेकिन वे व्यापक स्तर तक नहीं पहुंच पाते। IARI National Farmers Conclave 2025 ऐसे नवाचारों को पहचानने, वैज्ञानिक रूप से परखने और उन्हें अन्य क्षेत्रों तक पहुंचाने की रणनीतियों पर भी चर्चा करेगा। इससे किसानों के नवाचार सिर्फ़ स्थानीय नहीं रहेंगे, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जा सकेंगे।
टिकाऊ और समावेशी कृषि की ओर कदम
आज जब खेती जलवायु परिवर्तन, लागत बढ़ने और संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, तब IARI National Farmers Conclave 2025 टिकाऊ कृषि के रास्तों पर भी फ़ोकस करेगा। प्राकृतिक खेती, संसाधन संरक्षण और कम लागत में बेहतर उत्पादन जैसे विषयों पर किसान अपने व्यावहारिक अनुभव साझा करेंगे, जो अन्य किसानों के लिए मार्गदर्शक बनेंगे।
भारतीय कृषि के भविष्य की दिशा
कुल मिलाकर IARI National Farmers Conclave 2025 भारतीय कृषि को नवाचार-आधारित, समावेशी और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ये मंच किसानों को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि ज्ञान के स्रोत के रूप में स्थापित करता है। यहां से निकलने वाले अनुभव, सुझाव और सीख आने वाले समय में कृषि नीतियों और विस्तार कार्यक्रमों को नई दिशा दे सकते हैं।
ये कॉन्क्लेव ये स्पष्ट संदेश देता है कि भारत की कृषि का भविष्य प्रयोगशील किसानों, उनके नवाचारों और साझा सीख पर टिका है। IARI National Farmers Conclave 2025 उसी भविष्य की नींव मज़बूत करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
ये भी पढ़ें : राजस्थान की ‘मंगला योजना’ के तहत पशुओं का बीमा पूरी तरह मुफ़्त, शिविर आयोजित
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुंचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

