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23 दिसंबर तारीख़ हर भारतीय के दिल में एक ख़ास सम्मान जगाती है। ये दिन भारत के पांचवें प्रधानमंत्री, चौधरी चरण सिंह (India’s fifth Prime Minister, Chaudhary Charan Singh) के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें किसानों के मसीहा के रूप में जाना जाता है। उनकी पैदाइश को ‘National Farmers’ Day’ घोषित करने का उद्देश्य सिर्फ श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि देश के अन्नदाता के प्रति हमारे संकल्प को नए सिरे से याद दिलाना है। ये दिन किसानों के अथक मेहनत, चुनौतियों और उनकी अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका को सलाम करने का अवसर है।
‘राष्ट्रीय किसान दिवस’ सिर्फ एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का प्रतीक है। भारत का किसान अब केवल हल चलाने वाला नहीं, बल्कि ड्रोन उड़ाने वाला, ऐप इस्तेमाल करने वाला और बाजार का निपुण खिलाड़ी बन रहा है।
क्यों है ये दिन ज़रूरी?
भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां 50 फीसदी से ज़्यादा आबादी की आजीविका कृषि पर निर्भर है। किसान दिवस हमें ये एहसास दिलाता है कि देश की खाद्य सुरक्षा और आर्थिक रीढ़ की हड्डी यही किसान हैं। चौधरी चरण सिंह ने किसानों के अधिकारों और कल्याण के लिए कई कानून बनाए। उन्हीं के विचारों को आगे बढ़ाते हुए आज देश कृषि के एक नए युग में कदम रख रहा है।
किसानों के लिए स्कीम और टेक्नोलॉजी
पहले किसान मानसून और पारंपरिक खेती पर निर्भर थे। आज सरकारी योजनाएं और कृषि तकनीक (Agri-Tech) के साथ खेती में नये-नये इनोवेशन गेम-चेंजर साबित हो रहे हैं।
- ई-NAM (नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट)
ये एक ऑनलाइन नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (Online National Agriculture Market) है जो किसानों को देश भर के ख़रीदारों से सीधे जोड़ता है। इससे बिचौलियों की दखलंदाजी कम हुई है और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने लगा है। - कृषि ड्रोन और सेंसर तकनीक
आज ड्रोन से खेतों में कीटनाशक छिड़काव हो रहा है। Sensor Technology से मिट्टी की नमी और पोषक तत्वों का पता चलता है, जिससे सही समय पर सही निर्णय लेकर पैदावार बढ़ाई जा रही है। - मृदा स्वास्थ्य कार्ड
इससे किसान को अपने खेत की मिट्टी की सेहत का पता चलता है और वह उसी के अनुसार खाद और उर्वरकों को यूज़ कर पाता है। इससे लागत कम हुई है और उपज की क्वालिटी बढ़ी है।
किसानों की आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते
सिर्फ फ़सल उगाना ही नहीं, अब मूल्य संवर्धन (Value Addition) पर ज़ोर दिया जा रहा है। सरकार किसानों को फल-सब्जियों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के लिए प्रोत्साहित कर रही है ताकि वे सीधे बाजार तक पहुंच सकें और अपनी आमदनी बढ़ा सकें। साथ ही, पशुपालन, मछली पालन और मधुमक्खी पालन जैसे संबंधित क्षेत्रों को बढ़ावा देकर आमदनी के एक्स्ट्रा सोर्स पैदा किए जा रहे हैं।
भविष्य का रोडमैप: नई उड़ान
सरकार का ‘किसान दीर्घायु योजना’ और ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ जैसे कदम जोखिम को कम करने में मददगार हैं। आगे का प्लान और भी बड़ा है:
1.किसान ड्रोन योजना: ड्रोन तकनीक को और सस्ता व सुलभ बनाना ताकि छोटा किसान भी इसका फायदा उठा सके।
2.नेट जीरो एमिशन फार्मिंग: जैविक खेती और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर पर्यावरण को बचाना और लागत घटाना।
3.FPOs (फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) को मजबूती: छोटे किसानों को समूह बनाकर बड़े बाजार से जोड़ना, ताकि उनकी मोलभाव करने की ताकत बढ़े।
4.डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: हर गांव में High-speed internet and digital literacy से किसानों को ग्लोबल बाज़ार से जोड़ना।
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

